• Latest
  • Trending

कमजोर आंखों वाली निशा ने जो किया वो आंखें चौंधिया देगा

January 15, 2025
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
Friday, October 9, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

कमजोर आंखों वाली निशा ने जो किया वो आंखें चौंधिया देगा

विशेष दूरबीन से ब्लैकबोर्ड पर लिखे लेक्चर पढ़े, बनीं वन सेवा अधिकारी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 15, 2025
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। इच्छा शक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह साबित करके दिखाया है कर्नाटक के विजयनगर जिले में कुरलगी इलाके की रहने वाली निशा एसएन ने। निशा ने बचपन से ही ऐसी चुनौतियों का सामना किया, जो मजबूत से मजबूत इंसान का हौसला हिला दे। उन्हें जन्म से ही एल्बिनिज्म नाम की आनुवंशिक बीमारी थी, जिसके वजह से उनकी नजर बेहद कमजोर थी। ब्लैकबोर्ड पर टीचर क्या लिखते हैं, उसे दिखाई नहीं देता था, पिछले बेंच से तो बिल्कुल नहीं। विशेष कोचिंग के दौरान टीचर ने अगले बेंच पर बैठने का अवसर नहीं दिया लेकिन एक साधक की तरह वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अड़ी रही। मेहनत और साधना रंग लाई और उसने यूपीएससी की भारतीय वन सेवा परीक्षा में 90वीं रैंक हासिल करके सबकी आंखें खोल दी हैं।

निशा 12वीं क्लास में थीं, जब उनके पिता का निधन हो गया। निशा के सामने मुश्किलें ही मुश्किलें थीं। लेकिन वो अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश में जुटी रहीं। पापा सरकारी नौकरी में थे। परिवार के लिए पूरी तरह से बस वही एक सहारा थे लेकिन, कभी नहीं सोचा था कि ऐसा मनहूस दिन भी देखना पड़ेगा। अचानक वो सबको छोड़कर चले गए। पूरा परिवार अचानक से टूट गया। तीन साल तक न कोई निश्चित इनकम थी और न कोई उम्मीद।

YOU MAY ALSO LIKE

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

टीचर और दोस्तों ने दिया साथ
अपने गांव के स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद निशा ने कॉलेज ऑफ फॉरेस्ट्री से बीएससी फॉरेस्ट्री की डिग्री हासिल की। निशा बताती हैं कि उनकी ये यात्रा बिलकुल भी आसान नहीं थी। निशा की कमजोर नजर के कारण आसान काम भी काफी मुश्किल हो गए थे। हालांकि इस दौरान उनके शिक्षक और दोस्त मजबूती से उनके साथ खड़े रहे। इन सबने मिलकर उनके लिए आगे की बेंच में बैठने की विशेष व्यवस्था की। उनके दोस्तों ने तो इतना साथ दिया कि खुद निशा के नोट्स तैयार किए।

हां, तुम परीक्षा दे सकती हो
अपनी कमजोर दृष्टि के कारण निशा प्रदेश की फॉरेस्ट सर्विस में नहीं जा सकती थीं लेकिन यहां एक और अच्छी बात हुई। कर्नाटक सरकार के सामाजिक कल्याण मंत्रालय ने उन्हें निशुल्क कोचिंग कार्यक्रम के लिए चुना। कोचिंग सेंटर ने उन्हें बताया कि उनकी कमजोर नजर के बावजूद वो भारतीय वन सेवा की परीक्षा दे सकती हैं।

कोचिंग क्लास की वो मुश्किल
निशा ने कोचिंग सेंटर के टीचर से कहा कि उनकी नजर कमजोर है, इसलिए उन्हें आगे की सीट मिल जाए तो अच्छा होगा, लेकिन टीचर ने उनकी मांग पर अपने हाथ खड़े कर दिए। अब ऐसी हालत में निशा आगे की सीट पर बैठने के लिए हर दिन 30 से 40 मिनट पहले सेंटर पहुंच जाती थीं।

और आखिरकार निशा ने हासिल की कामयाबी
निशा ने अपनी तैयारी के दौरान बोर्ड पर लिखे कंटेंट को पढ़ने के लिए विशेष दूरबीन का इस्तेमाल किया।
हालांकि यहां समस्या ये थी कि इससे उन्हें अक्सर सिरदर्द और आंखों में खिंचाव महसूस होने लगा। निशा बताती हैं कि वो टीचर के लेक्चर समझ सकें, इसके लिए पूरी तरह से उन्हें सुनने और समझने पर फोकस करती थीं। ये सब बहुत मुश्किल था, लेकिन निशा जानती थीं कि अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए ये सब जरूरी है। और ऐसी ही चुनौतियों के बीच, निशा ने साल 2023 में यूपीएससी के तहत भारतीय वन सेवा की परीक्षा दी। उनका रिजल्ट वाकई करिश्माई था। निशा को परीक्षा में 90वीं रैंक हासिल हुई।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation