नई दिल्ली। सिंधु जल संधि रोके जाने के एक साल के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में नदी परियोजनाओं में तेजी ला दी है। अरसे से अटके प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा किया जा रहा है तो वहीं नदियों के पानी के भंडारण की भी व्यवस्था की जा रही है। वहीं, पाकिस्तान लगातार सिंधु जल संधि रोके जाने को लेकर रोना रो रहा है।
भारत चिनाब-ब्यास लिंक परियोजना के तहत हिमाचल के कुल्लू और लाहौल स्पीति में 8.7 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण कार्य पूरा करने जा रहा है। यह काम मॉडर्न टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) से किया जाएगा।
चिनाब-ब्यास लिंक परियोजना के तहत पहाड़ों में सुरंग खोदने का काम नेशनल हाइड्रो पावर कारपोरेशन ( एनएचपीसी ) को सौंपा गया है। इससे लाहौल घाटी में बहने वाली चंद्रा नदी का पानी लाहौल के कोकसर क्षेत्र से मनाली के मढ़ी तक ब्यास नदी में पहुंचाया जाएगा। इसी काम के लिए टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाना है। परियोजना में पारंपरिक ड्रिल एंड ब्लास्ट मेथड के बजाय टीबीएम से टनल खोदी जाएगी, ताकि पीर पंजाल की पहाड़ियों को कोई नुकसान ना हो और यहां की जैव विविधता भी बनी रह सके।














