• Latest
  • Trending

भारत ने बनाई ‘सबसे तेज मिसाइल’ अमेरिका-रूस-चीन क्लब में शामिल

August 9, 2025
आरबीआई

कल सुबह 10 बजे आरबीआई का फ़ैसला आएगा। आपकी होम लोन ईएमआई पर इसका क्या असर होगा — और असली बात रेट में नहीं, भाषा में है

August 4, 2026
election center

तीन राज्य, तीन सीटें, तीन अलग नतीजे: बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर ने एक ही दिन तीन अलग कहानियां सुनाईं

August 4, 2026
Athletics-track-inside-a-stadium

ग्लासगो में भारत को 39 मेडल मिले, इनमें 10 अकेले बॉक्सिंग से। दो दिन बाद सरकार ने खेल पर ₹36,441 करोड़ मंज़ूर किए — दोनों ख़बरें एक साथ पढ़िए

August 4, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बारिश 12 फ़ीसदी कम, अगस्त-सितंबर का अनुमान भी कमज़ोर। फिर भी बुवाई क्यों नहीं बिगड़ी — और आपके पास अब 11 दिन क्यों बचे हैं

August 4, 2026
farmer

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी, ₹3.15 लाख करोड़ मंज़ूर। पर असली बात यह है कि यह पैसा कब और किसके खाते में पहुंचेगा

August 4, 2026
दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026

बुवाई में 38 लाख हेक्टेयर की कमी, पर खेल अभी ख़त्म नहीं — 15 अगस्त तक का वक़्त बाक़ी है

August 3, 2026
farmer

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी: ₹6,000 सालाना मिलते रहेंगे, और अब पाँच साल की गारंटी के साथ

August 3, 2026
दिव्यांग रोजगार अभियान

यूपी में आज से दिव्यांगों के लिए रोज़गार अभियान: हर सरकारी आईटीआई में कैंप, 10 अगस्त तक मौक़ा

August 3, 2026
खेलो इंडिया योजना

ग्लासगो में 39 पदक, और उसी हफ़्ते खेल पर आठ गुना पैसा — अब गाँव के स्कूल तक पहुँचेगी बात

August 3, 2026
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में चार जज और बढ़ेंगे: आज पास हुए बिल का सीधा मतलब क्या है

August 3, 2026
पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी — पर असली ख़बर यह है कि रकम नहीं बढ़ी, और इसकी एक ठोस वजह है

August 3, 2026
solar

सोलर पैनल अब पानी पर तैरेंगे — और इसकी सबसे बड़ी वजह बिजली नहीं, ज़मीन है

August 3, 2026
Tuesday, August 4, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

भारत ने बनाई ‘सबसे तेज मिसाइल’ अमेरिका-रूस-चीन क्लब में शामिल

एक झटके में पाकिस्तान को करेगी तहत-नहस, ब्रह्मोस से तीन गुना तेज

by ब्लिट्ज़ इंडिया
August 9, 2025
in the blitz
0

YOU MAY ALSO LIKE

बुवाई में 38 लाख हेक्टेयर की कमी, पर खेल अभी ख़त्म नहीं — 15 अगस्त तक का वक़्त बाक़ी है

पीएम-किसान अब 2031 तक चलेगी: ₹6,000 सालाना मिलते रहेंगे, और अब पाँच साल की गारंटी के साथ

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद एक खास प्रोजेक्ट के तहत हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सीक्रेट ‘प्रोजेक्ट विष्णु’ के तहत डिजाइन की गई इस मिसाइल का नाम एक्सटेंडेड ट्रेजेक्टरी लॉन्ग ड्यूरेशन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (ईटी-एलडीएचसीएम) है। यह मिसाइल भारत के मौजूदा ब्रह्मोस, अग्नि और आकाश से काफी एडवांस है। यह करीब 8 मैक यानी लगभग 11,000 किलोमीटर की रफ्तार से दुश्मन पर कहर बनकर टूटती है। मिसाइल भारत के बेहद खुफिया ‘प्रोजेक्ट विष्णु’ का हिस्सा है।
मीडिया के अनुसार इसकी सबसे खास बात है इसका इंजन, जिसे स्क्रैमजेट कहते हैं। यह इंजन हवा से ऑक्सीजन लेता है। इससे मिसाइल हल्की रहती है और बहुत तेज गति से उड़ सकती है। पुराने इंजनों को अपने साथ ऑक्सीजन ले जानी पड़ती थी, लेकिन स्क्रैमजेट इंजन हवा से ही ऑक्सीजन खींच लेता है।
1,000 सेकेंड तक स्क्रैमजेट इंजन का टेस्ट
डीआरडीओ ने नवंबर 2024 में इस स्क्रैमजेट इंजन का 1,000 सेकेंड तक टेस्ट किया था। इस टेस्ट से पता चला कि इंजन बहुत ज्यादा गर्मी और गति को झेल सकता है। यह मिसाइल 2,000 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सह सकती है। इतनी गर्मी तब पैदा होती है जब मिसाइल लगभग 11,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा में उड़ती है।
रॉकेट इंजन को उड़ने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। यह ऑक्सीजन इंजन के अंदर ही मौजूद होती है लेकिन स्क्रैमजेट इंजन हवा से ऑक्सीजन लेता है। सुपरसोनिक गति पाने के लिए हवा से ऑक्सीजन लेना जरूरी है। इसलिए स्क्रैमजेट तकनीक का इस्तेमाल करना जरूरी था। सोवियत संघ ने सबसे पहले इस तकनीक का आविष्कार किया था। उसके बाद अमेरिका, चीन और आब भारत ने भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया।
जमीन, आसमान और समंदर से लॉन्च संभव
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हाइपरसोनिक मिसाइल को जमीन, समंदर या हवाई जहाज से भी लॉन्च किया जा सकता है। यह मिसाइल 2,000 किलो तक के हथियार ले जा सकती है, चाहे वे आम हथियार हों या परमाणु हथियार। यह मिसाइल कम ऊंचाई पर उड़ती है, इसलिए इसे पकड़ना और रोकना मुश्किल है।
हाइपरसोनिक मिसाइल चुपके से हमला करने, शक्तिशाली होने और कई तरह से इस्तेमाल करने के लिए बनाई गई है। बैलिस्टिक मिसाइलें एक तय रास्ते पर चलती हैं, लेकिन यह कम ऊंचाई पर उड़ती है और उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है। इस पर एक खास परत चढ़ाई गई है जो इसे खारे पानी और तेज धूप में भी काम करने में मदद करती है। यह दुश्मन के रडार स्टेशनों, नौसैनिक जहाजों या कमांड सेंटरों को निशाना बना सकती है।
‘प्रोजेक्ट विष्णु’ से 12 हथियार बनाए जाएंगे
डीआरडीओ का ‘प्रोजेक्ट विष्णु’ हाइपरसोनिक सिस्टम पर सबसे बड़ा दांव है। हाइपरसोनिक का मतलब है आवाज की गति से 5 गुना से भी तेज। इस प्रोजेक्ट के तहत 12 अलग-अलग हथियार बनाए जाएंगे। इनमें हमला करने वाली मिसाइलें और दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें भी शामिल हैं।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation