ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के कारण लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी दर्ज की गई है। सरकार ने दावा किया कि ई20 सुरक्षित और परीक्षित ईंन्धन है। इससे सरकार को अरबों डॉलर की बचत हुई और धरतीपुत्रों को करोड़ों रुपये की आय प्राप्त हुई।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने लोकसभा में सांसद एम. के. राघवन के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी। प्रश्न में ई20 ईंन्धन के उपभोक्ताओं, वाहन निर्माताओं और परिवहन क्षेत्र पर प्रभाव तथा इथेनॉल मिश्रण से उपभोक्ताओं को मिलने वाले आर्थिक लाभ के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
सरकार के अनुसार, 2013-14 में औसत एथेनॉल मिश्रण केवल 1.53 प्रतिशत था, जो नवंबर 2025 से जून 2026 के दौरान बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गया।
सरकार ने बताया कि एक प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की, जिनमें लगभग 1.5 करोड़ पुराने (लीगेसी) वाहन भी शामिल थे, लेकिन किसी में भी ई20 से जुड़ी इंजन क्षति नहीं पाई गई। एक प्रमुख दोपहिया निर्माता कंपनी ने भी इसी प्रकार के निष्कर्ष सामने रखे। सरकार ने स्वीकार किया कि ई10 के लिए डिजाइन किए गए कुछ वाहनों में ई20 के उपयोग से माइलेज 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकती है, लेकिन यह प्रभाव ड्राइविंग की परिस्थितियों, वाहन चलाने की आदत और रखरखाव पर भी निर्भर करता है।
पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखने में मिली मदद
सरकार ने कहा कि पेट्रोल की खुदरा कीमतें बाजार आधारित प्रणाली के अनुसार तय होती हैं। फरवरी-मार्च 2026 के दौरान तेल विपणन कंपनियों को लगभग ₹21,300 करोड़ की अंडर-रिकवरी (हानि) उठानी पड़ी, क्योंकि खुदरा कीमतें बाजार स्तर से नीचे रखी गई थीं। सरकार ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान फरवरी 2026 के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 70-80 प्रतिशत तक बढ़ गईं, जबकि भारत में ईंन्धन की कीमतें केवल 7-8 प्रतिशत बढ़ीं। दिल्ली में उपभोक्ताओं को पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर की दर से उपलब्ध हुआ, जबकि बाजार आधारित संभावित कीमत करीब ₹125 प्रति लीटर हो सकती थी। सरकार के अनुसार, लगभग ₹70 प्रति लीटर की दर से एथेनॉल मिश्रित तेज की खरीद ने भी कीमतों को नियंत्रित रखने में योगदान दिया।
देशभर में मिलने वाला सामान्य पेट्रोल ई20 है
सरकार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पुष्टि की है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर मिलने वाला सामान्य पेट्रोल ई20 है। चूंकि ई10 पेट्रोल खुदरा स्तर पर उपलब्ध नहीं है, इसलिए पंपों पर अलग से एथेनॉल प्रतिशत प्रदर्शित करना आवश्यक नहीं माना गया। हालांकि, फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के लिए उपलब्ध ई85 ईंन्धन वाले डिस्पेंसिंग यूनिट पर स्पष्ट लेबल लगाया जाता है। सरकार ने कहा कि ई85 ईंन्धन की कीमत सामान्य मिश्रित पेट्रोल की तुलना में लगभग ₹20 प्रति लीटर कम रखी गई है, ताकि घरेलू स्तर पर उत्पादित एथेनॉल का आर्थिक लाभ फ्लेक्स फ्यूल वाहन उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके।












