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जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट घोषित बिहार के शुभम देश में टॉपर

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जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट घोषित बिहार के शुभम देश में टॉपर

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 4, 2026
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जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट घोषित बिहार के शुभम देश में टॉपर

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। आईआईटी रुड़की ने जेईई एडवांस्ड का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल कुल 56,880 उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस्ड क्वालिफाई किया है। इनमें 10,107 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। टॉप थ्री स्टूडेंट्स दिल्ली जोन से हैं। बिहार के शुभम कुमार ने जेईई एडवांस्ड में 360 में से 330 नंबर लाकर पूरे देश में टॉप किया है। उनकी सक्सेस स्टोरी साबित करती है कि अगर आप मेहनत करने से पीछे नहीं हटते और खुद पर विश्वास है तो सफलता आपके कदम चूमेगी।

हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं पिता

शुभम कुमार बिहार गया के रहने वाले हैं। उनके पिता शिव कुमार गया में एक हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं। उनकी मां बताती हैं कि उनका बेटा बचपन से पढ़ाई में होशियार है। हमेशा अच्छे नंबर लाता है। इस बार भी उन्हें विश्वास था कि बेटा बहुत अच्छे नंबर लाकर जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई करेगा। सिड एकेडमी को दिए एक इंटरव्यू में शुभम ने बिहार से कोटा और फिर दिल्ली जोन से जेईई एडवांस्ड में टॉप करने की जर्नी के बारे में बताया है।

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जेईई मेन में एआईआर-6

शुभम कुमार ने इससे पहले जेईई मेन 2026 परीक्षा में भी अपनी बुद्धि का लोहा मनवाया था। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माने जाने वाली जेईई मेन परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 6 प्राप्त की थी। स्कूल में अच्छे नंबरों पास होने वाले शुभम ने खुद जेईई मेन की तैयारी के लिए बिहार से कोटा आना चुना था। क्योंकि वे मानते हैं कि कोटा का कॉम्पिटेटिव माहौल उनकी रैंक सुधारने में मदद करेगा। वे पिछले डेढ़ साल से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहे हैं।

रोजाना कितने घंटे पढ़ते थे

बता दें कि वे रोजाना 4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। कोचिंग के अलावा दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी से डाउट्स क्लियर करने में उन्हें काफी मदद मिली। वे रोजाना सुबह 6:15 पर उठ जाते हैं।

जब क्लासेस नहीं होती थीं, तो पूरा टाइम सेल्फ स्टडी करते थे। जेईई एडवांस्ड से पहले शुभम का कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं था। उन्होंने हाल ही में अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया है।

रूम की दीवारों पर चिपके हैं नोट्स

शुभम कुमार ने अपने रूम की दीवार पर नोट्स चिपकाए हुए हैं ताकि खाली समय में भी उनका ध्यान उन पर रहे। आते-जाते भी केमिस्ट्री के फॉर्मूलों और पॉइंट्स पर नजर मार सकें।

हालांकि वह कहते हैं कि उन्होंने कभी भी पढ़ाई को लेकर तनाव नहीं लिया। वे तैयारी भी करते हैं और दोस्तों के साथ अच्छा समय भी बिताते हैं।

बताया, क्या गलती नहीं करनी चाहिए

शुभम का मानना है कि किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए हद से ज्यादा स्टडी मैटीरियल इकठ्ठा नहीं करना चाहिए।

तैयारी के लिए ज्यादा नोट्स नहीं बनाने चाहिए।

सिर्फ जरूरत के हिसाब से सीमित स्टडी मैटीरियल लें, ज्यादा मैटीरियल न रखें।

बार-बार कोचिंग न बदलें।

जिस प्लेटफॉर्म या यूट्यूब चैनल से पढ़ाई कर रहे हैं, उसे बार-बार बदलना नहीं चाहिए।

शुभम कहते हैं कि बार-बार कोचिंग या प्लेटफॉर्म बदलने या ज्यादा स्टडी मैटीरियल कई बार स्टूडेंट्स को भटका सकता है। इससे सिलेबस का बैकलॉग बन जाता है और तैयारी में डिस्टरबेंस आती है।

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