एशिया कप: सलामी के 129, स्पिन के 7
दुबई, 14 सितंबर 2026दुबई में महिला एशिया कप का फाइनल भारत ने दो बार जीता। पहली बार तब, जब शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने 77 गेंदों में 129 रन जोड़ दिए। दूसरी बार तब, जब श्री चरानी और दीप्ति शर्मा ने आठ ओवर में श्रीलंका के सात विकेट निकाल लिए। नतीजा 72 रन की जीत और आठवां एशिया कप खिताब। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के 13 सितंबर 2026 के फाइनल के स्कोरकार्ड में यह पूरा हिसाब दर्ज है।
77 गेंद, 129 रन
भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। पचास रन 30 गेंदों में, सौ रन 62 गेंदों में आए। पावरप्ले के छह ओवर में 57 रन बने और एक भी विकेट नहीं गिरा। शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो छक्के थे। मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन बनाए। भारत के कुल 183 रनों में से 70 फीसदी इसी सलामी जोड़ी से आए। यह डेस्क का अपना हिसाब है। आखिरी पांच गेंदों पर गुनालन कमलिनी के 15 रनों ने रन गति 9.15 प्रति ओवर तक पहुंचा दी।
श्रीलंका ने लड़ाई छोड़ी नहीं थी। कप्तान चमारी अथापत्थु ने 32 गेंदों में 36 रन बनाए। 9.3 ओवर में स्कोर 62 पर दो विकेट था और पीछा चल रहा था। फिर अगले 10.3 ओवर में बाकी आठ विकेट सिर्फ 49 रन पर गिर गए।
आठ ओवर, 39 रन, सात विकेट
यह काम दो गेंदबाजों ने किया। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरानी ने चार ओवर में 20 रन देकर चार विकेट लिए, एक ओवर मेडन। ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में 19 रन देकर तीन विकेट लिए, जिसमें रिचा घोष के हाथों अथापत्थु का स्टंपिंग शामिल है। दोनों मिलाकर आठ ओवर, 39 रन, दस में से सात विकेट। श्रीलंका 5.55 की रन गति से खेली, भारत 9.15 से। डेस्क के हिसाब से भारत 65 फीसदी तेज था। शेफाली को गेंद से भी एक विकेट मिला और उन्हें मैच और सीरीज, दोनों की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
दस में से आठ खिताब
इस फाइनल ने एक पुराना हिसाब भी चुकाया। 2024 के फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराया था। आकाशवाणी की 14 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक यह एशिया कप फाइनल में श्रीलंका पर भारत की छठी जीत है। 2004 से अब तक खेले गए दस एशिया कप में भारत ने आठ जीते हैं। बाकी दो 2018 में बांग्लादेश और 2024 में श्रीलंका के हिस्से गए। स्कोरकार्ड की एक और बात पाठक के काम की है। दोनों अंपायर सलीमा इम्तियाज और शथिरा जाकिर, टीवी अंपायर रोकेया सुल्ताना, रिजर्व अंपायर हुमैरा फराह और मैच रेफरी सुप्रिया दास, सभी महिलाएं थीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने टूर्नामेंट का हर मैच जीता और ये खिलाड़ी देश के युवाओं की प्रेरणा हैं।
(फोटो नहीं — यह खाना खाली रखें : फाइल करते समय मैच की जो तस्वीरें उपलब्ध थीं, वे टूर्नामेंट और बोर्ड के कॉपीराइट वाले फ्रेम हैं। 14 सितंबर 2026 को सुबह 8:45 तक पीआईबी गैलरी, pmindia.gov.in या प्रधानमंत्री के हैंडल पर टीम की कोई सरकारी तस्वीर नहीं आई थी। इसकी जगह नीचे ब्लिट्ज डेटा कार्ड चलेगा। दोपहर 2 बजे के स्लॉट से पहले पीआईबी गैलरी और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के हैंडल फिर देखें।)
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
