• Latest
  • Trending
बिजनेस बन गया है आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट

बिजनेस बन गया है आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट

July 4, 2026
प्रधानमंत्री जन धन योजना 2026

हर दिन बहत्तर करोड़ रुपये की बचत

August 29, 2026
CAG रिपोर्ट 17 वैज्ञानिक अनुसंधान कोष 3490 करोड़

वह कोष जो बढ़ता ही रहा

August 29, 2026
nuclear

लक्ष्य सौ, असली आँकड़ा चार

August 29, 2026
daily-news

भारत की ताजा खबरें 29 अगस्त 2026

August 29, 2026
Sarbananda-Sonowal

फाइबर पहुँचा, पर चला एक तिहाई में

August 28, 2026
पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी

गाय के पेट से निकला एक एंजाइम

August 28, 2026
daily-news

भारतनेट, जीएसटी और भारत की अर्थव्यवस्था की बड़ी खबरें

August 28, 2026
अमेरिका में भारतीय छात्रों के नए वीज़ा नियम

पंद्रह सितंबर के बाद तीस दिन

August 28, 2026
जून में महंगाई दर 4.3% रहने का अनुमान, RBI लक्ष्य के करीब

ब्याज दर वहीं, पर महंगाई का पीक बाकी

August 28, 2026
भारत इलेक्ट्रिक वाहन

हर आठ में से एक गाड़ी अब इलेक्ट्रिक

August 28, 2026
solar

बिजली क्षमता का आधा हिस्सा अब साफ़ ईंधन

August 28, 2026
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल पर एक विमान

सौ नए एयरपोर्ट, सब पुरानी हवाई पट्टियों पर

August 28, 2026
Sunday, August 30, 2026
Retail
संपर्क
डाउनलोड
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर
No Result
View All Result
Welcome To Blitz India Media
No Result
View All Result

बिजनेस बन गया है आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट

दो एक्टिविस्टों को नहीं मिली बेल

by ब्लिट्ज़ इंडिया
July 4, 2026
in the blitz
0
बिजनेस बन गया है आरटीआई : सुप्रीम कोर्ट

राजेश दुबे

नई दिल्ली। सूचना का अधिकार कानून के जरिए सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप के आरोपों से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तीखी टिप्पणी की है। इसके साथ ही कोर्ट ने दो आरटीआई कार्यकर्ताओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरटीआई एक्टिविज्म अब एक बिजनेस बन गया है। इसकी आड़ में सरकारी कर्मचारियों को अपना काम करने से रोका जा रहा है।

ये मामला पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला से जुड़ा है। यहां रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट रमेश बहल और राजीव कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दोनों ने दावा किया था कि वे एक सरकारी सड़क निर्माण परियोजना में कथित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहे थे। हालांकि उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में राहत देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया।

YOU MAY ALSO LIKE

हर दिन बहत्तर करोड़ रुपये की बचत

वह कोष जो बढ़ता ही रहा

जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कई कड़ी टिप्पणियां कीं। कोर्ट ने कहा कि आरटीआई एक्टिविज्म एक ऐसे व्यवसाय का रूप लेता जा रहा है, जो सरकारी कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोक रहा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से सीधे कई सवाल भी किए।

अदालत ने पूछा, आप लोगों को काम नहीं करने देते। सड़क निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर रखने वाले आप कौन होते हैं? क्या आप वहां इंजीनियर हैं? क्या आप कोई उच्च अधिकारी हैं? या फिर जनता के अधिकृत प्रतिनिधि हैं? अदालत की इन टिप्पणियों से संकेत मिला कि न्यायालय सरकारी परियोजनाओं में अनधिकृत हस्तक्षेप को गंभीरता से देख रहा है।

आरोप है कि दोनों कार्यकर्ताओं ने सरकारी सड़क निर्माण कार्य में बाधा डाली। उनके खिलाफ पर्यवेक्षक अधिकारी पर हमला करने, मजदूरों के साथ मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों की हरकतें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एक्ट के तहत अपराध हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस तरह की गतिविधियों को सरकारी कार्यों में हस्तक्षेप का माध्यम बताते हुए इसे येलो जर्नलिज्म यानी पीत पत्रकारिता जैसा व्यवहार करार दिया। अदालत का मानना था कि यदि कोई व्यक्ति वैधानिक अधिकारों की आड़ में सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न करता है, तो उसे संरक्षण नहीं दिया जा सकता।

आरटीआई कार्यकर्ता रमेश बहल और राजीव कुमार पहले पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन 14 मई को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों ने राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दाखिल की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

ShareTweetSend

POPULAR NEWS

  • India shows way out to UN military observer group

    संरा के सैन्य पर्यवेक्षक समूह को भारत ने दिखाया बाहर का रास्ता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • प्रोपर्टी पर जिसका 12 साल से कब्जा, वही होगा मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 12 साल से है जमीन पर कब्जा तो वही होगा असली मालिक

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गंगाजल खराब नहीं होता, लेकिन क्यों ?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • पृथ्वी का आखिरी देश जहां सूरज केवल 40 मिनट के लिए ही डूबता है

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Welcome To Blitz India Media

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation

Navigate Site

  • About
  • Our Team
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • देश
  • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय
    • उत्तर-प्रदेश
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्री
  • चुनाव विशेष
  • स्टेट-नेशनल
  • महिला-खेल
  • डाउनलोड
  • अंग्रेजी
  • संपर्क
  • ई-पेपर

© 2023 Blitz India Media -BlitzIndia Building A New Nation