गुवाहाटी। मशहूर गायिका उषा मंगेशकर को बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है। असम सरकार ने उनके नाम का एलान किया है। उन्हें एक नया राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। इसका नाम ‘भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका राष्ट्रीय पुरस्कार’ है। उषा मंगेशकर इसकी पहली विजेता होंगी। उन्हें 10 लाख रुपये की राशि मिलेगी। इसके साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम 29 नवंबर को आयोजित होगा। इसका आयोजन नई दिल्ली में होगा। भारत मंडपम में मुख्य समारोह रखा गया है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने किया एलान
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। असम कैबिनेट ने पुरस्कार को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य भूपेन हजारिका की विरासत को सहेजना है। संगीत और संस्कृति की हस्तियां सम्मानित होंगी।
कला और सिनेमा को भी शामिल किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की हस्तियों का चयन होगा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति वाले कलाकार भी पात्र होंगे। यह पुरस्कार हर साल नहीं मिलेगा। इसे हर तीन साल में दिया जाएगा।
क्यों चुनी गईं उषा मंगेशकर?
उषा मंगेशकर मशहूर पार्श्व गायिका हैं। भारतीय संगीत में उनका लंबा योगदान है। उन्होंने कई भाषाओं में गीत गाए हैं। असम सरकार ने उनके योगदान को सम्मान दिया है। भूपेन हजारिका के कार्यों से उनका जुड़ाव भी रहा है। इसी आधार पर उनका चयन किया गया।
भूपेन हजारिका जन्म शताब्दी का समापन
भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी मनाई जा रही है। इसके लिए सालभर कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब इन कार्यक्रमों का समापन होगा। 29 नवंबर को बड़ा समारोह आयोजित होगा। प्रधानमंत्री मोदी इसमें हिस्सा लेंगे। सरकार को बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। करीब 5 से 7 हजार लोग पहुंच सकते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आएंगे।
श्रेया घोषाल, शंकर महादेवन देंगे श्रद्धांजलि
समारोह में कई बड़े गायक शामिल होंगे। कविता कृष्णमूर्ति कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। शंकर महादेवन भी प्रस्तुति देंगे। श्रेया घोषाल भी कार्यक्रम में शामिल होंगी। असम के कलाकार भी प्रस्तुति देकर भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि देंगे। उनकी रचनाओं को मंच पर पेश किया जाएगा। एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसमें हजारिका की विरासत दिखाई जाएगी। उनकी कालजयी रचनाओं को पेश किया जाएगा।
1926 में हुआ था जन्म
भूपेन हजारिका का जन्म असम में 8 सितंबर 1926 को हुआ था। जन्मस्थान सादिया बताया जाता है। वह गायक और संगीतकार थे। उन्होंने कविताएं भी लिखीं। उनकी रचनाओं में मानवता का संदेश था। सामाजिक सद्भाव भी प्रमुख विषय रहा। 5 नवंबर 2021 को उनका निधन हो गया। वर्ष 2019 में उन्हें देश का सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न (मरणोपरांत) मिला था।
उनके सम्मान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 100 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी कर चुके हैं।














