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पांच असफलताएं लेकिन न जिद छोड़ी, न हार मानी

दिलचस्प है आईएएस प्रियंका गोयल के जुनून की कहानी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 3, 2026
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ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। यूपीएससी की राह कांटों से भरी होती है। यहां सिर्फ दिमाग नहीं, बल्कि हौसले, धैर्य और टूटकर फिर खड़े होने की ताकत भी परखी जाती है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में उतरते हैं, लेकिन कुछ ही मंजिल तक पहुंच पाते हैं। इन्हीं चंद नामों में एक नाम है आईएएस प्रियंका गोयल, जिनकी कहानी यह साबित करती है कि बार-बार गिरना हार नहीं, बल्कि जीत की तैयारी होती है। छह प्रयासों के बाद प्रियंका ने वो कर दिखाया, जिसका सपना लाखों देखते हैं।
प्रियंका गोयल की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के पीतमपुरा स्थित महाराजा अग्रसेन मॉडल स्कूल से हुई। बारहवीं कक्षा में उन्होंने 93 प्रतिशत अंक हासिल किए, जो शुरू से ही उनकी मेहनत और लगन का संकेत था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के केशव महाविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई में निरंतरता और अनुशासन आगे चलकर उनके यूपीएससी सफर की सबसे बड़ी ताकत बना।
यूपीएससी की शुरुआत और लगातार संघर्ष
प्रियंका ने वर्ष 2016 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 2017 में पहला प्रयास किया। यह प्रयास सफल नहीं रहा, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय कमियों को समझा। अगले ही साल एक ऐसा झटका लगा, जिसने किसी को भी तोड़ सकता था, प्रियंका प्रीलिम्स सिर्फ 0.3 अंकों से चूक गईं। यह पल बेहद निराशाजनक था, लेकिन यहीं से उनकी असली परीक्षा शुरू हुई। कई असफल प्रयासों के बावजूद उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और तैयारी जारी रखी।
छठा प्रयास बना निर्णायक
लगातार संघर्ष और आत्ममंथन के बाद 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रियंका गोयल ने अपने छठे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 369 प्राप्त कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। यह सफलता एक दिन की मेहनत नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या का नतीजा थी।
पढ़ाई का अनुशासन और रणनीति
प्रियंका की तैयारी का सबसे खास पहलू उनका अनुशासन था। रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम प्रयास से पहले उन्होंने करीब दो महीने तक रोज 17-18 घंटे पढ़ाई की। सीमित समय में खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना आसान नहीं होता, लेकिन प्रियंका ने यह कर दिखाया। उनका मानना था कि लंबे समय की तैयारी के साथ-साथ अंतिम दौर में फोकस और निरंतरता बेहद जरूरी होती है।
पारिवारिक सहारा बना ताकत
प्रियंका गोयल एक साधारण परिवार से संबंधित हैं। उनके पिता व्यवसायी हैं और मां गृहिणी। परिवार ने हर मुश्किल दौर में उनका साथ दिया। कई बार जब परिणाम निराशाजनक रहे, तब परिवार का भरोसा और समर्थन ही उनका सबसे बड़ा संबल बना।
सोशल मीडिया पर भी मशहूर
आज प्रियंका गोयल सोशल मीडिया पर भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। इंस्टाग्राम पर उनके दो लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। प्रियंका की कहानी यह याद दिलाती है कि यूपीएससी सिर्फ टॉप रैंक लाने वालों की नहीं, बल्कि हार से लड़कर खड़े होने वालों की भी परीक्षा है।
उनका सफर उन तमाम अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो असफलताओं से थक चुके हैं।

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