नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में अगर सैलरी के साथ एकमुश्त बोनस भी आ जाए, तो त्योहार का मजा दोगुना हो जाता है। रेलवे के लाखों कर्मचारियों का यही इंतजार अब खत्म हो गया है। दुर्गा पूजा और दशहरा से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक ने रेलवे कर्मचारियों को बड़ा दिवाली गिफ्ट दिया है। सरकार ने सभी नॉन-गैजेटेड रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) को हरी झंडी दिखा दी है।
इस बंपर फैसले का सीधा फायदा देश के 11 लाख 40 हजार से ज्यादा रेल कर्मचारियों को होगा। इस पूरे बोनस के लिए सरकार ने 2,009.61 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट भी मंजूर कर लिया है।
किसे और कितना मिलेगा पैसा?
यह खास बोनस रेलवे के ग्रुप ‘सी’ और अन्य नॉन-गैजेटेड स्टाफ को दिया जाता है। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन और मिनिस्टीरियल स्टाफ शामिल हैं।
अगर रुपयों की बात करें, तो इस बोनस का कैलकुलेशन 7,000 रुपए की न्यूनतम सैलरी के आधार पर किया जाता है। इस हिसाब से एक योग्य कर्मचारी के खाते में अधिकतम 17,951 रुपए का बोनस आएगा।
11 साल से अटका है एक पेंच
भले ही सरकार ने 78 दिन का बोनस घोषित कर दिया है, लेकिन कर्मचारियों की एक बड़ी कसक अभी भी बाकी है। दरअसल, बोनस तय करने की 7,000 रुपए वाली यह लिमिट साल 2014-15 से यानी पिछले 11 सालों से जस की तस है। इसी वजह से कर्मचारियों की बोनस राशि भी नहीं बढ़ी है।
अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर भी मिलेगी पेंशन
केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि अब 40 प्रतिशत दिव्यांगता पर भी पेंशन मिलेगी। सरकार ने पेंशन राशि में बढ़ोतरी का भी एलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक अगले 5 वर्षों के लिए जारी रखने के ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।














