• Latest
  • Trending
The ‘sin’ of Kejriwal’s ‘AAP’!

केजरीवाल की ‘आप’ का ‘पाप’!

March 29, 2024
यूपीआई और डीपीआई ने बदली भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

October 7, 2026
भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

October 6, 2026
भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा...!

भारतीय पायलट के हौसले की इंतहा…!

October 5, 2026
jai-shankar

न्यूयॉर्क में दिखी नए भारत की ‘दबंग कूटनीति’

October 5, 2026
संसद का मॉनसून सत्र 2026: हंगामे में बर्बाद हुआ समय और जनता के धन का नुकसान

लोकतंत्र में विपक्ष कितना रचनात्मक

October 5, 2026
अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

अर्थव्यवस्था के नए इंजन: उभरते 100 शहरों में 55 भारतीय

October 5, 2026
परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

परमार्थ के पथ पर अशोक सिंघल युवा उनके आदर्शों से लें प्रेरणा

October 5, 2026
स्लीमनाबाद टनल

विंध्य की धरती को मिलेगा मां नर्मदा का आशीर्वाद, जल सुरंग की खुदाई पूरी

October 5, 2026
ev-scooter

23 रुपए में दिनभर के लिए इलेक्टि्रक स्कूटर

October 5, 2026
सोना 4,550 डॉलर के पार, चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर

सोना गिरवी रखकर लोन लेने में यूपी वाले सबसे आगे

October 5, 2026
metro

मुंबई मेट्रो का महाविस्तार: 6 नए रूट पर 374 किमी में 130 स्टेशन

October 5, 2026
खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

खटमलों ने उड़ाई अफसरों की नींद

October 5, 2026
Wednesday, October 7, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

केजरीवाल की ‘आप’ का ‘पाप’!

by ब्लिट्ज़ इंडिया
March 29, 2024
in the blitz
0
The ‘sin’ of Kejriwal’s ‘AAP’!
राकेश शर्मा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति केस में प्रवर्तन निदेशालय ने दो घंटों की गहन पूछताछ के बाद आख़िर गिरफ़्तार कर ही लिया। अब केजरीवाल की विश्वसनीयता पर अनेक सवाल उठ खड़े हुए हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की रीति-नीति, कार्यशैली व सियासत झूठ पर टिकी है।

घटनाक्रम से अब स्पष्ट हो गया है कि न तो दिल्ली की जनता केजरीवाल का साथ देने वाली है और न ही उनकी गिरफ्तारी से किसी को उनके प्रति सहानुभूति हुई है। राजनीतिक टिप्पणीकार साफ कह रहे हैं कि केजरीवाल के साथ आज केवल आप के कुछ लाभार्थी व गिनती के गिने-चुने वे ‘इंडी’ नेता हैं जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर केजरीवाल सत्ता में आए।

YOU MAY ALSO LIKE

कर्ज महंगा, पर अर्थव्यवस्था 7.1% की रफ्तार पर

भारत विकास: वीजा, रक्षा, खेल और ऊर्जा की बड़ी खबरें

सवाल पूछा जा रहा है कि अन्ना आंदोलन से उपजे नेता ने ऐसा क्या कर दिया कि देश-प्रदेश के लोगों का विश्वास उनसे बिल्कुल उठ गया। आज कोई भी उनकी इस बात पर यकीन करने को तैयार नहीं है कि वह निर्दोष हैं और बदले की भावना से उन्हें फंसाया गया है।

पूरी दाल ही काली
कुछ टिप्पणीकार कह रहे हैं कि दाल में कुछ काला है, कुछ का तो यहां तक कहना है कि आप और अरविंद केजरीवाल की सियासत की पूरी दाल ही काली है। कहा जा रहा है कि दिल्ली प्रदेश की जनता भोली है और आम आदमी पार्टी ने उसकी भावनाओं से खिलवाड़ करके सत्ता हथिया ली।

सारी हकीकत समझ चुकी जनता
जनता अब सारी हकीकत समझ चुकी है, वह केजरीवाल के झांसे में नहीं आने वाली। जनता अतीत में जो भूल कर चुकी, उसे फिर नहीं दोहराने वाली। समझदार जनता और ईमानदार सरकारी एजेंसियां केजरीवाल को सच का आईना दिखा कर दूध का दूध और पानी का पानी करने में अब कोई कसर नहीं छोड़ने वाली।

सदैव अपने को क़ानून से ऊपर समझा
यह आरोप भी काफी गंभीर है कि केजरीवाल ने संवैधानिक पद पर रहते हुए भी सदैव अपने को क़ानून से ऊपर समझा और प्रवर्तन निदेशालय के नौ समनों की अवहेलना की। इसका क्या अर्थ लगाया जाए। कानून के प्रति इतना निरंकुश होकर केजरीवाल क्या साबित करना चाहते थे? क्या देश के संविधान पर वह विश्वास नहीं करना चाहते?

हर समन के बाद नया बहाना
हर समन के बादएक नया बहाना बनाकर अधिकारियों के समक्ष उपस्थित न होने का क्या कारण हो सकता है? अधिकारियों की संवेदनशीलता को मुख्यमंत्री ने क्या उनकी कमजोरी समझ लिया था। ईडी के अधिकारियों ने हर कार्य क़ानून सम्मत तरीके से किया।

गंभीर आरोपों से घिरे केजरीवाल कोर्ट के सामने गिड़गिड़ाए कि समन गलत हैं और मुझे गिरफ़्तारी से बचाया जाए, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने मामले का गंभीरता से अध्यन कर केजरीवाल को कोई छूट नहीं दी। न्यायाधीशों ने इस केस में कुछ तो ग़लत पाया होगा जो केजरीवाल के नामी वकील की पैरवी का कोई असर नहीं हुआ।

बचाव के सारे कानूनी रास्ते बंद हो जाने पर ही ईडी पूछताछ करने केजरीवाल ‘शीशमहल’ पहुंची और जब वहां भी मुख्यमंत्री ने कोई सहयोग नहीं किया तभी उन्हें गिरफ़्तार किया गया। लगभग दो वर्ष के अंतराल में शराब नीति घोटाले में यह सोलहवीं गिरफ़्तारी है और गिरफ़्तार लोगों में से किसी को भी उच्चतम न्यायालय तक बार बार दस्तक देने पर भी आज तक जमानत तक नहीं मिली है, सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका तक निरस्त हो चुकी हैं तो आप के प्रवक्ता बार बार प्रेस कांफ्रेंस कर झूठ का प्रचार क्यूं करते हैं कि कोई घोटाला ही नहीं हुआ। यदि कोई घोटाला नहीं हुआ और सर्वोच्च न्यायालय इन्हें कोई राहत नहीं दे रहा तो क्या अर्थ क्या लगाया जाए? परोक्ष रूप से आप के नेता देश की कानून एवं संवैधानिक व्यवस्था पर अविश्वास जता रहे हैं।

ShareTweetSend

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation