भोपाल। मध्य प्रदेश में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों और उनके पैरेंट्स के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर है। अगर आप या आपके घर का कोई भी बच्चा मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपीबीएसई) के तहत कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक में पढ़ रहा है, तो आपको बोर्ड के नए नियमों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। अक्सर एग्जाम हॉल में पर्चा हाथ में आते ही बच्चे उन सवालों पर नजर दौड़ाते हैं जिनमें ‘अथवा’ लगा होता है, ताकि जो आसान लगे उसे हल कर सकें लेकिन अब बोर्ड ने इस ‘चॉइस’ वाले सिस्टम में एक बड़ा फेरबदल कर दिया है।
मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एमपी बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रश्न पत्र के पैटर्न में कुछ अहम बदलाव किए हैं। 15 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए एक आधिकारिक नोटिस में बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब मेन सब्जेक्ट्स (मुख्य विषयों) में 2 नंबर वाले जो छोटे-छोटे सवाल आते थे, उनमें बच्चों को कोई विकल्प यानी इंटरनल चॉइस नहीं दी जाएगी। आसान भाषा में समझें तो, 2 नंबर वाले जिस सवाल में पहले ‘ये करें या वो करें’ की छूट मिलती थी, अब वो खत्म हो गई है। पेपर में जो सवाल छपकर आएगा, आपको सीधे उसी का जवाब देना होगा।
क्या बदला है और क्या पहले जैसा है?
बोर्ड का यह कदम सीधे तौर पर बच्चों को विषय की गहराई तक पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करेगा। अक्सर बच्चे कुछ चैप्टर छोड़कर चले जाते थे कि ‘चॉइस’ वाले सवाल में कोई न कोई आसान सवाल तो फंस ही जाएगा लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
नया पैटर्न कैसा दिखेगा
• 2 नंबर वाले सवाल (मुख्य विषय): अब इनमें कोई इंटरनल चॉइस नहीं मिलेगी। आपको हर सवाल का जवाब देना ही होगा।
•3 नंबर वाले सवाल (मुख्य विषय): इनमें पहले की तरह ही ‘अथवा’ वाले विकल्प मिलते रहेंगे। बच्चों को यहां राहत बरकरार रहेगी।
• 4 नंबर वाले सवाल (मुख्य विषय): इसमें भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। छात्रों को पहले की तरह ही इंटरनल चॉइस मिलती रहेगी।
एक तरफ जहां मेन सब्जेक्ट्स में छोटे सवालों से चॉइस हटाई गई है, वहीं दूसरी तरफ नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क(एनएसक्यूएफ ) के तहत पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक अच्छी खबर भी है। बोर्ड ने एनएसक्यूएफ विषयों में बड़े सवालों के लिए नए विकल्प जोड़ दिए हैं। अब इन सब्जेक्ट्स में 5 नंबर और 7 नंबर वाले लंबे सवालों में छात्रों को इंटरनल चॉइस मिलेगी। इससे वोकेशनल और स्किल आधारित विषयों की तैयारी कर रहे छात्रों को एग्जाम में काफी सहूलियत हो जाएगी।
बोर्ड ने अपने नोटिस में यह भी स्पष्ट किया है कि ये बदलाव केवल प्रश्न पत्र के डिजाइन और सवालों के तरीके को लेकर हैं। परीक्षा के टाइम-टेबल, शेड्यूल या हाल ही में शुरू किए गए ‘सेकेंड एग्जाम सिस्टम’ में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।













