• Latest
  • Trending
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ पंजीकरण, 54.28% महिलाएँ

हर दिन पौने दो लाख नाम

August 30, 2026
भारत-जापान स्टार्टअप और डीप टेक 2026

अब भारत सस्ता नहीं, हुनर बेच रहा है

August 30, 2026
भारत की आर्थिक और कारोबारी गतिविधियाँ अगस्त 2026

सप्ताह की समीक्षा

August 30, 2026
CAG Railway Audit Report 2026: ₹1,130.92 Crore की 26 टिप्पणियाँ

छब्बीस टिप्पणियाँ, ग्यारह सौ करोड़

August 30, 2026
farmer

बानवे प्रतिशत खेत अब भी बाहर

August 30, 2026
जल जीवन मिशन, ई-श्रम, सूक्ष्म सिंचाई और रेलवे अपडेट

छात्र जाएँगे गाँव के नल तक

August 30, 2026
प्रधानमंत्री जन धन योजना 2026

हर दिन बहत्तर करोड़ रुपये की बचत

August 29, 2026
CAG रिपोर्ट 17 वैज्ञानिक अनुसंधान कोष 3490 करोड़

वह कोष जो बढ़ता ही रहा

August 29, 2026
nuclear

लक्ष्य सौ, असली आँकड़ा चार

August 29, 2026
daily-news

भारत की ताजा खबरें 29 अगस्त 2026

August 29, 2026
Sarbananda-Sonowal

फाइबर पहुँचा, पर चला एक तिहाई में

August 28, 2026
पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी

गाय के पेट से निकला एक एंजाइम

August 28, 2026
daily-news

भारतनेट, जीएसटी और भारत की अर्थव्यवस्था की बड़ी खबरें

August 28, 2026
Sunday, August 30, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

हर दिन पौने दो लाख नाम

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 30, 2026
in the blitz
0
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ पंजीकरण, 54.28% महिलाएँ

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।पाँच साल में इकतीस करोड़ नवासी लाख पंजीकरण। दिन के हिसाब से देखिए तो हर दिन, बिना नागा, करीब पौने दो लाख असंगठित श्रमिक इस सूची में जुड़ते रहे — और उनमें आधे से ज्यादा महिलाएँ हैं।

ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त 2026 को पाँच साल पूरे कर रहा है। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 26 अगस्त 2021 को शुरू किया था। पत्र सूचना कार्यालय की शोध इकाई ने इस पर 25 अगस्त 2026 को दोपहर 2.27 बजे विवरण जारी किया, जिसका क्रमांक 159717 है। नीचे उसी के आँकड़े हैं, और उन पर वह हिसाब है जो विवरण में नहीं किया गया।

YOU MAY ALSO LIKE

अब भारत सस्ता नहीं, हुनर बेच रहा है

सप्ताह की समीक्षा

यह पोर्टल है क्या

राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) ने इसे बनाया, और इसने देश का पहला आधार-प्रमाणित असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया। हर पंजीकृत श्रमिक को 12 अंकों का सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) मिलता है। पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है — किसी एजेंसी या सेवा प्रदाता को एक पैसा नहीं देना है। पात्रता सीधी है: असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला 16 वर्ष या उससे ऊपर का कोई भी व्यक्ति, बशर्ते वह आयकरदाता न हो और ईपीएफओ या ईएसआईसी का सदस्य न हो। आधार नंबर और मोबाइल नंबर चाहिए, और पंजीकरण घर बैठे पोर्टल से, या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर से हो सकता है।

पाँच साल का हिसाब

पोर्टल पर 31.89 करोड़ पंजीकरण दर्ज हैं। ब्लिट्ज़ ने गिना — 26 अगस्त 2021 से 26 अगस्त 2026 के बीच 1,826 दिन हैं, यानी औसतन हर दिन करीब 1.75 लाख पंजीकरण। पंजीकृत श्रमिकों में महिलाएँ 54.28 प्रतिशत और पुरुष 45.72 प्रतिशत हैं। हिसाब लगाने पर यह 17.31 करोड़ महिलाएँ बैठती हैं — किसी एक राष्ट्रीय डेटाबेस में इतनी महिलाएँ, और वह भी बहुमत में, अपने आप में एक तथ्य है।

