ब्लिट्ज ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसान खेती के साथ भेड़ पालन से अच्छी अतिरिक्त आमदनी कमा रहे हैं, लेकिन बरसात का मौसम उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। बारिश, नमी और गंदगी के कारण भेड़ों में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पशु विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में कुछ जरूरी बातों का ध्यान देकर भेड़ों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
सीमांत किसानों के लिए भी लाभदायक
लखीमपुर खीरी जिले में आज भी बड़ी संख्या में किसान पारंपरिक तरीके से भेड़ पालन कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। खेती के साथ भेड़ पालन किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का अच्छा जरिया बन गया है। भेड़ों से ऊन, मेमनों की बिक्री और खाद के रूप में भी किसानों को फायदा मिलता है। कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी लाभदायक साबित हो रहा है।
भेड़ों की सेहत के लिए खतरनाक मौसम
बरसात के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भेड़ों की सेहत पर असर डाल सकती है। कई बार सही देखभाल न होने पर भेड़ बीमार पड़ जाती हैं और उनकी मौत तक हो सकती है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए बारिश के दिनों में भेड़ों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।
नमी, कीचड़ और गंदगी
बारिश के मौसम में नमी, कीचड़ और गंदगी बढ़ने के कारण भेड़ों में कई तरह के बैक्टीरियल, वायरल और परजीवी रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। अगर समय रहते बचाव के उपाय न किए जाएं तो एक भेड़ से बीमारी पूरे झुंड में फैल सकती है। इसलिए इस मौसम में बाड़े की साफ-सफाई, संतुलित आहार और भेड़ों की नियमित जांच करना बेहद जरूरी है।
सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी
बरसात के दौरान भेड़ों को हमेशा सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। कई बार बारिश का पानी बाड़े में भर जाता है, जिससे वहां नमी बढ़ जाती है
ध्यान रखें कि भेड़ों के रहने वाली जगह पर पानी जमा न हो और फर्श हमेशा सूखा रहे। लगातार गीले स्थान पर रहने से भेड़ों के खुर गलने लगते हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बाड़े की नियमित सफाई करें और समय-समय पर चूना या पशुपालन विभाग द्वारा बताए गए कीटाणुनाशक का छिड़काव करते रहें।
ज्यादा गीला या सड़ा-गला चारा भेड़ों के लिए नुकसानदायक
बरसात के मौसम में खेतों में हरा चारा आसानी से मिल जाता है, लेकिन बहुत ज्यादा गीला या सड़ा-गला चारा भेड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे अपच, दस्त और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। भेड़ों को हमेशा ताजा और साफ चारा दें। इसके साथ ही सूखा चारा और मिनरल मिक्सचर भी आहार में शामिल करें। भेड़ों के लिए हमेशा साफ और स्वच्छ पानी की व्यवस्था रखें।













