लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोना गिरवी रखने, घर खरीदने, वाहन और उपभोक्ता सामान खरीदने समेत विभिन्न जरूरतों के लिए कर्ज की मांग तेजी से बढ़ रही है।
सीआरआईएफ हाई मार्क की जून 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित सितंबर 2026 की रिपोर्ट ‘हाउ इंडिया लेंड्स’ के मुताबिक, यूपी कई प्रमुख रिटेल कर्ज श्रेणियों में तेज वृद्धि दर्ज करने वाले राज्यों में शामिल है। देश का कुल रिटेल कर्ज जून 2026 तक 178.6 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में 19.2 फीसदी अधिक है। यूपी में गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में सालाना 122.8 फीसदी की वृद्धि हुई, जो रिपोर्ट में शामिल राज्यों में सर्वाधिक है। पश्चिम बंगाल में 99.7 और राजस्थान में 91.2 फीसदी वृद्धि रही।
होम लोन में टॉप-10 में सबसे तेज वृद्धि
होम लोन पोर्टफोलियो यूपी में 12.3 फीसदी बढ़ा, जो टॉप-10 राज्यों में सर्वाधिक है। महाराष्ट्र में 10, कर्नाटक में है। 11 और गुजरात में 10 फीसदी वृद्धि रही। देश के कुल होम लोन में यूपी की हिस्सेदारी 6.2 फीसदी है।
पर्सनल लोन लेने के मामले में तीसरे स्थान पर प्रदेश
पर्सनल लोन में यूपी का पोर्टफोलियो 17.7 फीसदी बढ़ा। राजस्थान 18.2 और बिहार 19.5 फीसदी वृद्धि के साथ इससे आगे रहे। महाराष्ट्र में 11.6, तमिलनाडु में 13.9 और कर्नाटक में 13.6 फीसदी वृद्धि दर्ज हुई।
टीवी-फ्रिज के कर्ज में 62.3 फीसदी उछाल
कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में यूपी का पोर्टफोलियो 62.3 फीसदी बढ़ा। बिहार 65.7 फीसदी के साथ आगे रहा। महाराष्ट्र में 27.9 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई।
ऑटो कर्ज बढ़ा, डिफॉल्ट ने बढ़ाई चिंता
ऑटो लोन में यूपी की वृद्धि 20.2 फीसदी रही। तमिलनाडु 23 फीसदी के साथ आगे रहा। यूपी में 31-180 दिन की अवधि वाला ऑटो कर्ज 3.4 फीसदी रहा, जो टॉप-10 राज्यों में सर्वाधिक है। इससे प्रदर्शित होता है कि लोन में धांधली भी कम हो रही है।
आर्थिक विकास का प्रभाव
आमदनी बढ़ी है, जो आर्थिक विकास का प्रभाव है। – प्रो. मनोज अग्रवाल, प्रख्यात अर्थशास्त्री














