• Latest
  • Trending
farmer

छह हज़ार रुपये साल और पाँच साल की पक्की तारीख़ — पीएम-किसान का असली फ़ायदा रक़म में नहीं, भरोसे में है

August 1, 2026
daily-news

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

September 14, 2026
brics

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

September 14, 2026
ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

ब्रिक्स सम्मेलन: भारत को क्या मिला?

September 13, 2026
मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

मोदी-शी मुलाकात और ब्रिक्स सम्मेलन का दूसरा दिन

September 13, 2026
ब्रिक्स सुधार, ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर निवेश, भारतीय वाणिज्य दूतावास, हॉकी, बद्री नस्ल और बांस की बड़ी खबरें।

ब्रिक्स से ओडिशा निवेश तक भारत की बड़ी खबरें

September 12, 2026
भारत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026

18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में शुरू, भारत चौथी बार अध्यक्ष

September 12, 2026
daily-news

भारत में ब्रिक्स बैठक: व्यापार, UPI, डिजिटल मजदूर चौक और आर्थिक सुधार

September 11, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: LPG नियम, मत्स्य योजना, BRICS, AI, सुधार और ग्रीन मिशन

September 10, 2026
daily-news

भारत की बड़ी खबरें: रेलवे, UPI, कौशल, तकनीक और हरित विकास में बड़े फैसले

September 10, 2026
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ

‘झूठ की गूंज वाले निराशा फैलाने में लगे हैं’

September 7, 2026
पीएम मोदी पुतिन मुलाकात SCO शिखर सम्मेलन

पीएम मोदी का विदेश दौरा और एससीओ शिखर सम्मेलन का संदेश… भारत विश्व-मित्र महाशक्ति

September 7, 2026
भारत-उज्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत का बढ़ा रुतबा

September 7, 2026
Thursday, September 17, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

छह हज़ार रुपये साल और पाँच साल की पक्की तारीख़ — पीएम-किसान का असली फ़ायदा रक़म में नहीं, भरोसे में है

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 1, 2026
in the blitz
0
farmer

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली।किसी योजना की ताक़त सिर्फ़ इस बात से नहीं नापी जाती कि वह कितना पैसा देती है। यह भी देखना पड़ता है कि पैसा कब आएगा, यह किसान को पहले से पता है या नहीं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंज़ूरी दे दी है। इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया गया है।

योजना के तहत ज़मीन रखने वाले पात्र किसान परिवारों को साल में 6,000 रुपये मिलते हैं, जो तीन बराबर किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। अब तक 23 किश्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा किसानों तक पहुँच चुके हैं। सरकार का कहना है कि इस योजना की वजह से 85 फ़ीसदी किसानों ने अपना कर्ज़ घटाया है — और यही इस पूरी योजना का सबसे दिलचस्प आँकड़ा है, क्योंकि इससे पता चलता है कि पैसा खर्च होने से पहले ब्याज बचा रहा है। यह फ़ैसला ऐसे मौसम में आया है जब भरोसे की ज़रूरत थी: मौसम विभाग ने जून के बेहद सूखे रहने के बाद जुलाई में सामान्य से कम — दीर्घावधि औसत के 94 फ़ीसदी से नीचे — बारिश का अनुमान लगाया था, हालाँकि उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और पूर्व-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में हालात बेहतर रहने की उम्मीद थी।

YOU MAY ALSO LIKE

कोयला खदानों से डेटा सेंटर तक: भारत की बड़ी आर्थिक और तकनीकी खबरें

भारत की बड़ी खबरें: एशिया कप, धीरज बोम्मादेवरा, हिंदी दिवस और G20-ब्रिक्स

तारीख़ का भरोसा: साल में 6,000 रुपये, तीन किश्तों में, अब 2030–31 तक तय — और यह ऐसे मौसम में जब बारिश असमान रही है।

छह हज़ार रुपये की असली क़ीमत यह नहीं कि उससे क्या ख़रीदा जा सकता है। असली क़ीमत यह है कि मार्च में किसान को पता होता है, अप्रैल में पैसा आ जाएगा।

एक नज़र में

• अवधि: पीएम-किसान अब 2026–27 से 2030–31 तक
• कुल रक़म: पाँच साल में 3.15 लाख करोड़ रुपये
• हर किसान परिवार को: साल में 6,000 रुपये, तीन बराबर किश्तों में
• तरीक़ा: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण — पैसा सीधे बैंक खाते में
• अब तक भुगतान: 23 किश्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा
• बताया गया असर: 85% किसानों ने कर्ज़ घटाया
• मौसम: जुलाई में बारिश दीर्घावधि औसत के 94% से नीचे रहने का अनुमान था

छोटे किसान के लिए सवाल यह नहीं होता कि 6,000 रुपये “काफ़ी” हैं या नहीं। सवाल यह होता है कि अगर यह पैसा न आए तो उसकी जगह क्या आता। ज़्यादातर मामलों में जवाब बचत नहीं, उधार होता है — और अक्सर वह उधार गाँव के साहूकार से आता है, जिसकी ब्याज दर फ़सल का बड़ा हिस्सा खा जाती है। सीज़न की शुरुआत में बीज और खाद ख़रीदने के लिए जब तय तारीख़ पर पैसा आ जाता है, तो उधार की रक़म छोटी हो जाती है। कर्ज़ घटने का जो आँकड़ा सरकार बताती है, वह ठीक इसी बात की तस्दीक़ करता है। यानी यहाँ रक़म से ज़्यादा काम ‘तय समय पर आना’ कर रहा है — और पाँच साल की मंज़ूरी ख़ुद में इस योजना का एक हिस्सा है।

आगे का रास्ता यह है कि इस मदद के साथ क्या-क्या जोड़ा जाए। नक़द मदद किसान परिवार को गिरने से बचाती है, लेकिन वह अपने आप न पैदावार बढ़ाती है, न मिट्टी सुधारती है, न लागत घटाती है — और यह उसका काम भी नहीं है। असली कमाई बढ़ाने वाले काम अलग हैं और उनमें से ज़्यादातर पर काम चल भी रहा है: सूक्ष्म सिंचाई, जो अब करीब 110 लाख हेक्टेयर में पहुँच चुकी है और जिससे पानी बचता है और पैदावार बढ़ती है; मिट्टी की जाँच; किसान उत्पादक संगठन, जिनसे छोटे किसान को मंडी में मोल-भाव की ताक़त मिलती है; और फ़सल कटने के बाद भंडारण, जिसकी कमी अच्छी फ़सल का फ़ायदा भी मिटा देती है। इन सबमें बढ़त स्थायी होती है, सालाना नहीं। इस लिहाज़ से पीएम-किसान को उस ज़मीन की तरह देखना चाहिए जिस पर खड़े होकर किसान बाक़ी चीज़ों में पैसा लगाने का जोखिम उठा सके — और जितनी बाक़ी चीज़ें उपलब्ध होंगी, यह ज़मीन उतनी ही क़ीमती होगी।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation