ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में गठित सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने चार उच्च न्यायालयों के लिए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने पटना, कलकत्ता, बॉम्बे और पंजाब एवं हरियाणा के उच्च न्यायालयों के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों के नाम प्रस्तावित किए हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदोन्नति के लिए अनुशंसित किया गया है। न्यायमूर्ति राव को अप्रैल 2013 में दिल्ली उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था और मार्च 2015 में वे स्थायी न्यायाधीश बने। उनका तबादला 2024 में कर्नाटक उच्च न्यायालय में हुआ और जुलाई 2025 में उन्हें वापस दिल्ली उच्च न्यायालय में लाया गया।
बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए नामित किया गया है। न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्ति के बाद न्यायमूर्ति घुगे वर्तमान में बॉम्बे उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें 2013 में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।
कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत करने का प्रस्ताव दिया है। न्यायमूर्ति त्रिपाठी को सितंबर 2013 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और अप्रैल 2015 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था।
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, जिनका मूल न्यायालय इलाहाबाद है और जो वर्तमान में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की पीठ में कार्यरत हैं, को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए अनुशंसित किया गया है। उन्होंने फरवरी 2014 में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली और फरवरी 2016 में स्थायी न्यायाधीश बन गए। न्यायमूर्ति मिश्रा का तबादला जुलाई 2025 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में हुआ।