उम्र की तस्वीर (20 अगस्त 2026 तक): 18 से 40 वर्ष के 55.21 प्रतिशत, 40 से 50 के 24.18 प्रतिशत, 50 से ऊपर के 20.53 प्रतिशत, और 16 से 18 वर्ष के 0.08 प्रतिशत। चारों जोड़ने पर ठीक सौ बैठते हैं — यह जाँच ब्लिट्ज़ ने की। सबसे ज्यादा पंजीकरण कृषि, घरेलू कामकाज, निर्माण और परिधान श्रेणियों में हुए हैं, और सबसे ज्यादा पंजीकरण वाले राज्य हैं उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र।

ब्लिट्ज़ डेटा कार्ड · ई-श्रम के पाँच वर्ष : पंजीकरण, पहुँच और सुविधाएँ
मानदंड / विवरण जानकारी
शुरुआत 26 अगस्त 2021
पाँच वर्ष पूरे 26 अगस्त 2026
कुल पंजीकरण 31.89 करोड़
हर दिन औसत पंजीकरण करीब 1.75 लाख, 1,826 दिन तक
महिलाएँ 54.28 प्रतिशत — करीब 17.31 करोड़
पुरुष 45.72 प्रतिशत
18 से 40 वर्ष 55.21 प्रतिशत
40 से 50 वर्ष 24.18 प्रतिशत
50 वर्ष से ऊपर 20.53 प्रतिशत
सबसे ज्यादा पंजीकरण वाले राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र
वन-स्टॉप सॉल्यूशन 21 अक्टूबर 2024 से, 15 योजनाएँ एक मंच पर
गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक करीब 11.5 लाख — कुल का 0.36 प्रतिशत
भाषाएँ 22, भाषिणी मंच से, 2025 में शुरू
पंजीकरण शुल्क कोई नहीं
पंजीकरण से आगे: एक खिड़की, पंद्रह योजनाएँ

ई-श्रम अब सिर्फ नाम दर्ज करने की जगह नहीं रहा। 21 अक्टूबर 2024 को वन-स्टॉप सॉल्यूशन शुरू होने के बाद यह पंद्रह सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं को एक ही मंच पर ले आया है — प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण समेत। पंजीकृत श्रमिक यह भी देख सकता है कि उसे पहले कौन-से लाभ मिल चुके हैं।

श्रमिक के हाथ में क्या आता है, यह ठीक से जान लेना चाहिए। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में किसी भी कारण से मृत्यु पर 2 लाख रुपये। प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन में पात्रता पूरी होने पर 60 वर्ष से हर महीने कम से कम 3,000 रुपये की पेंशन। रोजगार के लिए पोर्टल राष्ट्रीय कैरियर सेवा से और कौशल के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब से जोड़ता है, और myScheme से यह पता चलता है कि श्रमिक किन योजनाओं के लिए पात्र है। 2025 में भाषिणी मंच के जरिए पोर्टल 22 भाषाओं में काम करने लगा।

प्रवासी श्रमिकों के लिए दो बातें और। पोर्टल में परिवार का विवरण दर्ज करने का प्रावधान है, और निर्माण श्रमिकों का डेटा राज्यों के साथ साझा होता है ताकि उनका पंजीकरण संबंधित भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक (बीओसीडब्ल्यू) बोर्डों में हो सके। जो श्रमिक काम की तलाश में राज्य बदलता है, उसके लिए यही सुवाह्यता सबसे बड़ी सुविधा है।

जहाँ अभी पहुँच बाकी है

एक आँकड़ा ध्यान माँगता है। गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिक — यानी ऐप से काम पाने वाले डिलीवरी और कैब चालक — पोर्टल पर अब तक करीब 11.5 लाख ही दर्ज हैं। कुल 31.89 करोड़ के मुकाबले यह 0.36 प्रतिशत है, यह हिसाब ब्लिट्ज़ ने लगाया। विवरण खुद कहता है कि यह डेटाबेस ऐसे श्रमिकों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा उपाय बनाने में सहायक हो सकता है — और वह तभी होगा जब संख्या बढ़े।

सुधार का सुझाव इसी से निकलता है और वह छोटा है। गिग श्रमिक का नियोक्ता एक जगह बैठा है — वह मंच, जिसका ऐप वह चलाता है। यदि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय बड़े प्लेटफॉर्म कंपनियों के साथ मिलकर पंजीकरण को उनके अपने ऐप के भीतर एक कदम बना दे — जैसा बीमा और पेंशन के लिए किया जाता है — तो 11.5 लाख का आँकड़ा महीनों में बदल सकता है। पोर्टल का ढाँचा तैयार है, एपीआई मौजूद हैं, और श्रमिक पहले से ऐप पर है। पाँच साल में हर दिन पौने दो लाख लोगों तक पहुँचने वाली व्यवस्था के लिए यह कठिन काम नहीं है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation