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अपाचे हेलीकॉप्टर व हॉवित्जर डील से और मजबूत होंगी सेनाएं

अमेरिका ने दी मंजूरी, सपोर्ट सेवाएं और उपकरण भी डील में शामिल

by ब्लिट्ज़ इंडिया
June 1, 2026
in the blitz
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ब्लिट्ज ब्यूरो

वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों और एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए सपोर्ट सेवाओं और संबंधित उपकरणों की संभावित बिक्री को मंज़ूरी दे दी है। यह डील 428 मिलियन डॉलर से ज़्यादा की है।

अपाचे हेलीकॉप्टरों की प्रस्तावित बिक्री का अनुमान 198.2 मिलियन डॉलर है और इसमें एएच-64ई अपाचे सस्टेनमेंट सपोर्ट सेवाएं शामिल हैं। वहीं, एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्ज़र के लिए लंबे समय तक चलने वाले सस्टेनमेंट सपोर्ट की कीमत लगभग 230 मिलियन डॉलर है।

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विदेश विभाग ने बताया कि अपाचे सपोर्ट पैकेज के लिए मुख्य कॉन्ट्रैक्टर बोइंग और लॉकहीड मार्टिन होंगे। हॉवित्ज़र के सपोर्ट के लिए मुख्य कॉन्ट्रैक्टर बीएई है।

विदेश विभाग ने कहा कि भारत ने एएच-64ई अपाचे सस्टेनमेंट सपोर्ट सेवाएं; सरकार और कॉन्ट्रैक्टर की इंजीनियरिंग, तकनीकी और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सेवाएं; तकनीकी डेटा और प्रकाशन; कर्मियों का प्रशिक्षण; और लॉजिस्टिक्स तथा प्रोग्राम सपोर्ट के अन्य संबंधित तत्व खरीदने का अनुरोध किया है।
हॉवित्ज़र के लिए यूएस ने कहा कि इसमें गैर-प्रमुख रक्षा उपकरण आइटम शामिल होंगे।

यूएस विदेश विभाग ने कहा, यह प्रस्तावित बिक्री यूएस-भारत रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और एक प्रमुख रक्षा भागीदार की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करके, संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों का समर्थन करेगी। यह भागीदार इंडो-पैसिफिक और दक्षिण एशिया क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति बना हुआ है।

विदेश विभाग ने कहा कि इस बिक्री से भारत की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी, उसकी घरेलू रक्षा मज़बूत होगी और क्षेत्रीय खतरों को रोका जा सकेगा।

भारत की सैन्य क्षमताओं पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, भारत को इन उपकरणों और सेवाओं को अपने सशस्त्र बलों में शामिल करने में कोई कठिनाई नहीं होगी।

इससे पहले 9 अप्रैल को, भारतीय सेना ने पोखरण फायरिंग रेंज में ‘ब्रह्मास्त्र’ नाम के एक लाइव फायरिंग अभ्यास के दौरान अपने सबसे नए अटैक हेलीकॉप्टर, बोइंग एएच-64 अपाचे की युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया था। सेना के इस प्रदर्शन ने हाई-प्रिसिजन और नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध पर उसके बढ़ते फोकस को रेखांकित किया।

अपाचे हेलीकॉप्टरों ने एजीएम-114 हेलफायर मिसाइलों, रॉकेटों और ऑनबोर्ड गन सिस्टम का इस्तेमाल करके सटीक हमले किए, और एक नकली युद्धक्षेत्र के माहौल में तय लक्ष्यों को पूरी सटीकता के साथ भेदा। इस अभ्यास का मकसद पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच ऑपरेशनल तैयारी और तालमेल, दोनों को परखना था।

बोइंग एएच-64 अपाचे दुनिया के सबसे उन्नत मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टरों में से एक है। यह 30 एमएम चेन गन से लैस है, हेलफायर एंटी-टैंक मिसाइलें और हाइड्रा रॉकेट ले जा सकता है, और इसमें लॉन्गबो रडार और नाइट-विज़न सेंसर जैसे उन्नत टारगेटिंग सिस्टम लगे हैं। भारतीय सेना के इन सबसे नए अटैक हेलीकॉप्टरों में रात सहित सभी तरह के मौसम में काम करने की क्षमता भी है।

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