दुबई, 14 सितंबर 2026एक नजर में भारत 20 ओवर में 183/5 (रन गति 9.15) · श्रीलंका 20 ओवर में 111 ऑल आउट (रन गति 5.55) · जीत 72 रन से · पहला विकेट 77 गेंदों में 129 पर (शेफाली 68, मंधाना 59) · श्री चरानी 4 विकेट 20 रन पर, दीप्ति शर्मा 3 विकेट 19 रन पर · भारत का आठवां एशिया कप।
तुलना
रन गति, भारत ██████████████████████████████ 9.15
रन गति, श्रीलंका ██████████████████ 5.55
भारत ने हर ओवर में श्रीलंका से 65 फीसदी तेज रन बनाए।
हमारा हिसाब यहीं निकाला — 129 ÷ 183 = 70 फीसदी रन सलामी जोड़ी के। चरानी और दीप्ति : 4 + 4 = 8 ओवर, 20 + 19 = 39 रन, 4 + 3 = 7 विकेट, यानी दस में से सात। श्रीलंका के आखिरी आठ विकेट : 111 − 62 = 49 रन। दस में से आठ खिताब = 80 फीसदी, संस्करणों की गिनती डेस्क की अपनी।
भारत को क्या मिला टी20 एशिया कप चौथी बार भारत के पास, और एक ऐसा गेंदबाजी आक्रमण जिसने फाइनल स्पिन से बंद किया।
ब्लिट्ज की सराहना शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, श्री चरानी, दीप्ति शर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर, दोनों छोर से जीते गए फाइनल के लिए।
आंकड़े ईएसपीएनक्रिकइन्फो के फाइनल स्कोरकार्ड (दुबई, 13 सितंबर 2026) और आकाशवाणी (14 सितंबर 2026) से; cricinfo.com और newsonair.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
बोर्ड इस टूर्नामेंट का मैच-दर-मैच विकेट और रन गति का रिकॉर्ड खुले डेटा के रूप में जारी करे। जिस टीम ने हर मैच जीता हो, उसके आंकड़ों में छिपाने को कुछ नहीं होता, और अगली पीढ़ी के कोच तालिकाओं से सीखते हैं।
तीरंदाजी वर्ल्ड कप फाइनल: धीरज पहले भारतीय पुरुष
साल्टिलो, 14 सितंबर 2026पहले 3-1 से पीछे, फिर 5-3 से पीछे। धीरज बोम्मादेवरा ने 29 और फिर 28 का सेट मारकर मुकाबला 5-5 पर ला दिया। शूट-ऑफ में उनका तीर दस की लकीर पर लगा और जापान के जुन्या नाकानिशी का तीर दाईं ओर बाहर चला गया। मेक्सिको के साल्टिलो से वर्ल्ड आर्चरी की 13 सितंबर 2026 की रिपोर्ट नतीजा 6-5 दर्ज करती है। और उसका मतलब अपनी सुर्खी में लिखती है: वर्ल्ड कप फाइनल जीतने वाला सिर्फ दूसरा भारतीय, और पहला भारतीय पुरुष।
2006 से सिर्फ दो भारतीय नाम
तीरंदाजी वर्ल्ड कप का यह साल का आखिरी मुकाबला 2006 से हो रहा है। तब से पुरुष रिकर्व की ट्रॉफी ब्रैडी एलिसन, किम वूजिन, मार्कस डी’अल्मेडा और ओह जिन ह्येक जैसे तीरंदाजों के पास गई है। सम्मान-सूची में भारत का एक ही नाम था, डोला बनर्जी, जिन्होंने 2007 में दुबई में महिला रिकर्व का खिताब जीता था। पुरुषों में पोडियम तक पहुंचने वाले आखिरी भारतीय जयंत तालुकदार थे, 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य। आकाशवाणी की 14 सितंबर 2026 की रिपोर्ट इसे 16 साल का इंतजार कहती है।
अंताल्या से होकर रास्ता
25 साल के धीरज सेना के जवान हैं। जून में अंताल्या में वर्ल्ड कप का चरण जीतकर वे भारत के अकेले क्वालिफायर के तौर पर मेक्सिको पहुंचे। उससे पहले 2025 में एशियाई चैंपियनशिप जीती थी। साल्टिलो में फाइनल से पहले उन्होंने तुर्किये के बर्किम तुमेर और फ्रांस के ज्यां-चार्ल्स वालादों को 7-1 से हराया। तुर्किये के मेटे गाजोज तीसरे रहे।
पहले उनका शुक्रिया, जिन्होंने पैसा दिया
मैच के बाद उनकी बात अपने से पहले अपने मददगारों की थी। वर्ल्ड आर्चरी के मुताबिक उन्होंने जीत भारतीय तीरंदाजी संघ और भारत सरकार को समर्पित की, “उनकी वजह से हमारी आर्थिक मुश्किलें धीरे-धीरे कम हुई हैं।” कोच सोनम छेरिंग भूटिया और सहयोगी स्टाफ का नाम भी लिया। भारत को क्या मिला, यह साफ है। एक ऐसा रिकर्व तीरंदाज जिसने पंद्रह महीने के भीतर महाद्वीप, वर्ल्ड कप चरण और वर्ल्ड कप फाइनल, तीनों स्तर जीते हैं, और लॉस एंजिलिस ओलंपिक सामने है।
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
साल्टिलो, 14 सितंबर 2026
एक नजर में फाइनल : बोम्मादेवरा 6-5 नाकानिशी (जापान), 5-5 के बाद शूट-ऑफ · क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल : 7-1, 7-1 · 2006 से इस मुकाबले के भारतीय चैंपियन : दो (डोला बनर्जी 2007, धीरज बोम्मादेवरा 2026) · पुरुष रिकर्व में आखिरी भारतीय पदक : 2010।
तुलना
पुरुष पदक के बीच का फासला ████████████████ 16 साल
भारतीय स्वर्ण के बीच का फासला ███████████████████ 19 साल
पुरुष पदक का इंतजार 16 साल का था, दूसरे भारतीय स्वर्ण का 19 साल का।
हमारा हिसाब यहीं निकाला — 2026 − 2010 = 16 साल; 2026 − 2007 = 19 साल। पंद्रह महीने में तीन बड़े स्वर्ण : एशियाई चैंपियनशिप 2025, अंताल्या 2026, साल्टिलो 2026।
भारत को क्या मिला ओलंपिक से नीचे हर स्तर पर परखा हुआ पुरुष रिकर्व तीरंदाज, लॉस एंजिलिस से दो साल पहले।
ब्लिट्ज की सराहना धीरज बोम्मादेवरा, कोच सोनम छेरिंग भूटिया, भारतीय तीरंदाजी संघ और भारतीय सेना।
आंकड़े वर्ल्ड आर्चरी की साल्टिलो 2026 रिपोर्ट (13 सितंबर 2026) और आकाशवाणी (14 सितंबर 2026) से; worldarchery.sport और newsonair.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
भारतीय तीरंदाजी संघ ओलंपिक चक्र का खिलाड़ी-वार खर्च का खाता सार्वजनिक करे। जो तीरंदाज सबके सामने अपने मददगारों का शुक्रिया अदा करता है, उसने उन्हें सार्वजनिक हिसाब का हक दिला दिया है।
हिंदी दिवस: नवी मुंबई में छठा राजभाषा सम्मेलन
नवी मुंबई, 14 सितंबर 202677 साल पहले आज ही के दिन संविधान सभा ने देवनागरी में लिखी हिंदी को संघ की राजभाषा माना था। उसी 14 सितंबर को गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग आज नवी मुंबई में छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन खोल रहा है। आकाशवाणी की 14 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक उद्घाटन सत्र में गृह मंत्री अमित शाह 2025-26 के राजभाषा गौरव और राजभाषा कीर्ति पुरस्कार देंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे व सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहेंगे।
बीच में वंदे मातरम
सम्मेलन दो दिन का है और इस बार इसे महाराष्ट्र के हिंदी से साहित्यिक और सांस्कृतिक रिश्ते के इर्द-गिर्द रखा गया है। इसका मुख्य सत्र राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर है। इसके रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पांचवीं पीढ़ी के वंशज कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। किताबें और राजभाषा भारती का विशेषांक जारी होगा। एक प्रदर्शनी में बैंकों, मंत्रालयों और संस्थानों के स्टॉल लगेंगे, यानी वे दफ्तर जहां राजभाषा के नियम रोज अमल में आते हैं।
2011 में 52.83 करोड़ बोलने वाले
यह दिन इसलिए है क्योंकि भाषा का दायरा इतना बड़ा है। हिंदी 52 करोड़ से ज्यादा लोगों की पहली भाषा है। 2011 की जनगणना, जो आखिरी उपलब्ध गिनती है, में 121.09 करोड़ में से 52.83 करोड़ लोगों ने हिंदी को अपनी मातृभाषा बताया था। डेस्क के हिसाब से यह देश का 43.6 फीसदी है। पिछला सम्मेलन 2025 में गांधीनगर में हुआ था। चौथा सम्मेलन 2024 में राजभाषा के हीरक जयंती वर्ष में हुआ था।
