• Latest
  • Trending

साल 2026 में इसरो का प्लान तैयार

January 10, 2026
dal

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

October 12, 2026
daily-news

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

October 11, 2026
daily-news

14416 पर चार साल में 47.75 लाख कॉल

October 10, 2026
medicine

दवा, कोयला, खादी और व्यापार पर सरकार के नए कदम

October 9, 2026
अर्थव्यवस्था

जीएसटी सुधार, नाविकों की संख्या और भारतनेट का विस्तार

October 9, 2026
यशोभूमि, नई दिल्ली में 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, 8 अक्टूबर 2026। श्रेय : पीएमओ (pmindia.gov.in)

किसान के फोन पर किस्त, हर जिले में 5जी

October 8, 2026
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
Monday, October 12, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

साल 2026 में इसरो का प्लान तैयार

गगनयान से लेकर पीएसएलवी, एसएलएलवी तक हैं लिस्ट में

by ब्लिट्ज़ इंडिया
January 10, 2026
in the blitz
0
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। नए साल में भारत अपनी अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मार्च 2026 तक ही सात मिशन पूरे करने की एक बड़ी योजना बनाई है। इसके अलावा नए साल में बिना क्रू वाले रोबोटिक टेस्ट से लेकर महत्वाकांक्षी प्लैनेटरी एक्सप्लोरर तक इसरो के लिए किफायती इनोवेशन का एक बेहतरीन उदाहरण साबित होने वाला है।

सफल एलवीएम3-एम6 मिशन (लॉन्च व्हीकल मार्क-III की छठी ऑपरेशनल उड़ान) के बाद एक संबोधन के दौरान इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि भारत एक क्षेत्रीय खिलाड़ी से एक प्रमुख वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनने की यात्रा की दिशा में बढ़ रहा है।

YOU MAY ALSO LIKE

दाल का आयात बिल 14,634 करोड़ रुपये घटा

सप्ताह की समीक्षा: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, GST नियमों में राहत और रिकॉर्ड रक्षा निर्यात

इसरो नए साल की पहली लॉन्चिंग के लिए तैयार
पीएसएलवी-सी62 मिशन 12 जनवरी को सुबह 10:17 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से उड़ान भरेगा। यह इसरो के भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी की 64वीं उड़ान होगी। इस मिशन का मुख्य पेलोड ईओएस-एन1 है जिसे ‘अन्वेषा’ नाम दिया गया है। ये हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग के लिए एक एडवांस्ड टूल है। यह एक एडवांस्ड टेक्नीक है जो इमेज के हर पिक्सेल के लिए लाइट वेवलेंथ का डिटेल्ड डेटा कैप्चर करती है न कि सिर्फ लाल, हरा और नीला।

फरवरी में पीएसएलवी-एन1 मिशन- पहली बार ऐसा होगा जब कोई पीएसएलवी रॉकेट पूरी तरह से एक भारतीय इंडस्ट्री कंसोर्टियम (एचएएल और एलएंडटी) द्वारा बनाया गया है। यह प्राइवेटाइजेशन की दिशा में एक बड़े कदम के तहत होगा। यह सैटेलाइट समुद्र विज्ञान से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा देगा जिससे मछली उद्योग से लेकर जलवायु अनुसंधान तक सभी चीजों में मदद मिलेगी।

मार्च, 2026 के लिए तय गगनयान जी1 मिशन इस शेड्यूल का सबसे खास हिस्सा है। एक ह्यूमन-रेटेड एलवीएम3 (लॉन्च व्हीकल मार्क III) रॉकेट व्योममित्र, जो एक महिला ह्यूमनॉइड रोबोट है, को ऑर्बिट में ले जाएगा। यह बिना क्रू वाली उड़ान एक जरूरी सुरक्षा टेस्ट है। इसे लाइफ सपोर्ट, री-एंट्री और समुद्र में रिकवरी सिस्टम को वैलिडेट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

मार्च में ही टीडीएस-01 टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर भी आ रहा है। यह मिशन सैटेलाइट इंजीनियरिंग में एक शांत क्रांति का प्रतीक है। हाई-थ्रस्ट इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम का टेस्ट करके, इसरो का मकसद सैटेलाइट के फ्यूल का वजन 90 प्रतिशत तक कम करना है। केमिकल से इलेक्ट्रिक पावर में इस बदलाव से हल्के, सस्ते और अधिक समय तक चलने वाले स्पेसक्राफ्ट बनाना संभव होगा।

मार्च 2026 से पहले स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (एसएसएलवी-एल1) का एक डेडिकेटेड कमर्शियल या टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन होने की उम्मीद है। यह मिशन छोटे सैटेलाइट लॉन्च और प्राइवेटाइजेशन के क्षेत्र में प्रगति का प्रतीक है।

साल के बीच तक, जीएसएलवी-एफ17 मिशन की तरफ से एनवीएस-03 सैटेलाइट को लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। यह मिशन एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के रूप में काम करता है।

2026 के आखिर में गगनयान जी2 मिशन होगा। ये दूसरी बिना क्रू वाली ऑर्बिटल फ्लाइट होगी। 2027 में क्रू वाले मिशन से पहले यह आखिरी तैयारी होगी जो यह सुनिश्चित करेगी कि हर ऑटोमेटेड प्रोसेस बिना किसी गलती के हो। साथ ही यह साबित करेगी कि भारत इंसानी स्पेसफ्लाइट करने वाले देशों के खास क्लब में शामिल होने के लिए तैयार है।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation