ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। आईआईटी- जेईई भारत का सबसे टफ और दुनिया का दूसरा सबसे कठित एग्जाम माना जाता है। टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने का सपना लिए हर साल लाखों युवा आईआईटी जेईई एग्जाम देते हैं। बहुत कम छात्रों का मनपसंद आईआईटी से इंजीनियरिंग करने का सपना सच हो पाता है, जबकि लाखों छात्र पीछे छूट जाते हैं। जस्टिन सातो भी उन्हीं छात्रों में से एक थे, जो भारत के टॉप आईआईटी में पढ़ना चाहते थे लेकिन आईआईटी जेईई एग्जाम में 360 में से सिर्फ 53 नंबर प्राप्त हुए। फिर भी आज वे कामयाब हैं। उनकी कहानी जेईई में फेल होने वाले छात्रों को सिखाती है कि परीक्षा सिर्फ एक जरिया है, मंजिल नहीं।
जस्टिन सातो उन छात्रों में से हैं, जिन्होंने भारत के टॉप संस्थान में पढ़कर इंजीनियर बनने का सपना देखा था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका। उनके एक हाथ में दुनिया की टॉप थ्री यूनिवर्सिटीज की सीट थी लेकिन वे जेईई क्रैक करना चाहते थे। लिंक्डपोस्ट के मुताबिक, विश्व की तीन सबसे चुनिंदा यूनिवर्सिटीज- स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एडमिशन मिलने के बावजूद, उन्होंने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन को चुना था। लिंक्डपोस्ट प्रोफाइल और पोस्ट के अनुसार, जस्टिन सातो दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और टॉप यूनिवर्सिटीज में गिनी जानी वाली स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। वे स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में बैचलर ऑफ आर्ट्स और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन जस्टिन जेईई में फेल हो चुके हैं। उन्होंने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन में 360 में से सिर्फ 53 यानी लगभग 15% अंक हासिल किए थे।
मेरा एडमिशन फिजिक्स के लिए काल्टेक, प्रिंसटन और स्टैनफोर्ड में हुआ… फिर भी मुझे जेईई परीक्षा में 15% अंक मिले।
स्टूडेंट और एंटरप्रेन्योर जस्टिन सातो ने हाल ही में स्टार्टअप ‘स्कार्मी’ की सह-स्थापना की है। उन्होंने भारत से काम शुरू करने वाले छात्रों को इंटर्नशिप के मौके के लिए जुड़ने का भी इनविटेशन दिया है। यह पोस्ट इसलिए लोगों को पसंद आई क्योंकि यह उस आम धारणा को चुनौती देती है कि एक कॉम्पिटेटिव सिस्टम में सफलता अपने आप दूसरे सिस्टम में भी सफलता दिलाती है। अलग-अलग संस्थान अलग-अलग मानदंडों के जरिए एबिलिटी का असेसमेंट कैसे करते हैं। कम जेईई स्कोर सातो को तीन प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज में जगह पाने से नहीं रोक पाया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
बड़ी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान, माता-पिता की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।