राजभाषा सम्मेलन से पाठक को समारोह नहीं, पहुंच मिलती है। हर फॉर्म, हर नोटिस और हर बैंक पासबुक जो नागरिक तक उसकी बोली में पहुंचती है, वही इस सम्मेलन की असली पैदावार है। प्रदर्शनी का हॉल वह जगह है जहां यह काम दिखता है।
(फोटो नहीं — यह खाना खाली रखें : उद्घाटन सत्र आज बाद में है और 14 सितंबर 2026 को सुबह 8:45 तक इसकी कोई तस्वीर नहीं थी। इसकी जगह ब्लिट्ज डेटा कार्ड चलेगा। दोपहर 2 बजे के स्लॉट से पहले पीआईबी मुंबई की 14 सितंबर की गैलरी और गृह मंत्री का हैंडल देखें।)
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
नवी मुंबई, 14 सितंबर 2026
एक नजर में हिंदी राजभाषा बनी : 14 सितंबर 1949 · तब से साल : 77 · सम्मेलन : छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन, दो दिन, नवी मुंबई · पुरस्कार : राजभाषा गौरव और राजभाषा कीर्ति, 2025-26 · हिंदी मातृभाषा, जनगणना 2011 : 121.09 करोड़ में से 52.83 करोड़।
तुलना
हिंदी मातृभाषा, 2011 █████████████ 52.83 करोड़
पूरा भारत, 2011 ██████████████████████████████ 121.09 करोड़
2011 में दस में से चार से ज्यादा भारतीयों, 43.6 फीसदी, ने हिंदी को मातृभाषा बताया।
हमारा हिसाब यहीं निकाला — 2026 − 1949 = 77 साल। 52.83 ÷ 121.09 = 43.6 फीसदी। 2011 की जनगणना आखिरी उपलब्ध गिनती है; अगली जनगणना आने पर आंकड़ा बदलेगा।
भारत को क्या मिला संघ के राजभाषा के काम की समीक्षा एक गैर-हिंदीभाषी राज्य में, और उसी हॉल में वे बैंक और मंत्रालय जो जनता से रोज मिलते हैं।
ब्लिट्ज की सराहना गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग और गृह मंत्री अमित शाह, सम्मेलन को महाराष्ट्र ले जाने के लिए।
आंकड़े आकाशवाणी (14 सितंबर 2026) और जनगणना 2011 की तालिका C-16 (मातृभाषा) से, जैसी डेस्क के पास है; newsonair.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
पुरस्कारों के साथ यह भी बताया जाए कि हर मंत्रालय के नागरिकों वाले फॉर्मों में कितने फीसदी अब दो भाषाओं में जारी होते हैं। पुरस्कार पाठक को बताता है कि किसने अच्छा काम किया; अनुपात बताता है कि काउंटर पर उसे क्या मिलेगा।
ह्यूस्टन जी20: ऊर्जा पर भारत के तीन स्तंभ
ह्यूस्टन, 14 सितंबर 2026जी20 देशों के ऊर्जा मंत्री आज से 16 सितंबर तक ह्यूस्टन में बैठ रहे हैं। भारत की ओर से केंद्रीय विद्युत और आवासन व शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल जा रहे हैं। विद्युत मंत्रालय ने 11 सितंबर 2026 को पीआईबी के जरिए जारी विज्ञप्ति (रिलीज आईडी 2308993) में भारत का रुख पहले ही लिख दिया है। यह बैठक अमेरिका की जी20 अध्यक्षता में हो रही है। यह तीन स्तंभों पर खड़ी है: ऊर्जा सुरक्षा और सस्ती बेसलोड बिजली, मंजूरी और नियमन में तेजी, और महत्वपूर्ण खनिजों की मजबूत सप्लाई चेन।
तीन स्तंभ
हर स्तंभ की एक भारतीय पढ़त है। बेसलोड पर मंत्रालय कहता है कि मंत्री बताएंगे कि भारत ऐसा तंत्र कैसे बना रहा है जो तेजी से बढ़ती मांग पूरी कर सके। यानी सौर के साथ कोयला और परमाणु भी बातचीत में रहेंगे। मंजूरी पर भारत अपने सुधारों का अनुभव दूसरे देशों के काम बताकर रखेगा। महत्वपूर्ण खनिजों पर विज्ञप्ति विविधता, रिसाइक्लिंग और पूरी वैल्यू चेन की बात करती है। इसका मतलब है कि भारत सिर्फ खरीदना नहीं, प्रोसेस करना और दोबारा इस्तेमाल करना चाहता है।
तकनीक पर कोई शर्त नहीं
विज्ञप्ति का सबसे अहम शब्द “टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल” है। मंत्रालय के मुताबिक भारत ऐसे रास्तों की वकालत करेगा जो “अलग-अलग देशों के हालात का सम्मान करें।” यानी लक्ष्य साझा हों, सुरक्षा, किफायत और मजबूती, पर ईंधन का चुनाव हर देश अपना करे। जिस देश ने 2023 में जी20 की मेजबानी की थी, उसके लिए यह पुरानी लाइन ही है।
भारत को इससे क्या मिलता है? उस कमरे में स्थान, जहां अगले दशक के बिजली उपकरणों और बैटरी खनिजों की सप्लाई चेन तय हो रही है और यह खुलकर कहने का मौका कि बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भरोसेमंद बेसलोड बिजली जायज लक्ष्य है।
ब्लिट्ज डेटा कार्ड
ह्यूस्टन, 14 सितंबर 2026एक नजर में जी20 ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक, ह्यूस्टन, 14–16 सितंबर 2026, अमेरिकी अध्यक्षता · भारत की ओर से केंद्रीय विद्युत मंत्री · तीन स्तंभ : बेसलोड, मंजूरी, महत्वपूर्ण खनिज · भारत का रुख : व्यावहारिक, समावेशी, टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल।
हमारा हिसाब तीन स्तंभ, तीन दिन, एक भारतीय मंत्री। इससे आगे कोई हिसाब नहीं किया गया।
भारत को क्या मिला सस्ती बेसलोड बिजली और खनिजों की घरेलू प्रोसेसिंग का भारत का पक्ष जी20 के सार्वजनिक रिकॉर्ड में।
ब्लिट्ज की सराहना विद्युत मंत्रालय और मंत्री मनोहर लाल, बैठक से पहले भारत का रुख लिखकर देने के लिए।
आंकड़े पीआईबी विज्ञप्ति 2308993, विद्युत मंत्रालय, 11 सितंबर 2026 से; pib.gov.in पर जांचे।
ब्लिट्ज की सलाह
तीनों सत्रों में भारत का पूरा वक्तव्य एक दिन के भीतर मंत्रालय की साइट पर डाला जाए। पहले से बताया गया रुख तब ज्यादा काम का होता है जब पाठक उसे कहे गए से मिला सके।
दिल्ली के बाद: ब्रिक्स सम्मेलन आंकड़ों में
नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026भारत मंडपम में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन खत्म हुए एक दिन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके दो दिनों का वीडियो पोस्ट किया और सदस्य देशों के नेताओं का शुक्रिया अदा किया। आकाशवाणी की 14 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सम्मेलन को नतीजे देने वाला बताया। वीडियो में उनके भाषण की एक पंक्ति है: ब्रिक्स के जरिए भारत ने हर तरफ दोस्ती, साझेदारी और सहयोग आगे बढ़ाया है।
उसी रिपोर्ट से सम्मेलन का हिसाब यह है। दो दिन, 12 और 13 सितंबर। 11 सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के नेता, साथ में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख। और तीन दिनों में प्रधानमंत्री की 15 आमने-सामने की द्विपक्षीय बैठकें, यानी डेस्क के हिसाब से रोज पांच। मौजूद नेताओं में रूस के व्लादिमीर पुतिन, चीन के शी जिनपिंग, ईरान के मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद थे। साथ में मलेशिया के अनवर इब्राहिम, वियतनाम के ले मिन्ह हंग, इंडोनेशिया के प्रबोवो सुबियांतो और मिस्र के अब्देल फतह अल-सीसी। फिलीपींस के फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो भी।
भारत को इस हफ्ते से क्या मिला, वह सामूहिक तस्वीर में नहीं, द्विपक्षीय बैठकों के ब्योरे में लिखा है। राजधानी में 21 प्रतिनिधिमंडल, और तीन दिन में पंद्रह आमने-सामने की बैठकें।











