ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। अगर आप भी साल 2026 में देश के किसी भी सरकारी स्कूल में शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपके दिमाग में यह उलझन जरूर होगी कि आख़िर बीएड, बीटीसी और डीईआईईडी में से कौन सा कोर्स चुना जाए?
हाल के वर्षों में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के नए नियमों ने शिक्षक भर्ती के पूरे समीकरण को बदल कर रख दिया है। अब आप बिना सोचे-समझे किसी भी कोर्स में दाखिला नहीं ले सकते। आइए, क्वालिफिकेशन के आधार पर इसका पूरा डीप और ऑथेंटिक ब्रेकडाउन समझते हैं, ताकि आप अपने करियर के लिए बिल्कुल सही फैसला ले सकें।
सबसे बड़ा यू-टर्न: प्राइमरी स्कूलों (कक्षा 1 से 5) का नया नियम
सबसे पहले उस बड़े बदलाव को समझिए जो सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (देवेश शर्मा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया) के बाद लागू हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेशः देश के प्राइमरी स्कूलों (कक्षा 1 से 5) में शिक्षक बनने के लिए डीईआईईडी ही एकमात्र अनिवार्य योग्यता है। कोर्ट ने साफ कहा है कि बीएड डिग्री धारक अब प्राइमरी शिक्षक भर्ती के लिए योग्य नहीं हैं।
अदालत का तर्क था कि प्राइमरी के छोटे बच्चों को संभालने और पढ़ाने के लिए जिस विशेष पेडागोजी की जरूरत होती है, उसकी ट्रेनिंग डीईआईईडी/बीटीएस में दी जाती है, न कि बीएड में। इसलिए, यदि आपका एकमात्र लक्ष्य प्राइमरी का मास्टर बनना है, तो बीएड का रास्ता आपके लिए बंद हो चुका है।
आपके लिए कौन सा रूट है बेस्ट?
शिक्षक भर्ती के इस पूरे प्रोसेस को समझने के लिए क्वालिफिकेशन और करियर स्कोप के आधार पर इसे तीन हिस्सों में इस तरह समझिएः
1. डीईआईईडी, बीटीसी: इस प्राथमिक शिक्षा के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है। (यूपी जैसे राज्यों में इसे पहले बीटीसी कहा जाता था, जो अब डीईआईएड है)।
न्यूनतम योग्यताः 12वीं पास या ग्रेजुएशन (अलग-अलग राज्यों के नियमों के अनुसार, जैसे यूपी में ग्रेजुएशन के बाद और कई राज्यों में 12वीं के बाद न्यूनतम 50% मार्क्स).
करियर स्कोपः केवल प्राइमरी स्कूल (कक्षा 1 से 5)
किनके लिए बेस्ट है? जो छात्र कम समय में, सीधे तौर पर सिर्फ प्राथमिक विद्यालयों में सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। इसमें वैकेंसी की संख्या आमतौर पर सबसे ज्यादा होती है।
2 बीएड
यह एक प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है, जिसका दायरा अब मिडिल, हाई स्कूल और इंटरमीडिएट लेवल तक ही सीमित कर दिया गया है.
न्यूनतम योग्यताः ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50% मार्क्स.
नया नियम (2026-27 सत्र से): एनसीटीई के नए ड्राफ्ट के अनुसार, 4 साल की इंटीग्रेटेड डिग्री या पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) कर चुके छात्रों के लिए 1 साल का बीएड भी रोलआउट किया जा रहा है, जबकि 3 साल के ग्रेजुएट्स के लिए 2 साल का बीएड जारी रहेगा।
करियर स्कोपः जूनियर हाई स्कूल (कक्षा 6 से 8), टीजीटी (टीजीटी कक्षा 9 और 10), और पीजीटी (पीजीटी कक्षा 11 और 12, अगर पोस्ट-ग्रेजुएशन भी है तो)। इसके अलावा केवीएस और नवोदय विद्यालयों (एनवीएस) के टीजीटी पदों के लिए।
किनके लिए बेस्ट है? जो छात्र बड़ी कक्षाओं (हाईस्कूल / इंटर) के विषय विशेषज्ञ बनना चाहते हैं।
3 आईटेप
( इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम)
यह शिक्षा नीति के तहत भविष्य का सबसे बड़ा फ्लैगशिप प्रोग्राम है।
न्यूनतम योग्यताः 12वीं पास (न्यूनतम 50% मार्क्स).
अवधि: 4 साल (इसमें ग्रेजुएशन + बीएड दोनों एक साथ हो जाता है, जिससे छात्र का 1 साल बचता है)।














