• Latest
  • Trending
ई20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं होते: गडकरी

ई20 पेट्रोल को लेकर किया जा रहा दुष्प्रचारः गडकरी

July 13, 2026
employment

हर साल 1 करोड़ 10 लाख युवा: सबसे बड़ा सवाल है नौकरी

July 15, 2026
भारत-नासा का NISAR सैटेलाइट 30 जुलाई को होगा लॉन्च

धरती पर रहेगी पैनी नज़र: भारत-नासा का बड़ा रडार सैटेलाइट NISAR 30 जुलाई को उड़ेगा

July 15, 2026
जून में भारत की ईवी बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड

अब हर 8 में से 1 गाड़ी इलेक्ट्रिक, जून में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री

July 15, 2026
Market

हरे निशान में बंद हुआ बाज़ार, बैंक शेयरों ने संभाला; तेल की टेंशन बरकरार

July 15, 2026
भारत–ब्रिटेन CETA 15 जुलाई से लागू: निर्यातकों और पेशेवरों के लिए बड़ा अवसर

आज से बिना टैक्स ब्रिटेन जाएगा भारत का सामान, उधर निर्यात भी रिकॉर्ड पर

July 15, 2026
अक्षर पटेल के ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत ने एजबेस्टन में पहला वनडे छह विकेट से जीत लिया।

एजबेस्टन में भारत ने पहला वनडे छह विकेट से जीता

July 15, 2026
पूर्वानुमान से परे: जल सुरक्षा भारत की राष्ट्र-निर्माण परियोजना

पूर्वानुमान से परे: जल सुरक्षा भारत की राष्ट्र-निर्माण परियोजना

July 15, 2026
भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रतीक, LVM3 रॉकेट

अगले क़दम की मंज़ूरी: गगनयान ने तीन अहम परीक्षण पार किए

July 15, 2026
Market

सतर्क शुरुआत के आसार: बाज़ार की चाल अब भी कच्चे तेल के हाथ

July 15, 2026
भारत–ब्रिटेन CETA 15 जुलाई से लागू: निर्यातकों और पेशेवरों के लिए बड़ा अवसर

आज से शुल्क-मुक्त: भारत–ब्रिटेन व्यापार समझौता आज से लागू

July 15, 2026
जल सुरक्षा ही भारत के विकास की सबसे बड़ी बुनियाद

वर्षामापी से परे: जल सुरक्षा ही भारत की असली, चुपचाप कसौटी क्यों है

July 14, 2026
मानसून

हल्की जुलाई: मानसून की रफ़्तार धीमी, खेत-खलिहान की नज़र आसमान पर

July 14, 2026
Thursday, July 16, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

ई20 पेट्रोल को लेकर किया जा रहा दुष्प्रचारः गडकरी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 13, 2026
in राष्ट्रीय, राष्ट्रीय-अर्थ
0
ई20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं होते: गडकरी

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उन दावों को खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और माइलेज कम हो रही है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही बातें दुष्प्रचार का हिस्सा हैं।

आजकल वाहनों में पेट्रोल के साथ ज्यादा इथेनॉल मिलाने को लेकर बहस जारी है। इस बीच, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होती है। इसलिए जैसे-जैसे पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ती है, वैसे-वैसे गाड़ी का औसत माइलेज थोड़ा कम हो सकता है लेकिन ज्यादातर मामलों में इसका असर बहुत कम होगा। गडकरी ने यह बात मीडिया से बातचीत में कही।

YOU MAY ALSO LIKE

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल

भागवत बोले-5 महाद्वीपों के लोग आरएसएस से मांग रहे ट्रेनिंग

गडकरी ने क्या कहा?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सोशल मीडिया पर ई20 पेट्रोल से वाहनों के खराब होने की जो बातें सामने आ रही हैं, उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह एक सुनियोजित दुष्प्रचार है।

गडकरी ने कहा कि ई20 मिश्रण (20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) को पूरे देश में लागू करने से पहले पुणे स्थित ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) और वाहन बनाने वाली कंपनियों ने कई तरह के परीक्षण किए थे। सभी जरूरी मंजूरी मिलने के बाद ही इसे लागू किया गया।

पुराने वाहनों के कुछ छोटे पुर्जों पर थोड़ा असर पड़ सकता है। इसे देखते हुए वाहन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि सर्विस के दौरान वे ऐसे पुर्जों को बदल दें।

गडकरी ने कहा, मुझे एक भी ऐसी गाड़ी दिखाइए जो ई20 पेट्रोल की वजह से खराब हुई हो। सोशल मीडिया पर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे एक सुनियोजित दुष्प्रचार का हिस्सा हैं।

माइलेज को लेकर गडकरी ने क्या कहा?

गडकरी ने कहा, ‘देखिए, दो बातें हैं। पहली, इथेनॉल और पेट्रोल की ऊर्जा क्षमता में अंतर है, यह सच है लेकिन माइलेज इस बात पर भी निर्भर करती है कि वाहन किन परिस्थितियों में चलाया जा रहा है। दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में ट्रैफिक के कारण गाड़ियां अक्सर कम गियर में चलती हैं।’
उन्होंने एआरएआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों में माइलेज की कोई समस्या नहीं है। इसलिए हम फ्लेक्स-फ्यूल इंजन तकनीक को भी बढ़ावा दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, अगर आप दिल्ली से गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक में गाड़ी चला रहे हैं, तो बार-बार ब्रेक लगाना पड़ता है। लाल बत्ती आने से पहले गाड़ी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं हो पाती। लेकिन अगर आप लगातार 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं, तो माइलेज में कुछ अंतर दिखाई दे सकता है।

इंजन में खराबी के दावों पर क्या कहा?

इंजन खराब होने के दावों पर नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने कुछ मामलों की जांच करने के लिए कंपनियों से कहा था। जांच में पता चला कि वहां मिलावटी ईंन्धन जिम्मेदार था, ई20 पेट्रोल नहीं। गडकरी ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन बनाने के दौरान कई नई बातें सीखने को मिलीं और इसमें इस्तेमाल होने वाले पुर्जों में भी सुधार किया गया है।

उन्होंने कहा, पुरानी गाड़ियों में सर्विस के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुछ वॉशर पहले धातु के होते थे। अब वे रबर के बनाए जा रहे हैं। हमने वाहन कंपनियों को निर्देश दिया है कि सर्विस के समय ये वॉशर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बदल दिए जाएं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, मेरी जानकारी में ई20 पेट्रोल की वजह से कोई गाड़ी बंद नहीं हुई है। प्रदर्शन की बात करें तो इथेनॉल बेहतर साबित हुआ है। इसमें इंजन की नॉकिंग कम होती है और इसका ऑक्टेन नंबर भी ज्यादा है। मैं वर्ष 2004 से इथेनॉल को वैकल्पिक ईंन्धन के रूप में बढ़ावा देने की बात करता रहा हूं।

नए मॉडल बाजार में लाने की तैयारी में कंपनियां?

उन्होंने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन तकनीक आने के साथ करीब एक दर्जन कंपनियां अपने नए मॉडल बाजार में लाने की तैयारी कर रही हैं। इनमें टाटा मोटर्स, महिंद्रा, हुंडई, टोयोटा किर्लोस्कर और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियां शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि ब्राजील में वर्ष 1970 से 27 फीसदी इथेनॉल और पेट्रोल का मिश्रण इस्तेमाल किया जा रहा है। वहां होंडा और हुंडई की फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियां बिना किसी परेशानी के चल रही हैं।

गडकरी ने कहा, हमारा उद्देश्य लोगों को विकल्प देना है। अलग-अलग कीमतों पर अलग-अलग ईंन्धन मिश्रण उपलब्ध कराना चाहते हैं, क्योंकि इथेनॉल की कीमत लगभग 75 रुपये प्रति लीटर है। उन्होंने कहा, फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड वाहन ज्यादा ईंधन बचाते हैं, क्योंकि इनमें लगी इलेक्टि्रक प्रणाली ऊर्जा को बैटरी में जमा कर देती है।

‘हरसंभव विकल्प तलाशना जरूरी’

गडकरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट ने यह दिखा दिया है कि जीवाश्म ईंन्धन के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए हरसंभव विकल्प तलाशना जरूरी है।

उन्होंने बताया, कर्नाटक में अशोक लेलैंड ने कर्नाटक राज्य परिवहन निगम के साथ मिलकर 15 फीसदी मेथेनॉल और डीजल के मिश्रण पर 25 बसें तीन महीने तक चलाईं। इसके बाद प्रमाणित किया गया कि कोई समस्या नहीं आई। फिर अशोक लेलैंड ने ऐसा विशेष मेथेनॉल इंजन विकसित किया, जिससे ट्रक और बसें पूरी तरह मेथेनॉल पर चल सकें।

उन्होंने कहा, अभी असम पेट्रो-केमिकल्स रोज 700 टन मेथेनॉल बनाती है। इसकी कीमत लगभग 20 से 22 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत करीब 110 रुपये प्रति लीटर है। इससे काफी खर्च बच सकता है।

उन्होंने कहा कि इस ईंधन से प्रदूषण भी बहुत कम होता है। पूर्वोत्तर भारत में ट्रक और बसों के लिए मेथेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह समुद्री इंजनों के लिए भी बहुत अच्छा ईंधन है। ब्रह्मपुत्र नदी में जल परिवहन और बांग्लादेश जाने वाली नौकाओं में मेथेनॉल से चलने वाले इंजन इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इससे डीजल और पेट्रोल की बचत होगी।

इथेनॉल से आइसो-ब्यूटेनॉल बनाने को लेकर क्या कहा?

उन्होंने आगे कहा कि इथेनॉल से आइसो-ब्यूटेनॉल भी बनाया जाता है, जो डीजल का विकल्प बन सकता है। इसकी जरूरत इसलिए है, क्योंकि इथेनॉल को सीधे डीजल इंजन में नहीं मिलाया जा सकता।

उन्होंने बताया कि किर्लोस्कर समूह ने दो जनरेटर सेट तैयार किए हैं। एक 100 फीसदी आइसो-ब्यूटेनॉल पर चलता है और दूसरा इथेनॉल पर। दोनों सफल रहे हैं। गडकरी ने कहा, अगर ट्रैक्टर, खेती के उपकरण, हार्वेस्टर और निर्माण कार्य की मशीनों में आइसो-ब्यूटेनॉल का इस्तेमाल किया जाए, तो डीजल का आयात खत्म किया जा सकता है। जनरेटर सेट सीएनजी, इथेनॉल, मेथेनॉल या आइसो-ब्यूटेनॉल इन सभी स्वदेशी ईंधनों पर चल सकते हैं।

उन्होंने कहा, हम विदेशी ईंधन और आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहते। अभी हम लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के जीवाश्म ईंधन का आयात करते हैं और प्रदूषण का बड़ा कारण भी यही ईंधन है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को भी बिजली से चलाया जा सकता है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation