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15 लाख के एजुकेशन लोन पर बचा सकते हैं 3 लाख

by ब्लिट्ज़ इंडिया
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ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। आजकल हर भारतीय युवा की आंखें विदेशी धरती पर पढ़ाई के सपने देख रही हैं लेकिन इस सपने को पूरा करने वाला एजुकेशन सिस्टम उत्तम नहीं है । मोरेटोरियम में लाखों का नुकसान हो सकता है? विशेषज्ञों का साफ कहना है कि 15 लाख रुपए के लोन पर अगर आपने भुगतान का गलत तरीका चुना तो आपको 3 लाख रुपए तक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, लोन मंजूर करवाने के लिए बैंक आपके शैक्षणिक रिकार्डोँ और भविष्य की सैलरी तक को स्कैन करते हैं। इस खास रिपोर्ट में जानिए कि लोन चुकाने के सही तरीके क्या हैं, बैंक आपसे क्या छिपाते हैं और आप विदेश में पढ़ाई के दौरान होने वाली 4 बड़ी गलतियों से किस तरह बच सकते हैं।
1. बैंक लोन देने से पहले क्या देखते हैं?
छात्र की पढ़ाई का रिकॉर्ड, कोर्स की क्वालिटी और भविष्य में नौकरी मिलने की संभावना। साथ ही, माता-पिता की आय का ट्रैक रिकॉर्ड।
सबसे अहम चीज छात्र की शैक्षणिक मजबूती, संस्थान की गुणवत्ता और एजुएशन के बाद नौकरी मिलने की अनुमानित संभावनाएं हैं। इसमें लोन आसानी से मिल जाता है। ज्यादातर बैंक आरबीआई की मॉडल एजुकेशन लोन स्कीम का पालन करते हैं। दाखिला यदि किसी मान्यता प्राप्त कोर्स में होता है, तो बिना कुछ गिरवी रखे भी लोन मंजूर होने की संभावना बढ़ जाती है।
2. लोन कैसे चुकाना पड़ता है?
लोन चुकाना मोरेटोरियम पीरियड खत्म होने के बाद शुरू होता है। यानी कोर्स के टाइम एक साल तक बैंक कई ऑप्शन भी देते हैं। मसलन फौरन ईएमआई से लेकर पूरे मोरेटोरियम तक। एक्सिस बैंक प्रवक्ता ने उदाहरण देते हुए बताया 15 लाख रुपए का लोन, 10% ब्याज, 180 महीने का समय, 30 महीने का मोरेटोरियम।
तुरंत ईएमआई शुरू की तो कुल ₹31.6 लाख चुकाने पड़ेंगे।
सिम्पल इंटरेस्ट वाला ऑप्शन लिया तो ₹30 लाख भरने पड़ेंगे।
3. ये गलतियां करने से हमेशा बचें
देरी करना : बैंकिंग एकस्पर्स के अनुसार, सबसे बड़ी गलती यह है कि छात्र दाखिला पक्क ा होने तक इंतजार करते हैं। बैंक सलाह देते हैं कि दाखिले में पहले ही लोन के विकल्प टटोलना शुरू कर दें।
छिपे खर्चों को नजरअंदाज करना ः परिजन अक्सर ट्यूशन फीस के अलावा रहने खाने, परीक्षा फीस जैसे खर्चों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे बाद में पैसों की कमी पड़ जाती है।
कवरेज न जांचनाः आवेदन करते समय यह जरूर जांच लें कि बैंक 100% खर्च कवर कर रहा है या केवल 80-85%।
4. विदेश में पढ़ाई के छिपे हुए खर्च
विदेश में पढ़ने वाले छात्र अक्सर कई खर्चों का अनुमान नहीं लगा पाते जैसे
वीजा शुल्क और इंश्योरेंस : लैपटॉप अन्य उपकरण का खर्च, किराये की डिपॉजिट राशि, वीजा-इंटरव्यू के लिए यात्रा खर्च।
मुद्रा में उतार-चढ़ाव ः करेंसी में बदलाव कुल लागत को बढ़ा सकता है, खास तौर पर तब, जब आप कमजोर करेंसी से लोन चुका रहे हों।
एजुकेशन लोनः बैंकों की मौजूदा ब्याज दरें
9.15% भारतीय स्टेट बैंक
8.25% यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
8.35% पंजाब नेशनल बैंक
9.5% आईडीएफसी, फर्स्ट बैंक।
18 नवंबर 2025 तक के अनुमानित आंकड़े।
प्रभावी ब्याज दरें प्रोफाइल और लोन की रातों के हिसाब से बदल सकती हैं।

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