• Latest
  • Trending

हाइपरसोनिक मिसाइल क्षेत्र में डीआरडीओ की हुंकार

January 17, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
Monday, October 12, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

हाइपरसोनिक मिसाइल क्षेत्र में डीआरडीओ की हुंकार

स्क्रैमजेट इंजन का सफल टेस्ट, दुनिया ने देखी 6,100 किमी की तेजी

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 17, 2026
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ ) ने भारत की सैन्य शक्ति को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई देते हुए हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने अपने अत्याधुनिक केंद्र में ‘एक्टिवली कूल्ड लॉन्ग ड्यूरेशन स्क्रैमजेट इंजन’ का सफल ग्राउंड परीक्षण संपन्न किया। इस परीक्षण के दौरान इंजन ने 12 मिनट से अधिक का रन टाइम हासिल किया, जो तकनीकी रूप से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह सफल परीक्षण अप्रैल 2025 में किए गए पिछले सबस्केल परीक्षणों का उन्नत चरण है, जिसने अब पूर्ण पैमाने (फुल स्केल) पर अपनी क्षमता साबित कर दी है। इस तकनीक के सफल होने से भारत अब ऐसी हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलें बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो स्पीड की रफ्तार से पांच गुना अधिक यानी 6,100 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकेंगी। पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए इस इंजन ने भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है जिनके पास उन्नत एयरोस्पेस क्षमताएं मौजूद हैं।

क्या है स्क्रैमजेट तकनीक और क्यों कांपेंगे दुश्मन?
’स्क्रैमजेट’ का अर्थ है सुपरसोनिक कंबशन रैमजेट। यह एक ‘एयर-ब्रीदिंग’ इंजन है जो रॉकेट की तरह भारी ऑक्सीजन टैंक साथ ले जाने के बजाय सीधे वायुमंडल से ऑक्सीजन खींचता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह सुपरसोनिक गति (ध्वनि से तेज) पर भी हवा और ईंन्धन के मिश्रण को जलाकर निरंतर थ्रस्ट पैदा करता है। चीन और पाकिस्तान के लिए यह तकनीक एक बड़ा रणनीतिक सिरदर्द बनने वाली है। वर्तमान में दुनिया का कोई भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम 6,100 किमी/घंटा की रफ्तार से आती मिसाइल को रोकने में सक्षम नहीं है। रडार को जब तक खतरे का पता चलेगा तब तक मिसाइल अपना काम कर चुकी होगी। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की वह ताकत है जो पलक झपकते ही दुश्मन के ठिकानों को राख करने की क्षमता रखती है।

YOU MAY ALSO LIKE

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

स्क्रैमजेट इंजन साधारण रॉकेट इंजन से कैसे अलग है?
साधारण रॉकेट अपने साथ ऑक्सीजन का भारी टैंक ले जाते हैं जबकि स्क्रैमजेट इंजन वायुमंडल की हवा का उपयोग करता है। इससे मिसाइल का वजन कम होता है और वह ज्यादा लंबी दूरी तय कर सकती है।

क्या है ‘स्क्रैमजेट’ तकनीक?
हाइपरसोनिक गति पर अत्यधिक गर्मी पैदा होती है, जिससे इंजन पिघल सकता है। 12 मिनट तक इंजन का सफलतापूर्वक चलना यह साबित करता है कि भारत ने ‘एक्टिव कूलिंग’ तकनीक में महारत हासिल कर ली है।

क्या इस तकनीक को रोकना मुमकिन है?
नहीं, वर्तमान में मौजूद एस-400 जैसे उन्नत सिस्टम भी इतनी तेज गति और पैंतरेबाजी वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों को ट्रैक करने या मार गिराने में लगभग विफल साबित होते हैं।

मिसाइल की रफ्तार कितनी होगी?
यह इंजन मिसाइल को ‘मैक 5’ से अधिक की रफ्तार देगा, जिसका मतलब है ध्वनि की गति से 5 गुना तेज या लगभग 1.7 किलोमीटर प्रति सेकेंड।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation