आयुष्मान भारत के आठ साल: 60 करोड़ से अधिक लोगों तक ₹5 लाख स्वास्थ्य कवर
नई दिल्ली। देश में स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए आयुष्मान भारत ने आठ वर्ष पूरे कर लिए हैं। केंद्र सरकार के अनुसार, योजना के तहत अब 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना ₹5 लाख तक के स्वास्थ्य कवर की सुविधा उपलब्ध है।
प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका भी लगातार बढ़ी है। सरकार के मुताबिक इन केंद्रों पर अब तक 500 करोड़ से अधिक विजिट दर्ज की जा चुकी हैं। यह नेटवर्क इलाज के साथ बीमारी की शुरुआती पहचान, जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
रेल सुरक्षा में बड़ी छलांग, 108 किलोमीटर के रूट पर पहली बार ‘कवच 4.0’
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रेल सुरक्षा तकनीक के क्षेत्र में नया पड़ाव हासिल किया है। दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद डिवीजन में मलकाजगिरि-कामारेड्डी के 108 रूट किलोमीटर पर कवच के उन्नत संस्करण कवच 4.0 को सफलतापूर्वक चालू किया गया है।
नए संस्करण में ट्रेन की स्थिति की अधिक सटीक पहचान, बड़े रेलवे यार्ड में बेहतर सिग्नल सूचना, स्टेशन-टू-स्टेशन ऑप्टिकल फाइबर इंटरफेस और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से सीधा जुड़ाव जैसी क्षमताएं शामिल हैं। यह तकनीक भारतीय रेल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बस्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी का नया अध्याय, तारोकी से रावघाट तक पहुंची पटरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दूरस्थ दक्षिणी क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। परियोजना के अंतिम तारोकी-रावघाट खंड का निर्माण पूरा होने के बाद सुरक्षा निरीक्षण और स्पीड ट्रायल किया गया है।
नई विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल लाइन से क्षेत्र का रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख केंद्रों से संपर्क मजबूत होगा। रेलवे के अनुसार इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार तक पहुंच बेहतर होने के साथ लौह अयस्क परिवहन और इस्पात उद्योग को भी मदद मिलेगी।
वायरस से मुकाबले की तैयारी मजबूत, देशभर के वैज्ञानिक एक मंच पर
नई दिल्ली। भविष्य की महामारियों और वायरल बीमारियों से निपटने के लिए भारत वैज्ञानिक अनुसंधान और चिकित्सा तैयारियों को मजबूत कर रहा है।
नई दिल्ली स्थित ब्रिक-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्युनोलोजी में आयोजित 9वीं मोलीक्यूलर वायरोलॉजी मीटिंग में देशभर के करीब 200 चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
वैज्ञानिकों ने वायरस की कार्यप्रणाली से लेकर वैक्सीन, डायग्नोस्टिक्स, उपचार, प्रतिरक्षा और महामारी संबंधी तैयारियों तक विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। बैठक का विशेष जोर प्रयोगशाला में होने वाले शोध को वास्तविक सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधान में बदलने पर रहा।
डिजिटल दौर में प्रसार भारती की नई उड़ान, वेव्ज पहुंचा 1.2 करोड़ यूजर्स तक
नई दिल्ली।भारत का सार्वजनिक प्रसारण तंत्र टेलीविजन और रेडियो से आगे बढ़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म की नई दुनिया में तेजी से विस्तार कर रहा है। प्रसार भारती के वेव्ज ओटीटी पर अब करीब 1.2 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता, 1.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड और 24,000 से ज्यादा कंटेंट टाइटल हैं।
वेव्ज पर लाइव टीवी, रेडियो, ऑन-डिमांड कार्यक्रम, अभिलेखीय सामग्री, शिक्षा और सांस्कृतिक कंटेंट एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं माय वेव्ज उभरते कंटेंट क्रिएटर्स को अपनी रचनाएं बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का संस्थागत मंच प्रदान करता है। यह पहल भारत की सार्वजनिक प्रसारण विरासत को डिजिटल पीढ़ी से जोड़ रही है।
आयुर्वेद को रिसर्च और इनोवेशन से जोड़ने की पहल, नए वैज्ञानिक दस्तावेज और पोर्टल लॉन्च
नागपुर। 11वें आयुर्वेद दिवस पर भारत ने पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों, शोध और इनोवेशन से जोड़ने की दिशा में कई नई पहलें सामने रखी हैं। इस वर्ष की थीम ‘आयुर्वेदा बार एक हैल्दियर टुमारो ’ रखी गई है।
राष्ट्रीय आयोजन के दौरान सेफ्टी डोजियर्स, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस, आयुष सर्विसेज सेक्टर रिपोर्ट, आयुष विजन 2030
और सीसीआरएएस-अग्नि पोर्टल जैसी पहलों को लॉन्च किया गया। वैज्ञानिक सत्रों में गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ और भविष्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में आयुर्वेद की संभावित भूमिका पर भी चर्चा हुई।
पोषण माह में संदेश: सिर्फ भोजन नहीं, ‘संतुलित भोजन’ और पर्याप्त प्रोटीन जरूरी
नई दिल्ली।राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत स्वस्थ भोजन, आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत पर विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने लोगों को सोच-समझकर खाद्य विकल्प चुनने के लिए जागरूक किया।
आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च की विशेषज्ञ डॉ. स्वाति जैन ने
डाइटरी डायवर्सिटी एंड
एडिक्वेट प्रोटीन’ विषय पर जानकारी साझा की। अभियान का व्यापक संदेश है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल पर्याप्त मात्रा में भोजन ही नहीं, बल्कि विविध और पोषण-संतुलित आहार भी आवश्यक है।
भारतीय सॉफ्ट टेनिस में इतिहास, जय मीणा ने जीता देश का पहला एशियाई खेल पदक
नई दिल्ली। भारतीय खेलों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जय मीणा ने पुरुष व्यक्तिगत सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इस खेल में भारत के पहले एशियाई खेल पदक विजेता बनने का गौरव हासिल किया है।
यह उपलब्धि ऐसे खेल के लिए विशेष महत्व रखती है जिसे भारत में क्रिकेट, हॉकी या बैडमिंटन जैसी व्यापक पहचान अभी नहीं मिली है। जय मीणा की सफलता युवा खिलाड़ियों को सॉफ्ट टेनिस जैसे उभरते खेलों की ओर आकर्षित करने में मदद कर सकती है। प्रधानमंत्री ने भी इसे भारतीय सॉफ्ट टेनिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई उपलब्धि, स्वदेशी हथियार के लिए ₹811 करोड़ का करार
नई दिल्ली। स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देते हुए रक्षा मंत्रालय ने भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के साथ करीब ₹810.79 करोड़ का समझौता किया है। इसके तहत भारतीय वायुसेना के लिए 160 सैटेलाइट स्मार्ट एंटी
-एयरफील्ड वेपंस और संबंधित उपकरण खरीदे जाएंगे।
डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित सैट-सॉ एक प्रिसिजन गाइडिड एयर-टु-ग्राउंड ग्लाइड वीपन है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इसमें लगभग 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री होगी और इसकी आपूर्ति 2027 से 2029 के बीच प्रस्तावित है। यह करार देश में रक्षा अनुसंधान, स्वदेशी उत्पादन और तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
संयुक्त राष्ट्र में विकास पर बड़ा वैश्विक मंथन, एसडीजीस से जलवायु और समुद्र स्तर तक एजेंडा
संयुक्त राष्ट्र। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की हाई लेवल वीक के दौरान दुनिया का ध्यान एक बार फिर विकास, जलवायु परिवर्तन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर केंद्रित है। 21 से 25 सितंबर तक एसडीजी मीडिया जोन में वैश्विक विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद हो रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 2015 के बाद करीब एक अरब लोगों को सुरक्षित प्रबंधित पेयजल और 1.2 अरब लोगों को सुरक्षित प्रबंधित स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच मिली है। 45 देशों ने सार्वभौमिक बिजली पहुंच हासिल की है, जबकि 54 देशों ने कम-से-कम एक नेग्लेक्टिड ट्रापिकल डिजीज का उन्मूलन किया है। हालांकि, एसडीजी लक्ष्यों में अभी काफी काम बाकी है। 24 सितंबर को समुद्र स्तर में वृद्धि के बढ़ते खतरे पर एक उच्चस्तरीय बैठक भी एजेंडे में है।













