• Latest
  • Trending

मौसमी घटनाओं से 1.74 करोड़ हेक्टेयर फसल तबाह, 4419 मौतें

December 27, 2025
daily-news

भारत के विभिन्न राज्यों की महत्वपूर्ण खबरें

September 2, 2026
हरित भारत मिशन CAG रिपोर्ट 2026

हरित भारत मिशन का दस साल का हिसाब

August 31, 2026
पराली से बायो-बाइंडर तकनीक

पराली जो अब सड़क बनेगी

August 31, 2026
भारत-उज़्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

भारत-उज़्बेकिस्तान व्यापक रणनीतिक साझेदारी

August 31, 2026
daily-news

भारत-उज़्बेकिस्तान सहयोग: शिक्षा, दवा, कृषि, योग और खेल में नई साझेदारी

August 31, 2026
प्रोजेक्ट इम्पोर्ट्स योजना CAG ऑडिट 2026

जिस फ़ाइल की कोई आख़िरी तारीख़ नहीं

August 31, 2026
भारत सरकारी योजनाएं और प्रमुख घटनाक्रम अगस्त 2026

भारत का अपना पॉपकॉर्न बीज

August 31, 2026
daily-news

भारत सरकारी योजनाएं और प्रमुख घटनाक्रम अगस्त 2026

August 31, 2026
भारतीय मानक समय नियम 2026

अब पूरे देश की घड़ी एक होगी

August 31, 2026
भारत-जापान स्टार्टअप और डीप टेक 2026

अब भारत सस्ता नहीं, हुनर बेच रहा है

August 30, 2026
भारत की आर्थिक और कारोबारी गतिविधियाँ अगस्त 2026

सप्ताह की समीक्षा

August 30, 2026
ई-श्रम पोर्टल के 5 साल: 31.89 करोड़ पंजीकरण, 54.28% महिलाएँ

हर दिन पौने दो लाख नाम

August 30, 2026
Thursday, September 3, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

मौसमी घटनाओं से 1.74 करोड़ हेक्टेयर फसल तबाह, 4419 मौतें

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 27, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

भारत के विभिन्न राज्यों की महत्वपूर्ण खबरें

हरित भारत मिशन का दस साल का हिसाब

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। साल 2025 भारत के लिए जलवायु संकट से भरा रहा। पूरे साल लोग चरम मौसमी घटनाओं से जूझते रहे। जनवरी से नवंबर के बीच 334 में से 331 दिन देश के किसी न किसी हिस्से में लू, शीत लहर, आकाशीय बिजली, भीषण बारिश, बाढ़, भूस्खलन, तूफान या मेघ फटने जैसी घटनाओं के नाम रहे।
दिल्ली स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) और डाउन टू अर्थ के विश्लेषण के मुताबिक इन 11 महीनों में चरम मौसम ने 4,419 लोगों की जान ली, करीब 1.74 करोड़ हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया, 1,81,459 से अधिक घर तबाह हुए और लगभग 77,189 पशुओं की मौत दर्ज की गई। यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उस बदलते भारत की तस्वीर है, जहां जलवायु परिवर्तन अब भविष्य का खतरा नहीं, बल्कि वर्तमान का सबसे बड़ा संकट बन चुका है।
99 फीसदी दिनों में चरम मौसमी घटनाएं
जनवरी से नवंबर 2025 के बीच 99 प्रतिशत से अधिक दिनों में देश में चरम मौसमीय घटनाएं दर्ज की गई। 334 दिनों की इस अवधि में केवल तीन दिन ऐसे रहे, जब किसी भी हिस्से से किसी बड़ी चरम घटना की रिपोर्ट नहीं आई। लू और शीत लहर से लेकर आकाशीय बिजली, तूफान, चक्रवात, अत्यधिक वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन तक लगभग हर किस्म की जलवायु आपदा ने साल भर देश को घेरे रखा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह निरंतरता अपने आप में चेतावनी है। अब चरम मौसम किसी एक मौसम या क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे साल और पूरे देश में फैल चुका है।
कृषि क्षेत्र में नुकसान और भी तेजी से बढ़ा
2022 में जहां करीब 19.6 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ था, वहीं 2025 में यह आंकड़ा लगभग नौ गुना बढ़कर 1.74 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंच गया। यह रुझान साफ बताता है कि जलवायु संकट भारत को खाद्य सुरक्षा और किसानों की आजीविका के लिए सीधा खतरा बन चुका है।
तापमान और वर्षा के टूटते रिकॉर्ड
साल 2025 में जलवायु से जुड़े कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। जनवरी 1901 के बाद से यह भारत की पांचवीं सबसे शुष्क जनवरी रही। फरवरी पिछले 124 वर्षों में सबसे गर्म महीना दर्ज किया गया। मार्च में देश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.02 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। यह सब तब दर्ज किया गया, जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) पहले ही तापमान विचलन को आधार अवधि को 1981-2010 से बदलकर अपेक्षाकृत गर्म 1991-2020 कर चुका है।
बिजली, तूफान, बाढ़ सबसे घातक
साल के दौरान आकाशीय बिजली और आंधी-तूफान सबसे घातक साबित हुए जिनसे 1,538 मौतें हुई। लगातार मानसूनी बारिश, मेघ फटने, बाढ़ और भूस्खलन से 2,707 लोगों की जान गई।
साल भर फैला संकट: अब कोई सामान्य मौसम नहीं पिछले चार वर्षों का रुझान साफ दिखाता है कि भारत में अत्यधिक मौसम अब केवल मानसून या गर्मियों तक सीमित नहीं रहा। सर्दी, प्री-मानसून, मानसून और पोस्ट-मानसून, हर मौसम में लगातार आपदाएं दर्ज हो रही हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation