ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। दिल्ली के जंतर मंतर पर जेन जी के प्रदर्शन की देश और दुनिया भर में चर्चा हो रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश में जेन जी पर फटाफट काम शुरू हो गया है। सरकार उन योजनाओं को प्रमुखता से सामने ला रही है जिनके जरिए यूपी में युवाओं को उद्यमी बनने के अवसर दिए जा रहे हैं। नई पीढ़ी को ध्यान में रखकर कई योजनाएं पहले से चल रही हैं। सीएम युवा और यूथ अड्डा, यूपी सरकार की ऐसी ही कुछ योजनाएं हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बनाना है। इसके तहत युवाओं को वित्तीय मदद के साथ-साथ स्किल, तकनीक और बाजार में मंच मुहैया कराकर उद्यमिता का नया इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
बना यूथ अड्डा
जानकारों का कहना है कि जेन जी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है। इसके तहत बिजनेस आइडिया से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन, सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्लान है। यूथ अड्डा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सरकारी सेवा वितरण की पारंपरिक सोच को बदलता है। यहां युवा केवल किसी योजना का लाभार्थी नहीं, बल्कि अवसर का आकांक्षी भी। सरकार का दावा है कि यूथ अड्डा के तहत जेन जी की जरूरतों के अनुरूप सेवाएं विकसित की गई हैं।
स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर
योगी सरकार ने महसूस किया कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के दिनों से ही होनी चाहिए। इसलिए यूथ अड्डा का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है। इसके तहत छात्रों को प्रेरित किया जा रहा है वे डिग्री पूरी होने के बाद केवल नौकरी के लिए आवेदन करने के बजाए यह सोचें कि वे किस समस्या का समाधान कर सकते हैं और उससे किस प्रकार सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है। योगी सरकार ने यह भी समझा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी। इसी कारण यूथ अड्डा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्टि्रक व्हीकल (ईवी), डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल टूल्स पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेश का युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सके।
सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, पूरे बिजनेस सफर में साथ
बताया जा रहा है कि यूथ अड्डा केवल ट्रेनिंग देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। यहां युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और व्यवसाय विस्तार तक लगातार मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूह
यूथ अड्डा के जरिए सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रयास कर रही है ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का सहयोग देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पूरे साल चलता रहेगा उद्यमिता का अभियान
यूथ अड्डा को साल भर सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला, कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम और सफल उद्यमियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
यूपीकॉन निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरी पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत यूपीकॉन द्वारा संचालित यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तिकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें सफल उद्यमी बनाकर यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति देना और एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में सहभागी बनाना है।














