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अब बीते दिनों की बात हो जाएगी मोबाइल फोन में ‘नो नेटवर्क’ दिखना

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 10, 2026
in the blitz
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ब्लिट्ज ब्यूरो

बीजिंग। मोबाइल फोन में ‘नो नेटवर्क’ दिखना अब बीते दिनों की बात हो सकती है। पहाड़, जंगल, समुद्र या आपदा प्रभावित इलाकों में भी मोबाइल सिग्नल मिलने की उम्मीद है।

चीन और ब्रिटन के कुछ विश्वविद्यालयों सहित नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पाया गया कि 2030 तक 6जी तकनीक और सेटेलाइट नेटवर्क मिलकर मोबाइल के नेटवर्क को हर जगह से जोड़कर इसकी पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। इस तकनीक के जरिए स्मार्टफोन सीधे आसमान में घूम रहे सेटेलाइट से जुड़ेंगे। इससे जमीन पर मोबाइल टावर न होने पर भी कॉल और इंटरनेट सेवा मिल सकेगी।

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मस्क की कंपनी कर चुकी है साबित : एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स, एएसटी स्पेसमोबाइल और लिंक ग्लोबल जैसी कंपनियां फील्ड टेस्ट में यह साबित कर चुकी हैं कि सैटेलाइट से सीधे मोबाइल फोन को जोड़ने की तकनीक काम कर सकती है। स्पेसएक्स का स्टारलिंक तो 5,000 से ज्यादा सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुका है। अब स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां भी अपने डिवाइस में सेटेलाइट चिप शामिल करना शुरू कर रही हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उन इलाकों तक नेटवर्क पहुंचाना है जहां मोबाइल टावर लगाना आर्थिक रूप से संभव नहीं है।

6 जी का लक्ष्य है कि मोबाइल फोन सीधे सेटेलाइट से भी जुड़ सकें ताकि इन सभी जगहों पर भी नेटवर्क मिले और ‘नो नेटवर्क’ की समस्या खत्म हो सके।

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