ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश ने पहली बार व्यावसायिक स्तर पर सोने के उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल जिले के जोन्नागिरि में 405 करोड़ रुपये की लागत वाली गोल्ड माइनिंग एंड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इसके साथ ही इसके विस्तार का भी शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के इतिहास का ‘स्वर्णिम अध्याय’ बताते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट 2047 तक ‘स्वर्ण आंध्र’ के उनके विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
पास ही ज्वेलरी पार्क स्थापित करने की योजना भी बना रही है राज्य सरकार। इसका उद्देश्य यह है कि यहां निकाले गए सोने को दूसरे राज्यों में भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही शुद्ध किया जाए और उससे आभूषण तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे मूल्य संवर्धन होगा, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पहले साल निकलेगा 400 किलो सोना
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से पहले वर्ष करीब 400 किलोग्राम सोने का उत्पादन होने की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में इसे बढ़ा कर 900 किलोग्राम प्रति वर्ष करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘अन्नपूर्णा’ और ‘रत्नगर्भा’
नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश केवल कृषि उत्पादन में ही समृद्ध नहीं है बल्कि खनिज संपदा के मामले में भी देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है। उन्होंने राज्य को ‘अन्नपूर्णा’ और ‘रत्नगर्भा’ दोनों बताया।
उन्होंने राज्य के प्रमुख खनिज संसाधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंगमपेटा में बैराइट्स, कडप्पा में चूना पत्थर और यूरेनियम, विशाखा एजेंसी क्षेत्र में बॉक्साइट, चिमाकुर्थी में गैलेक्सी ग्रेनाइट, कुप्पम में ग्रीन ग्रेनाइट, श्रीकाकुलम में ब्लू ग्रेनाइट, गुडूर में अभ्रक, नेल्लोर में सिलिका, उत्तर आंध्र तट पर बीच सैंड मिनरल्स, अनंतपुर और कडप्पा में लौह अयस्क तथा कृष्णा-गोदावरी बेसिन में प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम के विशाल भंडार मौजूद हैं।













