ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के पृथ्वी विज्ञान, मौसम विज्ञान और समुद्र विज्ञान के ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध समुद्र विज्ञानी डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्मला को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) का नया सचिव नियुक्त करने की घोषणा की है।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने यूनेस्को अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग सचिवालय, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (आईओटीडब्ल्यूएमएस) सचिवालय के प्रमुख डॉ. तुम्मला की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की है। यह नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की अवधि के लिए अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।
डॉ. तुम्मला की नियुक्ति मंत्रालय के लिए एक रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि भारत अपने गहरे समुद्र के अन्वेषण अभियानों (डीप ओशन मिशन) को तेजी से आगे बढ़ा रहा है, जलवायु मॉडलिंग में सुधार कर रहा है और समुद्री आपदाओं के खिलाफ अपनी प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ समुद्र विज्ञान, ब्लू इकोनॉमी और मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने के प्रयासों को सुदृढ़ कर रहा है।
डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्मला का परिचय
डॉ. तुम्मला एक अत्यंत प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रबंधक हैं, जिन्हें हिंद महासागर के अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में रिमोट सेंसिंग, सैटेलाइट समुद्र विज्ञान, तटीय आपदा शमन और आपदा प्रबंधन में तीन दशकों से अधिक समय का असाधारण अनुभव है।
प्रमुख नेतृत्वकारी भूमिकाएं
अपने नवीनतम अंतरराष्ट्रीय दायित्व में डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्मला ने हिंद महासागर क्षेत्र के 28-सदस्य देशों में क्षेत्रीय सुनामी चेतावनी नेटवर्क का नेतृत्व किया। उन्होंने महासागरीय निगरानी संचालन के वैश्विक मानकीकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा सुनामी सुरक्षित समुदाय मान्यता कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन का नेतृत्व किया।
ईएसएसओ-इनकॉइस, हैदराबाद के निदेशक : डॉ. तुम्मला ने अगस्त 2020 से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्थान भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र(इनकॉइस) के निदेशक के रूप में कार्य किया। उनके नेतृत्व में इनकॉइस ने संभावित मत्स्य क्षेत्र परामर्श सेवाओं, कोरल रीफ ब्लीचिंग चेतावनी प्रणाली तथा बहु-आपदा संवेदनशीलता मानचित्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की।














