नौ साल में 46 लाख उपकरण व्हीलचेयर, छड़ी, कान की मशीन और चश्मा — बीपीएल और कम आमदनी वाले बुजुर्गों को मुफ्त। और एक नंबर, जिस पर अकेलापन भी सुना जाता है।
नई दिल्ली, 22 सितंबर घर में एक बुजुर्ग हैं। कान से कम सुनाई देता है, घुटने जवाब दे चुके हैं, और मशीन-चश्मे का खर्च महीने के बजट में कहीं नहीं बैठता। सरकारी शिविर में यही चीजें मुफ्त मिलती हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के 21 सितंबर के बयान के मुताबिक यह योजना अब तक 8 लाख 53 हजार 728 बुजुर्गों तक पहुंच चुकी है।
योजना का नाम है राष्ट्रीय वयोश्री योजना। 2017 में शुरू हुई, और एलिम्को यानी आर्टिफिशियल लिम्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इसे चलाती है। पात्र कौन है — बीपीएल श्रेणी और कम आमदनी वाले वे बुजुर्ग, जिन्हें उम्र के साथ आई कोई कमजोरी या दिव्यांगता है।
नौ साल का हिसाब
2017-18 से 2025-26 तक 589 शिविर लगे और 46 लाख 32 हजार 716 उपकरण बंटे। ब्लिट्ज ने मंत्रालय के अपने साल-दर-साल आंकड़े जोड़कर देखे — तीनों जोड़ मंत्रालय के छपे कुल के बराबर निकले। यह अपने आप में एक जांच है, और वह पास हुई।
हर बुजुर्ग तक औसतन 5.43 उपकरण पहुंचे। यानी योजना एक चीज नहीं देती — छड़ी के साथ चश्मा, चश्मे के साथ कान की मशीन।
सबसे बड़ी बात पिछले साल की है। 2025-26 में अकेले 156 शिविर लगे और 3 लाख 36 हजार 398 बुजुर्गों को 16 लाख 42 हजार 274 उपकरण मिले। यह नौ साल में बंटे सारे उपकरणों का 35.4 फीसदी है, और सारे लाभार्थियों का 39.4 फीसदी। एक साल में करीब वही काम, जो उससे पहले के आठ साल में आधे से ज्यादा हुआ था।
2025-26 में एक शिविर में औसतन 10,527 उपकरण बंटे, जबकि नौ साल का औसत 7,865 है।
14567 — वह नंबर
एल्डरलाइन 1 अक्टूबर 2021 को शुरू हुई थी। नंबर है 14567, और यह मुफ्त है। इस पर जानकारी भी मिलती है, कानूनी राह भी, और जरूरत पड़ने पर मौके पर मदद भी — छोड़ दिए जाने, बदसलूकी, या सिर्फ मन भारी होने जैसे मामलों में।
2021-22 से 2025-26 तक इस पर 29 लाख से ज्यादा कॉल आईं, और राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान को इसके लिए 162 करोड़ 21 लाख रुपये दिए गए। ब्लिट्ज का हिसाब कहता है कि एक कॉल पर करीब 559 रुपये खर्च हुए।
तीसरा हिस्सा है बुजुर्गों की देखभाल करने वालों की ट्रेनिंग। 2023-24 में शुरू हुई इस योजना में अब तक 35,480 लोग ट्रेंड हुए हैं। इस पर 81 करोड़ 34 लाख रुपये खर्च हुए, यानी एक ट्रेनिंग पर करीब 22,926 रुपये। यह नौकरी का रास्ता भी है : शहरों में ट्रेंड केयरगिवर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
तीनों हिस्से मिलकर एक ही चीज बनाते हैं — बुजुर्ग अपने घर में, अपने पैरों पर, इज्जत के साथ रह सके।
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
एक नजर में
•राष्ट्रीय वयोश्री योजना के शिविर, 2017-18 से 2025-26 : 589
•लाभार्थी बुजुर्ग : 8,53,728
•बंटे उपकरण : 46,32,716
•एल्डरलाइन पर आई कॉल : 29 लाख से ज्यादा
•ट्रेंड केयरगिवर : 35,480
•हेल्पलाइन नंबर : 14567 (मुफ्त)
तुलना
•2025-26 में बंटे उपकरण : 16,42,274 — नौ साल के कुल का 35.4%
•2025-26 के लाभार्थी : 3,36,398 — नौ साल के कुल का 39.4%
•2024-25 के लाभार्थी : 1,54,172
पिछले साल लाभार्थियों की संख्या उससे पिछले साल के मुकाबले 2.18 गुना रही।
हमारा हिसाब
46,32,716 उपकरण ÷ 8,53,728 बुजुर्ग = हर बुजुर्ग तक 5.43 उपकरण। एल्डरलाइन : 162.21 करोड़ रुपये ÷ 29 लाख कॉल = हर कॉल पर करीब 559 रुपये।
•केयरगिवर : 81.34 करोड़ रुपये ÷ 35,480 = हर ट्रेनिंग पर करीब 22,926 रुपये। मंत्रालय ने इनमें से कोई आंकड़ा नहीं दिया।
भारत को क्या मिला
सबसे कम आमदनी वाले घरों के बुजुर्गों को वह चीज मुफ्त, जिसके बिना वे घर में ही कैद हो जाते। और एक नंबर, जो उन्हें अकेला नहीं छोड़ता।
ब्लिट्ज की सराहना
एलिम्को और राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान, जिन्होंने पिछले एक साल में योजना की रफ्तार दोगुनी से ज्यादा कर दी।
आंकड़े सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की 21 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति (रिलीज आईडी 2313057) से; pib.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज़ की सलाह
शिविर की तारीख गांव तक पहुंचे, यही सबसे बड़ी अड़चन है। पंचायत के नोटिस बोर्ड और राशन की दुकान पर शिविर से दस दिन पहले एक पर्चा — इससे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए, और वह जिला प्रशासन के हाथ में है।
कोर सेक्टर 4.8% बढ़ा
नई दिल्ली, 22 सितंबर। आठ बुनियादी उद्योगों का सूचकांक अगस्त 2026 में पिछले साल के अगस्त के मुकाबले 4.8 फीसदी बढ़ा, जबकि जुलाई में यह 5.0 फीसदी था। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 21 सितंबर 2026 को ये अस्थायी आंकड़े जारी किए। सीमेंट 12.5 फीसदी और बिजली 11.6 फीसदी बढ़ी, जबकि कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरक घटे।
ब्लिट्ज का हिसाब बताता है कि महीने की पूरी बढ़त में अकेले बिजली का हिस्सा करीब 78 फीसदी रहा — सूचकांक में उसका भार ही सबसे ज्यादा, 30.932 है।
टैंक की बिजली अब देसी
नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026रक्षा मंत्रालय ने टी-72 और टी-90 टैंकों के लिए सहायक विद्युत इकाइयों का 586 करोड़ रुपये का अनुबंध एक्यूरेट इंडस्ट्रियल कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इस पर दस्तखत हुए।
यह इकाई टैंक के फायर कंट्रोल सिस्टम, फायरिंग सर्किट और गन स्टेबिलाइजेशन को बिजली देती है, वह भी बिना मुख्य इंजन चलाए। सीधा मतलब यह है कि टैंक अपनी जगह पर चुपचाप खड़ा रह सकता है। मंत्रालय के मुताबिक यह खरीद मेक-टू रास्ते से हुई है, जिसमें विकास का खर्च उद्योग उठाता है और सरकार खरीदने का भरोसा देती है।
हाईवे डिजाइन के नए नियम
नई दिल्ली, 22 सितंबर. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 21 सितंबर 2026 को एक्सप्रेसवे से अलग, पहुंच-नियंत्रित तेज रफ्तार राष्ट्रीय राजमार्गों के डिजाइन के लिए एक जैसे नियम जारी किए। प्राधिकरण खुद कहता है कि अब तक इस श्रेणी की सड़क के लिए अलग मानक थे ही नहीं, इसलिए हर परियोजना रिपोर्ट अपने हिसाब से बनती थी।
अब चौड़ाई यातायात से तय होगी। 15 हजार वाहन तक 60 मीटर, 15 से 25 हजार पर 70 मीटर। और 25 से 40 हजार वाहन पर छह लेन के साथ 70 मीटर।
दो बातें सीधे लोगों की जान से जुड़ी हैं। निकास और प्रवेश की जानकारी ड्राइवर को पहले से देनी होगी — तेज रफ्तार पर आखिरी पल में लेन बदलना सबसे बड़ी वजह है। और कॉरिडोर के बाहरी किनारे पर एक मीटर ऊंची दीवार बनेगी, जो कब्जे, बिना इजाजत घुसने और आवारा मवेशियों को रोकेगी।
कुरुक्षेत्र आईटीआई को 320 करोड़
