ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश में पहली बार मनी लॉन्डि्रंग जांच के दौरान जब्त किए गए एक विमान की नीलामी कर नया इतिहास रच दिया है। हैदराबाद जोनल ऑफिस ने 792 करोड़ रुपये के कथित पोंजी स्कीम घोटाले से जुड़े हॉकर 800 ए विमान को 3 करोड़ रुपये में बेच दिया। यह विमान मुख्य आरोपी अमरदीप कुमार से जुड़ा बताया गया था। ईडी का कहना है कि नीलामी से मिली रकम का इस्तेमाल अदालत की अनुमति मिलने के बाद ठगी के शिकार निवेशकों को राहत पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
पहली बार विमान की नीलामी
ईडी ने 1 जुलाई 2026 को सरकारी ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म एमएसटीसी के माध्यम से हॉकर 800ए विमान की नीलामी की। एजेंसी के अनुसार, यह पहली बार है जब मनी लॉन्डि्रंग के किसी मामले में जब्त विमान को नीलाम कर धन जुटाया गया है। इस नीलामी से 3 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद निवेशकों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा।
हैदराबाद एयरपोर्ट से किया था जब्त
यह विमान 7 मार्च 2025 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जब्त किया था। ईडी ने यह कार्रवाई कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके चेयरमैन अमरदीप कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्डि्रंग मामले की जांच के दौरान की थी। जांच एजेंसी को संदेह था कि विमान अपराध से अर्जित धन से जुड़ी संपत्ति का हिस्सा है।
कोर्ट से मिली थी नीलामी की मंजूरी
विमान जब्त करने के बाद ईडी ने इसे लेकर पीएमएलए की निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। 18 अगस्त 2025 को जब्ती को वैध ठहराया गया। इसके बाद एजेंसी ने विमान की बिक्री की अनुमति मांगी, जिसे 20 नवंबर 2025 को मंजूरी मिल गई। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विमान को नीलामी के जरिए बेच दिया।
इस मामले में ईडी अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में अमरदीप कुमार के भाई संदीप कुमार, चार्टर्ड अकाउंटेंट शरद चंद्र तोषणीवाल और फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग के सीईओ आर्यन सिंह छाबड़ा शामिल हैं। एजेंसी ने 29 सितंबर 2025 को मामले में आरोपपत्र भी दाखिल किया था और जांच अभी जारी है।
निवेशकों को पैसा लौटाने की तैयारी
ईडी का कहना है कि विमान की बिक्री से प्राप्त रकम सरकारी खाते में जमा की जाएगी। इसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत की अनुमति मिलने पर इस धनराशि का इस्तेमाल उन वास्तविक निवेशकों को राहत देने के लिए किया जाएगा, जिन्होंने कथित घोटाले में अपना पैसा गंवाया है। ईडी के मुताबिक, यह मामला अभी बंद नहीं हुआ है और जांच जारी है।











