• Latest
  • Trending
Kanpur airport now 16 times bigger

14 साल से उड़ रहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां

December 27, 2024
नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

October 31, 2026
नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक

October 31, 2026
युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

युवाओं के आइडिया और उत्पादों को पंख देने की तैयारी

October 31, 2026
केविन पीटरसन ने बताया, कैसे बदल रहा है भारत

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

October 31, 2026
यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

यूपी सरकार 1,000 एकड़ में डेटा सेंटर और आईटी हब करेगी विकसित

October 31, 2026
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली के 70 घाटों पर उतरे हजारों लोग

October 31, 2026
फिर बदला भदोही का नाम

फिर बदला भदोही का नाम

October 31, 2026
'मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी'

‘मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी’

October 31, 2026
गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

गुजरात लगातार पांचवीं बार स्टार्टअप के लिए सर्वश्रेष्ठ राज्य बना

October 31, 2026
बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

बेलापुर में भूमि के दाम आसमान पर

October 31, 2026
हवा सुधारने को बीएमसी का 'डीप क्लीन प्लान'

हवा सुधारने को बीएमसी का ‘डीप क्लीन प्लान’

October 31, 2026
बंगाल में चुनाव से पहले हुआ खेला लाखों फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट हुए थे जारी

पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मोबाइल पर लगेगा बैन

October 31, 2026
Sunday, November 1, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

14 साल से उड़ रहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां

by ब्लिट्ज़ इंडिया
December 27, 2024
in the blitz
0
Kanpur airport now 16 times bigger
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बोरवेल और ट्यूबेल में बच्चों के गिरने के मुद्दे पर साल 2010 में दिशा-निर्देश दिए थे। मगर आज 14 साल से अधिक समय बाद भी लगातार हो रहीं घटनाएं यह दिखाती हैं कि शीर्ष अदालत के आदेश के अनुपालन में कितनी लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही जागरूकता पैदा करने की कितनी जरूरत है। हाल ही में इस तरह की कई दुर्घटनाएं होने के बाद यह मुद्दा फिर से सामने आ गया है। इससे नाटकीय बचाव अभियान फिर शुरू हो गया है।

ये घटनाएं हुईं ं
हाल ही में, एक तीन साल की बच्ची चेतना राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ जिले में एक खुले बोरवेल में गिर गई थी। उसे 150 फीट गहरे बोरवेल से बचाने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को तैनात किया गया था। इसके अलावा, नौ दिसंबर को पांच साल का आर्यन राजस्थान के दौसा में खेलते समय 150 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था और 55 घंटे के बचाव अभियान के बाद उसे बेहोश निकाला गया था और अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया था। दुखद ये है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के उद्देश्य से 11 फरवरी, 2010 को शीर्ष अदालत द्वारा जारी व्यापक दिशानिर्देशों के बावजूद ये घटनाएं हुई हैं।

YOU MAY ALSO LIKE

नार्को-सिंडिकेट पर महाप्रहार

नया भारत, जिसे दुनिया देख रही है

11 फरवरी 2010 को दिए थे निर्देश
11 फरवरी 2010 को शीर्ष अदालत द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में निर्माण के दौरान बोरवेल व कुएं के चारों ओर कांटेदार तार की बाड़ लगाना, कुएं के ऊपर बोल्ट के साथ तय स्टील प्लेट कवर का उपयोग करना और नीचे से जमीनी स्तर तक बोरवेल को भरना शामिल था।

ये निर्देश तब जारी किए गए थे जब तत्कालीन सीजेआई के जी बालकृष्णन की अगुवाई वाली एक पीठ ने 13 फरवरी, 2009 को देश में इस तरह की दुर्घटनाओं के बारे में अपने संज्ञान में लाने वाली एक पत्र याचिका पर स्वत: संज्ञान लिया था। शीर्ष अदालत ने अधिकारियों से यह भी कहा था कि इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

उस आदेश में कहा गया था, इस अदालत के संज्ञान में लाया गया है कि कई मामलों में बच्चे बोरवेल और ट्यूबवेल या बेकार कुओं में गिर गए हैं। ये रिपोर्ट विभिन्न राज्यों से आ रही हैं। हमने स्वत: पहल की और शीर्ष अदालत ने 11 फरवरी 2010 को अपने आदेश में कहा था कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने के लिए विभिन्न राज्यों को नोटिस जारी किया है।

अदालत ने दिए थे अहम निर्देश
अदालत ने निर्देश दिया था कि सभी ड्रिलिंग एजेंसियों, सरकारी, अर्ध-सरकारी या निजी, का पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए। कुएं के पास निर्माण के समय निम्नलिखित विवरण के साथ एक साइनबोर्ड का निर्माण: (ए) कुएं के निर्माण या पुनर्वास के समय ड्रिलिंग एजेंसी का पूरा पता, (बी) उपयोगकर्ता एजेंसी या मालिक का पूरा पता होना चाहिए।

तीन फरवरी, 2020 को खुले हुए बोरवेल और ट्यूबवेल में बच्चों के गिरने के मामलों के साथ शीर्ष अदालत ने अधिवक्ता जी एस मणि द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की थी, जिन्होंने इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने में विफल रहने के लिए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शीर्ष अदालत ने अपने 2010 के आदेश के अनुपालन पर केंद्र और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत की वेबसाइट के अनुसार रिट याचिका को दो साल से अधिक के अंतराल के बाद सूचीबद्ध किया जाना है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation