• Latest
  • Trending

भारत ‘बहुत बड़ी शक्ति’

March 2, 2026
प्रधानमंत्री मोदी

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

October 13, 2026
प्याज

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

October 13, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
Tuesday, October 13, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत ‘बहुत बड़ी शक्ति’

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 2, 2026
in the blitz
0
पार्थ नादपारा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बेहद अच्छा मित्र बताने वाले इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने उनके पहुंचने से पहले कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण बातें कही थीं। उन्होंने कहा कि इजरायल अपने सहयोगियों के साथ ‘मजबूत गठबंधन’ कर रहा है और उन्होंने इसमें भारत को ‘बहुत बड़ी शक्ति’ बताया है। दरअसल नेतन्याहू एक ‘हेक्सागोनल अलायंस’ की घोषणा करने वाले हैं जिसमें भारत, ग्रीस और साइप्रस के अलावा कुछ अरब, अफ्रीकी और एशियाई देश शामिल हो सकते हैं।

इजरायल के हेक्सागोनल अलायंस प्लान में ईरान, तुर्की, सऊदी अरब और कतर जैसे देश टारगेट पर लग रहे हैं जिनमें ‘कट्टरपंथी सुन्नी और शिया’ दोनों ही तरह के देश शामिल हैं। हालांकि, इन चारों देशों के साथ भारत के अपने ऐतिहासिक संबंध रहे हैं जिनमें मौजूदा जियोपॉलिटिक्स की वजह से कुछ के साथ हाल के वक्त में थोड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। बड़ी बात यह है कि नेतन्याहू ने अपने प्लान की घोषणा पीएम मोदी की यात्रा के एलान के समय से ही की है।

YOU MAY ALSO LIKE

भारत की विकास गाथा: स्टार्टअप, व्यापार, डेटा और खादी

प्याज महंगा, सेना को 27 पदक और नई रक्षा पहल

अरब, पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर असर
ये एक ऐसा वक्त है, जिसमें भारत, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच त्रिपक्षीय साझेदारी पर भी चर्चा चल रही है। पीएम मोदी के इजरायल जाने से पहले यूएई के राष्ट्रपति राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के साथ रक्षा समझौता करके जा चुके हैं। भारत के साथ सऊदी अरब के भी अच्छे संबंध हैं लेकिन वह पाकिस्तान से गलबहियां करके भारत के मन में आशंका पैदा कर चुका है। दूसरी तरफ यूएई पहले से ही उससे खफा है। ऐसे में अगर इजरायल, भारत और यूएई में किसी तरह की त्रिपक्षीय साझेदारी पर बात पक्क ी हो गई तो अरब से लेकर पश्चिम एशिया तक की भू-राजनीति बदल सकती है।

भारत-इजरायल की रणनीति के पीछे अमेरिका!
अमेरिका की वजह से इस समय ईरान पर हमले की तलवार लटकी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी वक्त हमले की धमकी दिए जा रहे हैं।

भारत- इजरायल साझेदारी कितनी महत्वपूर्ण
भारत पिछले एक दशक में इजरायल के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बनकर उभरा है। निश्चित तौर पर पीएम मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा इस रिश्ते को और मजबूत करने के लिए है। संभव है कि इस साल बेंजामिन नेतन्याहू भी इसी तरह भारत यात्रा पर आएं। दोनों देशों के बीच डिफेंस और सिक्योरिटी, लेबर और ट्रेड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी व इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर सहयोग का मुख्य एजेंडा है और इसके साथ ही यात्रा के माध्यम से पूरे पश्चिम एशिया और अरब देशों को सांकेतिक तौर पर संदेश देने का भी प्रयास समाहित है।

फिर भी अगर पीएम मोदी इजरायल गए हैं तो इसका साफ संकेत है कि उनकी नई दिल्ली वापसी तक हमले नहीं शुरू करने की गारंटी इजरायल ने अमेरिका से पहले ही ले रखी है। नेतन्याहू ने पश्चिम एशिया और अरब को लेकर जो योजना बनाई है उसपर अमेरिकी नजरिए से यही संदेश निकल रहा है कि जो कुछ हो रहा है, उसमें कहीं न कहीं अमेरिका को भी भरोसे में लिया गया है। इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने ‘हेक्सागोनल अलायंस’ वाले मंसूबे पर जो टिप्पणी की है उससे ठीक पहले इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने एक इंटरव्यू में उन्हें अमेरिकी समर्थन होने का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था, बाइबिल के अनुसार मध्य-पूर्व या पश्चिम एशिया के अधिकतर हिस्से को इजरायल अगर नियंत्रण में लेता है तो यह ‘सही ही होगा।’ कुछ जानकार भी नेतन्याहू और हकाबी की बातों के बीच जुड़ाव होने की बात कह रहे हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation