ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। बेहतरीन करियर बनाने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर आई है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों के बीच न्यूजीलैंड पढ़ाई के लिए एक बेहद पॉपुलर डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। इसी कड़ी में, न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित ‘यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी’ ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने और उन्हें आर्थिक मदद देने के लिए एक स्पेशल स्कॉलरशिप प्रोग्राम की घोषणा की है, जिसके तहत योग्य छात्रों को लाखों रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
14 लाख रुपये की मिलेगी वित्तीय मदद
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी द्वारा दी जा रही इस ‘यूसी इंटरनेशनल फर्स्ट ईयर स्कॉलरशिप का मुख्य उद्देश्य उन मेधावी छात्रों की मदद करना है जो पहली बार यूनिवर्सिटी के अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिला ले रहे हैं। इस स्कॉलरशिप के तहत चुने गए भाग्यशाली छात्रों को उनकी पहले वर्ष की ट्यूशन फीस में 15,000 न्यूजीलैंड डॉलर (करीब 14 लाख रुपये) तक की बड़ी छूट या वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष ऐसे लगभग 10 स्कॉलरशिप पुरस्कार प्रदान करता है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए यूनिवर्सिटी ने कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं:
यह स्कॉलरशिप केवल उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए है जो पूरी ट्यूशन फीस देने की श्रेणी में आते हैं और न्यूजीलैंड या ऑस्ट्रेलिया के नागरिक या स्थायी निवासी नहीं हैं।
आवेदकों ने न्यूजीलैंड के किसी मान्यता प्राप्त सेकेंडरी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की हो, या यदि वे गैप ईयर (पढ़ाई में ब्रेक) पर हैं, तो आवेदन से पिछले वर्ष वहां पढ़ाई की हो।
उम्मीदवार ने स्कॉलरशिप की अंतिम तिथि से पहले यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए सफलतापूर्वक आवेदन कर दिया हो।
छात्रों का चयन केवल उनके अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर नहीं, बल्कि उनके चरित्र, नेतृत्व क्षमता और खेल, संस्कृति या सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी के आधार पर भी किया जाएगा।
ऐसे करें अप्लाई
इस स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके लिए अंतिम समयसीमा 6 अगस्त 2026 तय की गई है। आवेदन करने के लिए छात्रों को सबसे पहले विश्वविद्यालय के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना ‘myUC’ अकाउंट बनाना होगा। छात्र स्कॉलरशिप सेक्शन में जाकर निर्दिष्ट फॉर्म को भर सकते हैं। यदि स्कॉलरशिप अवधि के दौरान छात्र का इमिग्रेशन स्टेटस बदलता है, वह अंतरराष्ट्रीय छात्र की श्रेणी से बाहर हो जाता है, तो यह वित्तीय सहायता तुरंत वापस ले ली जाएगी।














