ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारतीय बैंकिंग प्रणाली की मजबूती के दावों के बीच, सरकार ने संसद में धोखाधड़ी के गंभीर आंकड़े पेश किए हैं। पिछले पांच वित्त वर्षों में बैंकों और वित्तीय संस्थानों में कुल 1.42 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी दर्ज हुई है। इस बड़ी रकम में से सिर्फ 6,389 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी, जो कुल धोखाधड़ी का आधे प्रतिशत से भी कम है।
सरकार ने संसद को बताया कि यह स्थिति देश की वित्तीय सुरक्षा के लिए चिंताजनक है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, धोखाधड़ी वाले मामलों में पैसे की वसूली लगातार जारी है। हालांकि, धोखाधड़ी का पता चलने के बाद पैसा वापस लाना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।











