गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल स्थित गोंडा जंक्शन से पूर्वोत्तर रेलवे की पहली ‘अवध महाशक्ति’ फ्रेट ट्रेन (मालगाड़ी) चलाई गई। मालगाड़ी गोंडा से सीतापुर के रास्ते मुरादाबाद के लिए रवाना हुई। मालगाड़ी में 129 वैगन लगाए गए थे, जिसे पावरफुल तीन इंजन खींच रहे थे।
लखनऊ मंडल की वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (समन्वय) डा. शिल्पी कन्नौजिया के नेतृत्व में संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों की उपस्थिति में पहली ‘अवध महाशक्ति’ फ्रेट ट्रेन गोंडा जंक्शन से रवाना की गई। इस फ्रेट ट्रेन में एक साथ एक ही ट्रिप में अधिक माल की ढुलाई संभव होगी। इससे रेलवे की राजस्व आय एवं परिवहन क्षमता में वृद्धि होगी।
पूर्वाेत्तर रेलवे की पहली फ्रेट ट्रेन
तीन ट्रेनों को एक में मिलाकर चलाने से परिचालन समय, ईंन्धन की खपत और ट्रैक क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। लखनऊ मंडल के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि ‘अवध महाशक्ति’ नामक फ्रेट ट्रेन का गोंडा से मुरादाबाद मंडल को वाया सीतापुर होते हुए सफलतापूर्वक संचालन किया गया। रुटीन ओवरहालिंग डिपो (आरओएच) गोंडा द्वारा तैयार यह पूर्वाेत्तर रेलवे की पहली फ्रेट ट्रेन है।
इस ट्रेन में कुल 129 वैगन एवं 03 इंजन लगाए गए हैं। पूर्वोत्तर रेलवे ने मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में माल परिवहन को अधिक सुदृढ़ एवं कुशल बनाने की दिशा में एक नई उपलब्धि हासिल की है।
मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार ‘अवध महाशक्ति’ फ्रेट ट्रेन का सफल संचालन मंडल की बेहतर कार्यक्षमता, विभागों के बीच तालमेल और अच्छे प्रबंधन का उदाहरण है।
इसका उद्देश्य माल परिवहन क्षमता को बढ़ाकर ग्राहकों को तेज एवं किफायती सेवा उपलब्ध कराना है। यदि इन मालगाड़ियों को अलग-अलग चलाया जाता तो तीन अलग-अलग मार्ग और चालक दल की व्यवस्था करनी पड़ती। ‘अवध महाशक्ति’ के रूप में एक साथ चलने से समय की बचत होगी। साथ ही अधिक सवारी और मालगाड़ी के संचालन के लिए मार्ग भी उपलब्ध होगा।













