ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश की यूनिवर्सिटीज, कॉलेजों में सबसे ज्यादा एडमिशन आर्ट्स स्ट्रीम और बीए कोर्स में हो रहे हैं। आर्ट्स और सामान्य डिग्रियां अभी भी सबसे आगे हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों का ट्रेंड है कि साइंस एंड टेक और मैनेजमेंट से जुड़े कोर्सेज की ओर भी रूझान बढ़ा है। पिछले एक दशक में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में दाखिले बढ़े हैं। ये 2014-15 में 91.5 लाख से बढ़कर 2023-24 में 1.02 करोड़ हो गए। साइंस और इससे जुड़े कोर्सेज में महिलाओं की भागीदारी 44 प्रतिशत तक पहुंच गई है। शिक्षा मंत्रालय की ‘ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) रिपोर्ट में ये बातें सामने आई है।
अंडरग्रेजुएट लेवल पर आर्ट्स सबसे बड़ा डिसिप्लिन है पर इसकी हिस्सेदारी 2022-23 में 34% से घटकर 2023 24 में 32.1% हो गई। इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की हिस्सेदारी 11.9% से बढ़कर 12.9% हो गई, जबकि साइंस 13.5% और कॉमर्स 12.0% पर है और मैनेजमेंट में 3.2%।
रिपोर्ट बताती है कि उच्च शिक्षा में कुल नामांकन में से 32.2% छात्रों ने बीए कोर्स चुना है। बीएससी चुनने वाले 13.8% हैं। 11.4% बीकॉम कोर्स पढ़ते है। बीटेक 8.7, बीए ऑनर्स 6.4, बीएड 4.7, बीई 4, बीसीए 2.8% ने चुना है। पीजी लेवल पर सोशल साइंस सबसे बड़ी स्ट्रीम बनी रही, लेकिन इसकी हिस्सेदारी 2022-23 में 21.5% से घटकर 2023-24 में 18.6% हो गई। मैनेजमेंट की हिस्सेदारी 15.6% से बढ़कर 18.2% हो गई। साइंस में 13.5% से 15.1% की बढ़ोतरी हुई। 2023-24 में पीएचडी एनरोलमेंट 3.44 लाख दर्ज किया गया, जो 2022-23 में 2.33 लाख था, यानी मेडिकल साइंस में 6.3% दाखिले हुए एक साल में 47% की बढ़ोतरी हुई।
भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों में विदेशी छात्रों की संख्या में एक वर्ष के अंदर 9 हजार से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया है।
173 देशों के 58,134 विदेशी छात्र भारत में पढ़ रहे है। शिक्षा मंत्रालय की पिछली दो रिपोर्ट देखें तो नेपाल के छात्र सबसे ज्यादा है।
हालांकि, इसमें 2% की गिरावट दर्ज की गई है फिर भी नेपाल के छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा 24.1% बनी हुई है।
58 हजार विदेशी छात्रों में से 73.6 फीसदी ने अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिला लिया है और 16.8 प्रतिशत छात्र पोस्टग्रेजुएट कोर्स कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा कालेज यूपी में
देश में 1289 यूनिवर्सिटीज, 48246 कॉलेज है। सबसे ज्यादा 8625 कॉलेज यूपी में है। उसके बाद महाराष्ट्र में 5380 और फिर कर्नाटक में 4529 कॉलेज है।













