पटना। पटना से ताल्लुक रखने वाले वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि उनकी एकमात्र बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर बहुत जल्द अधिक सक्रिय भूमिका में नजर आएंगी।
अनिल अग्रवाल 19 वर्ष की उम्र में अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए पटना से मुंबई चले गए थे। बाद में वह लंदन में शिफ्ट हो गए।
1990 के दशक में अमेरिका तथा लंदन की यात्राओं ने उन्हें वैश्विक स्तर पहचान दिलाई। अभी वह परिवार के साथ लंदन में शिफ्ट हैं।
अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ 6.3 बिलियन डॉलर (लगभग 60 हजार करोड़ रुपये) है, वहीं वेदांता ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का है। अब इस साम्राज्य को उनकी एकमात्र बेटी प्रिया अग्रवाल संभालेंगी।
इस साल जनवरी में अपने भाई अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन के बाद, प्रिया अपने पिता के साथ मजबूती से खड़ी रही हैं और उनकी करोड़ों की विरासत संभाल रही हैं।
वेदांता की रीढ़ बनीं प्रिया
वर्तमान में वह वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं।
वेदांता के साथ-साथ प्रिया भारत की सबसे अहम कंपनियों में से एक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन भी हैं। यह भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक (जस्ता) उत्पादक कंपनी है।
बिहार के लिए किया काम
प्रिया के नेतृत्व में वेदांता समूह ने जुलाई 2026 में बिहार सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है।
इसके तहत बिहार की 1,000 आंगनवाड़ियों को आधुनिक ‘नंद घर’ केंद्रों में बदलने का काम शुरू किया गया है, जिससे राज्य के 70,000 से अधिक बच्चों और महिलाओं को सीधा फायदा मिल रहा है।
नंद घर में 24 घंटे सोलर बिजली, साफ पानी के लिए वॉटर प्यूरीफायर और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
इसके लिए बच्चों के लिए स्मार्ट टीवी, ऑडियो-विजुअल किट्स और टैबलेट्स के जरिए आधुनिक तरीके से शुरुआती शिक्षा दी जाती है।