नई दिल्ली, 22 सितंबर. कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की राष्ट्रीय संचालन समिति ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र आईटीआई क्लस्टर के लिए 320 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की है। जिंदल नवीन अवसर लिमिटेड हरियाणा सरकार के साथ एंकर उद्योग साझेदार होगी।
क्लस्टर में सात सरकारी आईटीआई हैं — कुरुक्षेत्र हब, और स्पोक के तौर पर महिला आईटीआई कुरुक्षेत्र, कैथल, महिला आईटीआई कैथल, पेहोवा, पबनावा और महिला आईटीआई अंबाला सिटी। सात में तीन महिला आईटीआई हैं।
पीएम-सेतु के तहत अब तक 10 क्लस्टरों पर कुल 2,491 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। ब्लिट्ज के हिसाब से एक क्लस्टर पर औसत 249.1 करोड़ रुपये बैठता है, यानी कुरुक्षेत्र को औसत से 28.5 फीसदी ज्यादा मिला है।
दवा सुरक्षा में भारत आठवें पर
नई दिल्ली, 22 सितंबरविश्व स्वास्थ्य संगठन के मरीज-सुरक्षा डेटाबेस में योगदान के मामले में भारत 2009 से 2014 के बीच 123वें नंबर पर था। अब आठवें पर है — 115 पायदान की छलांग। यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने नई दिल्ली में कही।
इस नंबर का मतलब समझना जरूरी है। यह नहीं बताता कि भारत की दवाएं कितनी सुरक्षित हैं। यह बताता है कि भारत दुनिया के साझा रिकॉर्ड में कितनी जानकारी डाल रहा है। रिपोर्टिंग की आदत ही वह चीज है, जो कोई भी स्वास्थ्य तंत्र बना सकता है — और भारत ने बनाई।
देश में करीब 1,150 केंद्र हैं, जहां दवा के बुरे असर की सूचना दर्ज होती है। सरकार इसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना चाहती है। उसी दिन राष्ट्रीय फार्मुलेरी का सातवां संस्करण भी जारी हुआ, जिसमें 653 दवाएं हैं। सरकार ने बायोविजिलेंस कार्यक्रम को भी मंजूरी दी। यह अंग और ऊतक प्रत्यारोपण से जुड़ी दवाओं पर नजर रखेगा।
पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया अभ्यास
पिथौरागढ़, 22 सितंबर।भारत और मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास नोमैडिक _एलिफेंट_ 21 सितंबर को पिथौरागढ़ में शुरू हुआ। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
सेकी के पंद्रह साल
नई दिल्ली, 22 सितंबर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने 21 सितंबर को नई दिल्ली में अपना पंद्रहवां स्थापना दिवस मनाया। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि निगम साफ ऊर्जा के लक्ष्य में अपनी केंद्रीय भूमिका निभाता रहेगा। यह नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के उसी दिन के बयान से है।
नई दिल्ली, 22 सितंबरवैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद ने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के साथ माय भारत पोर्टल पर विज्ञान और नवाचार प्रश्नोत्तरी शुरू की। यह परिषद के 85वें स्थापना दिवस के मौके पर हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह बताया।
यह डेस्क इसे शोध का नतीजा नहीं, बल्कि पहुंच का कार्यक्रम मानकर दर्ज कर रहा है। इसका असर अभी नापा नहीं जा सकता, और यह डेस्क ऐसा कोई दावा नहीं कर रहा।
जयशंकर यूएनजीए में भारत का नेतृत्व करेंगे
नई दिल्ली, 22 सितंबरविदेश मंत्री एस. जयशंकर न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उच्चस्तरीय सप्ताह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वे 26 सितंबर को उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करेंगे। यह जानकारी आकाशवाणी ने दी।
यह साल का वह इकलौता मौका है, जब हर सदस्य देश एक ही मंच से बोलता है।














