• Latest
  • Trending
court

सीजेआई चंद्रचूड़ समेत 34 जजों का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

December 29, 2023
solar

288 गीगावॉट के बाद का सवाल: भारत शाम की बिजली कहां रखेगा

July 27, 2026
vikram

तीन जांचें और पूरी: गगनयान उन पड़ावों से गुज़रा जिनकी तस्वीरें नहीं छपतीं

July 27, 2026
ev-charging

हर आठ में एक: इलेक्ट्रिक गाड़ियों ने वह लकीर पार कर ली जो अब पीछे नहीं जाएगी

July 27, 2026
export

बारह दिन शुल्क-मुक्त: भारत–ब्रिटेन समझौते ने ज़मीन पर क्या बदला

July 27, 2026
exam

छह लोग, एक परीक्षा हॉल: भारत ने अपनी परीक्षा व्यवस्था टास्क फोर्स के हवाले की

July 27, 2026
सुप्रीम कोर्ट

‘साल भर नज़र रखेंगे’: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले को लगातार निगरानी में बदल दिया

July 27, 2026
semiconductor

₹1.27 लाख करोड़, दूसरा चरण: अपनी चिप बनाने की राह पर भारत का बड़ा दांव

July 27, 2026
mansoon

16 से 6 फ़ीसदी: देर से आई बारिश के बाद तेज़ी से भरता खरीफ़ बुवाई का अंतर

July 27, 2026
Congratulations to Mirabai Chanu

सोने की हैट्रिक: मीराबाई चानू ने तोड़ डाले मुक़ाबले के सारे रिकॉर्ड

July 27, 2026
bharat-jal-suraksha-rainwater-harvesting-2026

बारिश के बाद का असली सवाल: भारत अपना पानी कहां रखेगा

July 27, 2026
व्यवस्था में हो सुधार, अराजकता अस्वीकार्य

प्रोटेस्ट, पॉलिटिक्स और अराजकता!

July 27, 2026
modi

सरकार छात्रों के साथ, पेपर लीक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट ः मोदी

July 27, 2026
Wednesday, July 29, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

सीजेआई चंद्रचूड़ समेत 34 जजों का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट में इस साल निपटाए गए सबसे ज्यादा केस

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 29, 2023
in लीगल
0
court
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले निपटाए जाने की रफ्तार इस साल एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ समेत 34 जजों ने इस साल सुप्रीम कोर्ट में दर्ज किए गए 49,191 मामलों की तुलना में पूरे साल में 52,191 मामलों का निपटारा किया है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए 36,565 मामलों के मुकाबले 39,800 मामलों का निपटारा किया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक उपलब्ध आंकड़ों से पता चला है कि लंबित मामलों को निपटाने की रफ्तार 2020 और 2021 के दो कोविड महामारी से प्रभावित वर्षों में घटकर महज 20,670 और 24,586 रह गई थी।

YOU MAY ALSO LIKE

‘सब्जी की तरह खाली बर्थ बेचते हैं टीटीई’

सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो के दुरुपयोग पर जताई चिंता

बहरहाल अब लंबित मामले निपटाने की रफ्तार में तेजी आ गई है। 2022 में 39,800 मामलों का निपटारा किया गया और 2023 में निपटाए गए मामलों की संख्या 52,191 दर्ज की गई। हालांकि इतनी तेजी से लंबित मामलों को निपटाए जाने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट में लगभग 80,000 मामलों का लंबित होना सीजेआई चंद्रचूड़ और सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के लिए चुनौती बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए तथा कोविड से प्रभावित व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश 2022 में शुरू की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के क्रमश: तीन मुख्य न्यायाधीशों- एनवी रमना, यूयू ललित और चंद्रचूड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान इसके लिए काफी प्रयास किए हैं। इसके परिणामस्वरूप 2022 में लंबित मामलों को निपटाए जाने की दर में पिछले साल की तुलना में 150 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। हालांकि मामलों को दायर करने और सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के बीच के अंतर को कम करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों और एआई का उपयोग करने के लिए सीजेआई चंद्रचूड़ ने आधारभूत सुधार शुरू किए हैं। इसके अलावा पारंपरिक अदालतों को कागज रहित अदालतों में बदलने और मामलों की शीघ्र लिस्टिंग के लिए प्रतिदिन सैकड़ों ई-मेल पर ध्यान देने के कारण हालात में एक बड़ा बदलाव आया।

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान देने वाले प्रमुख कारकों में से एक टेक्नोलॉजी का उपयोग था। सुप्रीम कोर्ट ने दक्षता बढ़ाने और प्रक्रिया में देरी को कम करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक केस मैनेजमेंट सिस्टम्स को अपनाया। ई-फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई और डिजिटल रिकॉर्ड रखे जाने से तेज और अधिक सुलभ न्याय प्रणाली को सुविधाजनक बनाने में मदद मिली। 2021 में प्रति जज प्रति माह केस निपटान केवल 60 था, जो 2022 में बढ़कर 98 और इस साल 128 हो गया। 2023 में सुप्रीम कोर्ट के हर जज की केस निपटाने की दर 4,349 मामले है जो 21 हाईकोर्ट में प्रति जज लगभग 1,400 मामलों के सालाना औसत निपटान से काफी अधिक है।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation