ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लोकसभा में एक प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए जानकारी दी है कि पेट्रोल में एथेनॉल 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में किसी भी बदलाव से पहले व्यापक साइंटिफिक स्टडी और संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को लेकर देशभर में असंतोष फैला हुआ है और अब नरेंद्र मोदी सरकार ने इस बेहद जरूरी मुद्दे पर संसद में अपनी बात रखी है। केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल में 20 फीसदी से ज्यादा एथेनॉल मिलाने को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ समय ई20 फ्यूल और इसमें एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने की कथित सरकारी कोशिशों को लेकर काफी हंगामा मचा था, जिसके बाद सरकार ने ई 25 या ई 30 का विचार त्याग दिया था।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने लोकसभा में जानकारी दी कि भविष्य में किसी भी बदलाव से पहले व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन और संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, सरकार ने यह भी साफ किया कि ई 85 फ्यूल केवल खास तौर से डिजाइन किए गए फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए है। इसका उद्देश्य देश भर में सामान्य पेट्रोल की एथेनॉल ब्लेंडिंग सीमा को 20 फीसदी से आगे बढ़ाना बिल्कुल नहीं है।
साइंटिफिक स्टडी और फील्ड वैलिडेशन के अनुसार, निर्धारित मानकों के तहत इस्तेमाल करने पर ई20 पेट्रोल एक सुरक्षित और तकनीकी रूप से बेहतर ईंन्धन है। देश में ई15+ ब्लेंड का उपयोग 3.5 साल से और ई19-ई20 फ्यूल का इस्तेमाल ढाई साल से ज्यादा समय से हो रहा है।












