ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। हम सभी के फोन पर अक्सर कई ‘मिस कॉल’ आती हैं, जिन्हें हम आमतौर पर एक सामान्य फोन नंबर समझकर छोड़ देते हैं लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि इसी ‘मिस कॉल’ की वजह से कोई लड़का 8,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी खड़ी कर सकता है? जी हां, भारतीय मूल के एक युवा इंजीनियर अपूर्व श्रीवास्तव ने अपनी सूझबूझ, पढ़ाई और तकनीकी कौशल के दम पर ठीक ऐसा ही कर दिखाया है। आज उनकी कंपनी ‘अवोका’ की वैल्यू करीब 8,300 करोड़ रुपये (1) बिलियन डॉलर) हो चुकी है। आइए उनकी सफलता की कहनी को जानते हैं।
एमआईटी में मजबूत हुई सफलता की नींव
अपूर्व श्रीवास्तव की इस शानदार सफलता के पीछे उनकी बेहतरीन शिक्षा और कॉलेज के माहौल का बहुत बड़ा हाथ है। अपूर्व ने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और नंबर वन कॉलेज में से एक, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है। एमआईटी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सॉफ्टवेयर प्रणालियों को बेहद गहराई से समझा। यही वह जगह थी जिसने उनके सोचने के नजरिए को बदला और उन्हें एक बड़ा बिजनेसमैन बनने के लिए तैयार किया।
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि कॉलेज लाइफ का नेटवर्क भी आपकी जिंदगी बदल सकता है। एमआईटी में एक ‘पोकर नाइट’ (ताश के खेल की रात) के दौरान अपूर्व की मुलाकात टायसन चेन से हुई, जो खुद एमआईटी के एक होनहार छात्र थे। दोनों की दोस्ती हुई और दोनों ने महसूस किया कि उनके पास कंप्यूटर साइंस की जो नॉलेज है, उससे दुनिया की एक बड़ी समस्या को हल किया जा सकता है। इसी तालमेल के साथ दोनों ने साल 2022 में ‘अवोका’ नाम के स्टार्टअप की शुरुआत की।
अपूर्व का बचपन अमेरिका के मिशिगन में बीता था, जहां उनके माता-पिता एक छोटा बिजनेस चलाते थे। अपूर्व बचपन में वहां काम में हाथ बंटाते थे। उन्होंने देखा कि जब भी कोई ग्राहक फोन करता और कॉल मिस हो जाती, तो वह ग्राहक किसी दूसरे दुकानदार के पास चला जाता था। उनके दोस्त टायसन की मां भी पेंसिल्वेनिया में एक क्लीनिक चलाती थीं और वहां भी यही समस्या थी। दोनों ने अपनी एमआईटी की पढ़ाई का इस्तेमाल इस जमीनी समस्या को सुलझाने के लिए करने का फैसला किया।
शुरुआत में उन्होंने रेस्टोरेंट के लिए एआई सर्विस बनाई, लेकिन जल्द ही उन्हें अहसास हुआ कि प्लंबर, इलेक्टि्रशियन और एसी मैकेनिक जैसे घरेलू कामकाजी क्षेत्रों में एक मिस कॉल का मतलब सीधे हजारों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने साल 2023 में ‘रेस्क्यू एयर’ नाम की कंपनी के लिए अपना पहला एआई प्रोडक्ट तैयार किया।
उनकी कंपनी ‘अवोका’ ऐसे एडवांस एआई वॉइस एजेंट्स बनाती है जो हूबहू इंसानों की तरह बात करते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक फोन करता है, यह एआई बिना किसी देरी के तुरंत फोन उठाता है, दुकान या कंपनी का लाइव कैलेंडर चेक करके सीधे अपॉइंटमेंट बुक कर देता है और पुराने ग्राहकों को फॉलो-अप भी भेजता है। आज उनकी कंपनी ‘अवोका’ करीब 8,300 करोड़ रुपये हो चुकी है।
छात्रों के लिए बड़ी सीख
अपूर्व श्रीवास्तव की यह कहानी सभी छात्रों को सिखाती है कि यदि आपके पास अच्छी शिक्षा की ताकत हो और आप अपने आस-पास की छोटी-छोटी समस्याओं को ध्यान से देखें, तो आप भी एक दिन बहुत बड़े मुकाम पर पहुंच सकते हैं।














