• Latest
  • Trending
Score of 67 toppers in NEET UG is 720/720, 14 girls also included.

‘एसआईआर प्रोसेस को संवैधानिक प्रावधान के तहत पूरा करना होगा’

December 13, 2025
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
Monday, October 12, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

‘एसआईआर प्रोसेस को संवैधानिक प्रावधान के तहत पूरा करना होगा’

सुप्रीम कोर्ट ने बीएलओ की मौतों पर जताई चिंता

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 13, 2025
in the blitz
0
Score of 67 toppers in NEET UG is 720/720, 14 girls also included.

YOU MAY ALSO LIKE

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

राजेश दुबे
नई दिल्ली। दक्षिण भारत के एक राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि एसआईआर प्रोसेस को संवैधानिक प्रावधान के तहत पूरा करना होगा। हालांकि, कोर्ट ने बीएलओ की मौतों पर गंभीर चिंता जताते हुए राज्यों को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारियों का बोझ कम करें।
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने के सिलसिले में तमिलनाडु के राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कषगम यानी टीवीके की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कई बातें कहीं। बेंच ने कहा कि किसी भी सूरत में यह संवैधानिक प्रावधान पूरा करना होगा, यानी राज्य सरकार को एसआईआर का काम करवाने में सहयोग देना होगा।
याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि काम के ज्यादा दबाव की वजह से 35-40 बीएलओ की मौत हो चुकी है, इसलिए उन्होंने मुआवज़ा देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि तमाम राज्यों में चुनाव आयोग की ओर से जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत बीएलओ को नोटिस भेजे जा रहे हैं कि अगर उन्होंने टारगेट पूरे नहीं किए तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।
दलील में कहा गया कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में 50 एफ आईआर दर्ज की गई हैं। मीडिया में कहा जा रहा है कि बीएलओ को जेल भेजेंगे, स्कूल शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने जताई चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर के दौरान बीएलओ की मौतों पर गंभीर चिंता जताते हुए उन पर काम का बोझ कम करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम राज्यों से कह सकते हैं कि वे कर्मचारियों को बदल दें। कोर्ट ने कहा, यह राज्यों की ज़िम्मेदारी है। राज्य सरकारें और ज्यादा कर्मचारी लगाएं, जिससे काम के घंटे उसी हिसाब से कम किए जा सकें। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई बीमार या असमर्थ है, तो राज्य वैकल्पिक कर्मचारी तैनात कर सकता है। जहां दस हजार कर्मी हैं, वहां 20 या 30 हजार कर्मी लगाए जा सकते हैं।
वापस लेने की अनुमति नहीं
सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि उन्हें जिम्मेदारी लौटाने यानी खुद को वापस लेने या इस्तीफा देने की अनुमति नहीं दी जा रही है, यही तो समस्या है। यह स्वैच्छिक कार्य नहीं है। आप न तो वापस ले सकते हैं और न ही इस्तीफ़ा दे सकते हैं। सेक्शन 32 की शिकायत सिर्फ चुनाव आयोग ही शुरू कर सकता है। शंकरनारायणन ने कहा, मैं तालिकाएं और चार्ट दे रहा हूं। यह मानवीय मुद्दा है। उन्होंने बताया कि एक शख्स ने अपनी खुद की शादी के लिए छुट्टी मांगी थी, उसे छुट्टी नहीं दी गई, उसने सुसाइड कर लिया। चुनाव आयोग की तरफ से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने कहा कि तमिलनाडु में 91 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसका चुनावों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। सीजेआई ने कहा कि कर्मचारियों की लिस्ट तो राज्य सरकार देती है, राज्य सरकार वैकल्पिक कर्मचारी दे सकती है।
उन्होंने कहा, अगर किसी कर्मचारी के पास ड्यूटी से छूट मांगने की कोई खास वजह है, तो संबंधित अधिकारी केस-टू-केस आधार पर इस मुद्दे पर विचार कर सकते हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation