वाराणसी। पीएम नरेँद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के नमो घाट पर वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित एयरफोर्स शो में आस्था और राष्ट्रभक्ति का संगम देखा। ‘विंग्स ओवर गंगा’ के दौरान डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चले एयर शो के दौरान वंदे मातरम के स्वर गूंजे। तीन सूर्य किरण विमानों ने अंग्रेजी अक्षर ‘वी’ के आकार में उड़ान भरते हुए आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरी। भगवान शिव से जुड़े पवित्र ‘ओंकार’ की आकृति बनाते हुए एमआई- 17 हेलिकॉप्टर ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर उड़ान भरी। राफेल, सुखोई, तेजस के साथ मिराज-2000, जैसे लड़ाकू विमानों ने भी हिस्सा लिया।
गंगा के दोनों तटों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। घाटों पर ठसाठस भीड़ और आसमान में उड़ते विमानों को निहार रही थीं हजारों आंखें। ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशी को रोमांच और उत्साह से भर दिया। एयर शो के पहले दिन घाटों की सीढ़ियों से लेकर छतों और नावों तक लोग विमानों की कलाबाजियां देखने के लिए जुटे रहे।

कार्यक्रम में करीब डेढ़ घंटे तक आसमान में राफेल सुखोई जगुआर सूर्यकिरण रोबोटिक टीम के साथ ही 60 से ज्यादा विमानों ने गर्जना करते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए। देशभक्ति से जुड़ी कलात्मक आकृतियां उकेरीं। इस दौरान प्रधानमंत्री की नजरें आसमान पर ही टिकी रहीं।
वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने आसमान से राष्ट्रीय झंडे के रंगों के धुएं और पुष्पवर्षा कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। जवानों के पराक्रम को देख प्रफुल्लित प्रधानमंत्री ने इशारे से ही जय हिंद का अभिवादन किया तो यह देख नमो घाट के साथ ही गंगा तट इलाके में उमड़ी विशाल भीड़ ने हर-हर महादेव और भारत माता की जयघोष के साथ तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
विशेष डाक टिकट जारी
वाराणसी भारतीय वायुसेना सेना के 94 वें स्थापना दिवस के मौके पर काशी में आयोजित एयर शो पर विशेष डाक टिकट जारी किया। इस टिकट पर उड़ान भरते विमान और काशी की सांस्कृतिक छवि को दर्शाया गया है।
पीएम का रोड शो
पुलिस लाइन से करीब 7 किमी लंबा रोड शो करते हुए प्रधानमंत्री नमो घाट पहुंचे। इस दौरान उत्सव जैसा माहौल नजर आया। होल-नगाड़े और शंखनाद के बीच लोगों ने प्रधानमंत्री कर जोरदार स्वागत किया। काशीवासियों का उत्साह देख प्रधानमंत्री ने वाहन से बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
गारमेंट फैक्ट्री की सौगात
पीएम मोदी ने गुजरात की कपड़ा निर्माता कंपनी अरविंद लिमिटेड (अरविंद मिल) द्वारा 150 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शुभारंभ किया। फैक्ट्री में बनने वाले वस्त्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पूर्वांचल में अरविंद मिल का यह पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। यहां पूर्वांचल के लोगों को रोजगार मिलेगा। महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है।
इन लड़ाकू विमानों ने दिखाया शौर्य
राफेल: राफेल फ्रांस में बना दो इंजन वाला बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,130 किमी प्रति घंटा है। इसमें आधुनिक रडार और दुश्मन के रडार से बचाव की प्रणाली है। यह दुश्मन के विमानों को रोकने, जमीन पर हमला करने और टोही जैसे मिशन में काम आता है।
तेजस: तेजस भारत में बना हल्का लड़ाकू विमान है। इसे हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। इसमें एक इंजन लगा है और इसकी अधिकतम गति लगभग 2,220 किमी प्रति घंटा है।
मिराज-2000 (वज्र) : यह फ्रांस में बना एक इंजन वाला लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना में इसे वज्र नाम से जाना जाता है। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,300 किमी प्रति घंटा है। 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट ‘आपरेशन बंदर’ में इस विमान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सुखोई-30 एमकेआई : यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जिसे रूस के सहयोग से भारत के लिए विकसित किया गया है। इसमें दो पायलट बैठ सकते हैं। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,100 किमी प्रति घंटा है। यह लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है और हवा में ईंन्धन भी भर सकता है।
जगुआर (शमशेर) : जगुआर ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग से बना दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। इसे शमशेर कहा जाता है। इसे जमीन पर दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाया गया है।














