ब्लिट्ज ब्यूरो
वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह में इस साल दो मुस्लिम छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। लगभग दस साल बाद ऐसा होगा जब विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंच से किसी मुस्लिम छात्रा को पदक मिलेगा। पदक विजेताओं की सूची जारी कर दी गई है।
पदक तालिका में आयुर्वेदाचार्य परीक्षा के चारों व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के लिए तमन्ना बानो पुत्री जुनैद अहमद को मंगनीराम बागड़ सुवर्ण पदक और पं. दयाशंकर द्विवेदी सुवर्ण पदक प्रदान करने की घोषणा की गई। इसी तरह संस्कृत विद्या की छात्रा कायनाम खानम पुत्री वाहिद खान को आचार्य में सर्वाधिक अंकों के लिए स्वर्ण पदक प्रदान करने की घोषणा की गई है। इससे पहले वर्ष 2015-16 के दीक्षांत समारोह में एक मुस्लिम छात्रा ने स्वर्ण पदक जीता था। बाद में उसने विश्वविद्यालय से ही पीएचडी भी पूरी की।
अर्जुन कुमार दुबे होंगे ओवरऑल टॉपर
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में टॉपर नव्यव्याकरण के छात्र अर्जुन कुमार दुबे होंगे। उन्हें डॉ गंगानाथ झा सुवर्ण पदक, रिपन सुवर्ण पदक, चंद्रशेखर शास्त्री बैकुंठनाथ शास्त्री सुवर्ण पदक के साथ कुल आठ पदक प्रदान किए जाएंगे। अन्य टॉपरों में अथर्ववेद के रवि दीक्षित को पांच, साहित्य की छात्रा जया चौबे को पांच, रामानंद वेदांत और रामानुज वेदांत के अनुप कुमार शुक्ला और संगम शुक्ला को तीन-तीन पदक मिलेंगे। कई अन्य छात्रों को दो-दो पदक प्रदान किए जाएंगे।
32 विद्यार्थी साझा करेंगे 57 पदक
संस्कृत विश्वविद्यालय में कुल 62 स्वर्ण पदक प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। हालांकि इस वर्ष विभिन्न कारणों से पांच पदक नहीं दिए जाएंगे। ऐसे में कुल 57 स्वर्ण पदकों पर 32 विद्यार्थियों की दावेदारी होगी। इसके अलावा मुख्य दीक्षांत समारोह में ही पीएचडी उपाधियां भी प्रदान की जाएंगी। इस वर्ष शिक्षाशास्त्र और तुलनात्मक धर्म दर्शन में कोई टॉपर छात्र नहीं है। ऐसे में शिक्षाशास्त्री (बीएड) के लिए दिए जाने वाले सुभद्रा राजेश्वर उपाध्याय स्वर्ण पदक को भी रोका गया है। साथ ही शिक्षाचार्य और दार्शनिक निबंध के लिए दिए जाने वाले डॉ. संपूर्णानंद स्वर्ण पदक भी रथगित किए गए हैं।













