ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट आज एक नया पन्ना पलट रहा है। इंग्लैंड में 2–1 से वनडे सीरीज़ हारने के बाद — जहां जो रूट के रन फ़ैसलाकुन साबित हुए — एक काफ़ी बदली हुई, ख़ासी युवा भारतीय टीम आज हरारे स्पोर्ट्स क्लब में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ तीन मैचों की टी20 सीरीज़ शुरू कर रही है। पहला मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से है। यह दौरा बड़े नामों से ज़्यादा अगली पीढ़ी के इर्द-गिर्द है — कई अनकैप्ड (पहली बार खेलने वाले) खिलाड़ियों वाली टीम, और यह परखने का साफ़ मक़सद कि आगे के बड़े मंचों के लिए कौन तैयार है।
कप्तानी की कहानी इस सीरीज़ को धार देती है। श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभाल रहे हैं और बतौर कप्तान अपनी पहली जीत की तलाश में हैं — एक युवा कप्तान और युवा टीम साथ-साथ सीख रहे हैं, ऐसी परिस्थितियों में जो नाम नहीं, नस-नस परखती हैं। मेज़बान ज़िम्बाब्वे की कमान अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रज़ा के हाथ है, जो अपनी ज़मीन पर एक अनजान मेहमान टीम के ख़िलाफ़ मौक़ा देखेंगे — और यही इस चुनौती को उपयोगी बनाता है।
परखने का मैदान: भारत आज हरारे में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में तीन टी20 मैचों की सीरीज़ शुरू करेगा, जिसमें कई पहली बार खेलने वाले खिलाड़ी हैं — इंग्लैंड से 2–1 की वनडे हार के बाद।
ऐसा दौरा ट्रॉफ़ी की बात नहीं है। यह वह जगह है जहां कोई क्रिकेट राष्ट्र चुपचाप उन खिलाड़ियों को खोजता है जो अगले दशक उसका भार उठाएंगे।
एक नज़र में
• सीरीज़: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में तीन टी20 — 23, 25 और 26 जुलाई
• पहली गेंद: आज शाम 4:30 बजे (भारतीय समय); कप्तान श्रेयस अय्यर
• मेज़बान: ज़िम्बाब्वे, कप्तान ऑलराउंडर सिकंदर रज़ा
• पृष्ठभूमि: भारत इंग्लैंड से 2–1 की वनडे हार के बाद उतर रहा है
युवा, प्रयोगधर्मी टीम को हरारे भेजने के पीछे एक अच्छी सोच है। भारत की क्रिकेट प्रतिभा इतनी गहरी है कि भरे-पूरे कैलेंडर में बेंच को नेट में नहीं, असली मैचों में परखना ज़रूरी है; जुझारू ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ द्विपक्षीय दौरा इसके लिए बेहतरीन कक्षा है — इतना प्रतिस्पर्धी कि मायने रखे, इतना उदार कि सीखा जा सके। टीम के अनकैप्ड नामों के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय कैप बरसों की घरेलू मेहनत का इनाम है, और यह दिखाने का मौक़ा कि वे इस स्तर के हक़दार हैं।
इस सीरीज़ को नतीजे के बजाय निवेश की तरह देखना सही होगा। हरारे में जीत हो या हार, असल क़ीमत मैदानी अनुभव में है: एक नया कप्तान भूमिका में ढलता हुआ, युवा बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ अंतरराष्ट्रीय दबाव चखते हुए, और चयनकर्ता वह सबूत जुटाते हुए जो बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम बनाता है। ज़िम्बाब्वे को भी घर में एक बड़ी सीरीज़ और वह अनुभव मिलता है जो एक गौरवशाली क्रिकेट राष्ट्र को फिर से खड़ा होने में मदद करता है।











