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भारत कभी अपना डेयरी सेक्टर नहीं खोलेगा: पीयूष गोयल

किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा गया है - कहा, अमेरिका के साथ ट्रेड डील एडवांस स्टेज में

by ब्लिट्ज़ इंडिया
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ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि जापान को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 4.18 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹374.5 लाख करोड़) आंका गया है।
केंद्र का अनुमान है कि मौजूदा रफ्तार बनी रही तो 2030 तक भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 7.3 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹649.70 लाख करोड़) तक पहुंच सकता है। ऐसा हुआ तो भारत जर्मनी को भी पीछे छोड़ देगा। फिलहाल अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। चीन दूसरे और जर्मनी तीसरे नंबर पर है।
सरकार के बयान के मुताबिक, भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही। इससे पहले पहली तिमाही में यह 7.8% और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.4% थी।
वैश्विक एजेंसियों का जीडीपी में
लगातार ग्रोथ का अनुमान
केंद्र के मुताबिक, वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी छह तिमाहियों के उच्चस्तर पर पहुंची। इस वृद्धि में घरेलू मांग, खासकर निजी खपत की अहम भूमिका रही।
सरकार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी भारत की विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान जताए हैं। विश्व बैंक ने 2026 के लिए 6.5% वृद्धि का अनुमान लगाया है। मूडीज के अनुसार भारत 2026 में 6.4% और 2027 में 6.5% वृद्धि के साथ जी-20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने 2025 के लिए वृद्धि अनुमान 6.6% और 2026 के लिए 6.2% किया है। ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओसीडी) ने 2025 में 6.7% और 2026 में 6.2% वृद्धि का अनुमान दिया है।
एसएंडपी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.5% और अगले वित्त वर्ष में 6.7% रह सकती है। एशियाई विकास बैंक ने 2025 के लिए अनुमान बढ़ाकर 7.2% किया है, जबकि फिच ने मजबूत उपभोक्ता मांग के आधार पर 2026 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान जताया है।
केंद्र बोला- 2047 तक उच्च मध्यम-आय वाला देश बनने का लक्ष्य
सरकार ने कहा कि भारत 2047 तक उच्च मध्यम-आय वाला देश बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए आर्थिक वृद्धि, संरचनात्मक सुधार और सामाजिक प्रगति को आधार बनाया जा रहा है। बयान में कहा गया कि महंगाई अभी नियंत्रण में है और तय सीमा से नीचे है। बेरोजगारी धीरे-धीरे कम हो रही है और देश के निर्यात में लगातार सुधार हो रहा है।
इसके साथ ही आर्थिक हालात ठीक हैं। कारोबारियों को बैंकों से आसानी से कर्ज मिल रहा है। बाजार में मांग बनी हुई है और शहरों में लोगों के खर्च बढ़ने से खरीद-फरोख्त को सहारा मिल रहा है।

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