• Latest
  • Trending
Researchers know the reason for recurrence of cancer even after treatment

ट्रीटमेंट के बाद भी दोबारा कैंसर होने का कारण जाना शोधकर्ताओं ने

March 8, 2024
Old_Bridge_over_river_Chenab_at_Ramban

बाढ़ के आरोप ख़ारिज: भारत ने पाकिस्तान के अपने ही आंकड़े सामने रखे

July 25, 2026
Students

दो करोड़ अभ्यर्थी, एक प्रश्नपत्र: निष्पक्ष परीक्षा के पीछे का असली ढांचा

July 25, 2026
gymnast

पहले पदक के बाद: आज ग्लासगो में उतरेंगी भारत की जिम्नास्ट

July 25, 2026
monsoon

आख़िरी गांव तक पहुंचने की जंग: कठिन मानसून में जुटा राहत तंत्र

July 25, 2026
metro

18 स्टेशन बंद: दिल्ली मेट्रो पर लगातार चौथे दिन पाबंदी, जानिए पूरा ब्योरा

July 25, 2026
सुप्रीम कोर्ट

अदालत, बातचीत और सुधार की रूपरेखा: परीक्षा पर भरोसा लौटाने की कोशिश

July 25, 2026
Zimbabwes

हरारे में सूर्यवंशी का जलवा: भारत की 7 विकेट से शानदार जीत

July 24, 2026
स्वच्छ ऊर्जा से मजबूत हो रही भारत की ऊर्जा सुरक्षा

धूप की ढाल: तेल के झटके का लंबा जवाब है भारत का स्वच्छ-ऊर्जा निर्माण

July 24, 2026
vikram

तीन अहम परीक्षण पास: गगनयान ने सुरक्षा की कसौटी पार की

July 24, 2026
पश्चिम एशिया संकट ने चुपचाप बदल दिया भारत के व्यापार का नक्शा

हस्ताक्षर से जहाज़ तक: भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता ज़मीन पर उतरा

July 24, 2026
Market

तेल 100 डॉलर के पार: महंगे कच्चे तेल की आंच बाज़ार तक पहुंची

July 24, 2026
भारत उच्च शिक्षा

कक्षा भी एक अवसंरचना है: अपनी प्रतिभा को रोकने की भारत की कोशिश

July 23, 2026
Sunday, July 26, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

ट्रीटमेंट के बाद भी दोबारा कैंसर होने का कारण जाना शोधकर्ताओं ने

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 8, 2024
in महाराष्ट्र
0
Researchers know the reason for recurrence of cancer even after treatment
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुंबई। कैंसर के ट्रीटमेंट के बाद भी कई लोगों में कैंसर वापस आ जाता है। इसके पीछे क्या कारण है, इस सवाल का जवाब टाटा अस्पताल के डॉक्टरों ने अध्ययन कर खोज निकाला है। सबसे अच्छी बात यह है कि कैंसर ट्रीटमेंट के परिणाम को बेहतर बनाने और इलाज के समय होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को घरेलू नुस्खे से कम किया जा सकता है, इसके प्रमाण प्राथमिक अध्ययन मिले हैं। टाटा अस्पताल के खारघर स्थित एडवांस सेंटर फॉर ट्रीटमेंट, रिसर्च, एंड एजुकेशन इन कैंसर (एक्ट्रेक) अस्पताल के ट्रांसलेशनल रिसर्च लेबोरेट्री के प्रो डॉ. इंद्रनील मित्रा के नेतृत्व में कैंसर इलाज को और प्रभावी बनाने के लिए गेमचेंजर शोध किया गया है।

– शरीर के दूसरे हिस्से में पहुंच जाते हैं कैंसर सेल के मरते कण
– घरेलू नुस्खे से कम की जा सकती हैं स्वास्थ्य समस्याएं

