ब्लिट्ज ब्यूरो
जयपुर। वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में राजस्थान ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत राज्य में बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में अब 3.86 करोड़ से अधिक जनधन खाते हैं, जिनमें ₹24,933.35 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा है। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय (सीएमओ) ने भी इन आंकड़ों को साझा करते हुए इसे राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
जमा राशि के मामले में राजस्थान का अव्वल प्रदर्शन
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक जनधन खातों में जमा राशि के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। यूपी के खातों में ₹67,206.59 करोड़ जमा हैं। इसके बाद बिहार ₹30,760.45 करोड़ के साथ दूसरे और पश्चिम बंगाल ₹25,485.44 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर है। राजस्थान ₹24,933.35 करोड़ की जमा राशि के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र ₹22,031.73 करोड़ के साथ पांचवें नंबर पर है।
राजस्थान का चौथे स्थान पर पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़े हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों तक पहुंच रहा है।
3.86 करोड़ खातों में 2.19 करोड़ महिलाओं के
जनधन योजना में राजस्थान की एक और बड़ी उपलब्धि महिलाओं की भागीदारी है। राज्य में मौजूद 3.86 करोड़ जनधन खातों में से 2.19 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के नाम पर हैं। यानी कुल खातों में महिलाओं की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।
सीएमओ के अनुसार, जनधन योजना ने महिलाओं, खासकर ग्रामीण और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और वे सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रही हैं।
सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खातों में
मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। इसके जरिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक समाप्त हुई है।
ओवरड्राफ्ट की सुविधा
साल 2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खाताधारकों को कई सुविधाएं मिल रही हैं। राजस्थान में अब तक 2.87 करोड़ से अधिक रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।














