ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में संघर्ष के 6 साल बाद पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारतीय सेना की जमकर सराहना की है। पीएलए के रियर एडमिरल यू जियान भारत में चीन के डिफेंस अताशे बनकर आए हैं और उन्होंने हिंद महासागर में एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 12 चाइनीज क्रू की जान बचाने के लिए भारतीय सशस्त्र सेना को ‘धन्यवाद’ कहा है।
विगत दिवस चीन की सेना पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) की 99वीं वर्षगांठ के मौके पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में यू जियान ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते बेहतरी के पथ पर अग्रसर हुए हैं। न्यूज एजेंसी के अनुसार उन्होंने कहा, ‘चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं और दोनों ही विकास और कायाकल्प के महत्वपूर्ण चरण में हैं।’
चाइनीज डिफेंस अताशे के अनुसार, ‘हमें यह देखकर खुशी है कि हमारे नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन में भारत और चीन के संबंध बेहतरी और विकास के उचित पथ पर लौट चुके हैं।’ इसी दौरान जून, 2025 में केरल के तट के पास भारतीय सेना की ओर से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की उन्होंने जमकर सराहना की। हम वह नहीं भूलेंगे, पिछले जून में केरल के तट पर 12 चाइनज क्रू को इंडियन मिलिट्री ने एक कार्गो शिप से बचा लिया, जिसमें विस्फोट हो गया था और आग लग गई थी।
चाइनीज आर्मी के आक्रामक रवैये की वजह से भारतीय सेना के साथ उसका यह संघर्ष 15-16 जून, 2020 की दरमियानी रात हुआ था। उस घटना के 2,227 दिन बाद चीनी सेना की ओर से इस तरह का बयान आया है।
चीन ने यह हरकत तब की थी, जब पूरी दुनिया कोविड महामारी के प्रकोप से सहमी हुई थी। भारतीय सुरक्षा बलों का रेस्क्यू ऑपरेशन घटना 9 जून, 2025 की है। केरल के अझिक्क ल तट से करीब 44 नॉटिकल मील दूर सिंगापुर के झंडे वाले कंटेनर शिप एमवी वैन हई 503 में विस्फोट के बाद आग लग गई। यह जहाज कोलंबो से न्हावा शेवा (मुंबई) आ रहा था। जलते जहाज से समंदर में छलांग लगाने वाले 18 क्रू को बचा लिया गया, जबकि चार लापता रह गए।
तब चीनी दूतावास ने कहा था कि उस पर 6 ताइवानी समेत 14 चाइनीज क्रू सवार थे।
18 बचाए गए क्रू में से 12 चाइनीज थे।
तब चीनी दूतावास ने इसके लिए भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड को उनके त्वरित कार्रवाई के लिए जमकर तारीफ की थी।
भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त ने भी भारतीय अधिकारियों को इस सफल ऑपरेशन के लिए धन्यवाद दिया था।