चूहों पर किया गया शोध
डॉ. मित्रा ने बताया कि कैंसर का ट्रीटमेंट पूरा होने के बाद भी रोग खत्म होने के बजाय शरीर के अन्य हिस्से में कैसे फैलता है? इस सवाल को खोजने के लिए हमने चूहों पर शोध किया। चूहों में मनुष्य के कैंसर सेल डाले गए। जिसके बाद चूहों में कैंसर सेल के कारण ट्यूमर निर्माण हुआ। हमने रेडिएशन थेरेपी, कीमो थेरेपी और सर्जरी के माध्यम से उनका इलाज किया, लेकिन हमने यह पाया कि रेडिएशन और कीमो देने के बाद कैंसर सेल्स नष्ट होकर उनके बहुत ही छोटे -छोटे टुकड़े हो गए। इन मरते हुए कैंसर सेल में से क्रोमेटिन कण (क्रोमोसोजन के टुकड़े) रक्त वाहिनी के जरिए शरीर के दूसरे हिस्से में पहुंच जाते हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

प्लास्टिक के फूलों पर राज्य में प्रतिबंध

मुंबई की फैमिली के चारों सदस्यों के पास सिर्फ एक किडनी

तांबे का दिखाई दिया असर
ये क्रोमोसोजन के टुकड़े शरीर में मौजूद अच्छे सेल्स में मिल जाते हैं और उन्हें भी कैंसर सेल में तब्दील कर देते हैं। इस शोध से यह स्पष्ट हो गया है कि कैंसर सेल नष्ट होने बावजूद क्यों वापस आ जाते हैं। अब इस समस्या का निवारण क्या है ? तो हमने कुछ चूहों को रेसवेरेट्रॉल (फलों में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट) और कॉपर (तांबा) के संयुक्त प्रो-ऑक्सीडेंट टेबलेट दिए। उक्त टेबलेट उन क्रोमोसोजन को बेअसर करने में काफी असरदार साबित होते हैं जो अच्छे सेल्स को कैंसर सेल्स में तब्दील करते हैं।

ट्रीटमेंट में सुधार में मिलेगी मदद
टाटा मेमोरियल सेंटर के पूर्व निदेशक डॉ. राजेंद्र बडवे ने बताया कि कैंसर के इलाज को हम और कितना बेहतर बना सकते हैं, इस दिशा में सोचने, शोध करने की जरूरत है। यदि ट्रीटमेंट में 70 फीसदी इंप्रूवमेंट हुई तो हम उसे 80 या 90 फीसदी तक कैसे करें। डॉ. मित्रा के शोध से न केवल हमें बल्कि पूरे विश्व में कैंसर इलाज को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

समस्या का निवारण घरेलू नुस्खा
टाटा मेमोरियल सेंटर के उपनिदेशक सेंटर फॉर कैंसर एपिडीमिलॉजी डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि समस्या की जड़ का पता लगाने के साथ – साथ उसका निवारण भी उतना ही जरूरी है। कॉपर-रेसवेरेट्रॉल के एक घरेलू नुस्खा है। कैंसर के इलाज को बेहतर बनाने और इलाज के दौरान होने वाले दुष्परिणामों को कम करने में भी मददगार साबित होता है। रेसवेरेट्रॉल अंगूर, बेरीज के छिलके सहित अन्य पदार्थों से मिलता है। कई खाद्य पदार्थों से भी कॉपर मिलता है।

इन कैंसर का साइड इफेक्ट हुआ कम टाटा के बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ
डॉ. नवीन खत्री के अनुसार इलाज के दौरान मरीज के मुंह में छाले पड़ जाते हैं, कॉपर-रेसवेरेट्रॉल के सेवन से इस तकलीफ से काफी राहत मिलती है। यह भी सामने आया है कि मुंह के कैंसर की जो कोशिकाएं थीं, उनमें काफी आक्रामकता देखी गई थी, लेकिन कॉपर-रेसवेरेट्रॉल की टेबलेट देने के बाद कैंसर सेल की तीव्रता कम हो गई। पेट से संबंधित कैंसर मरीजों के इलाज के दौरान उनके हाथ और पांव पर स्किन पैच छूटने लगते हैं। टेबलेट उक्त साइड इफेक्ट को भी कम करने में मददगार साबित हुई है। ब्रेन ट्यूमर के मरीजों में भी कॉपर-रेसवेरेट्रॉल के सेवन से बेहतर परिणाम मिले हैं।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation